बुध का राशि परिवर्तन आज: इन 4 राशियों को रहना होगा सावधान, वाणी से लेकर धन तक पड़ सकता है असर

नई दिल्ली। वैदिक ज्योतिष में बुध ग्रह को बुद्धि, वाणी, व्यापार और तर्क का कारक माना जाता है। आज बुध देव मिथुन राशि में गोचर करने जा रहे हैं। इस राशि परिवर्तन का कई राशियों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा, लेकिन ज्योतिषीय गणना के अनुसार चार राशियों के जातकों को इस दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। इन राशियों के लोगों को धन, स्वास्थ्य, पारिवारिक संबंध और कार्यक्षेत्र से जुड़े मामलों में सोच-समझकर कदम उठाने की जरूरत होगी। वृषभ राशिबुध का गोचर वृषभ राशि के द्वितीय भाव, यानी धन और वाणी के स्थान में होगा। इस दौरान बोलचाल में कठोरता या स्पष्टवादिता बढ़ सकती है, जिससे परिवार या कार्यस्थल पर गलतफहमियां पैदा होने की आशंका रहेगी। आर्थिक मामलों में बिना विचार किए निवेश करने से बचें। साथ ही किसी को उधार देने से भी परहेज करें, क्योंकि धन फंसने की संभावना बन सकती है। वृश्चिक राशिवृश्चिक राशि के लिए बुध अष्टम भाव में गोचर करेंगे, जिसे गुप्त रोग, आयु और अचानक आने वाली परिस्थितियों का भाव माना जाता है। नौकरी और व्यवसाय में अप्रत्याशित रुकावटें आ सकती हैं। कार्यस्थल पर विरोधियों से सतर्क रहें और अनावश्यक विवादों से दूरी बनाए रखें। स्वास्थ्य के मामले में लापरवाही न करें, खासकर पेट और त्वचा संबंधी समस्याओं को नजरअंदाज करने से बचें। आर्थिक जोखिम लेने से भी बचना बेहतर रहेगा। धनु राशिधनु राशि के जातकों के लिए बुध का गोचर सप्तम भाव में होगा, जो वैवाहिक जीवन और साझेदारी का प्रतिनिधित्व करता है। इस दौरान जीवनसाथी के साथ मतभेद बढ़ सकते हैं, इसलिए बातचीत में संयम रखना जरूरी होगा। यदि साझेदारी में कारोबार करते हैं तो पारदर्शिता बनाए रखें। किसी भी नए समझौते या अनुबंध पर हस्ताक्षर करने से पहले सभी दस्तावेजों की अच्छी तरह जांच अवश्य करें। मीन राशिमीन राशि के लिए बुध चतुर्थ भाव में प्रवेश करेंगे, जो सुख-सुविधा, माता और संपत्ति से जुड़ा माना जाता है। इस दौरान घरेलू जीवन में कुछ परेशानियां महसूस हो सकती हैं। माता के स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ सकती है, इसलिए उनकी देखभाल पर विशेष ध्यान दें। कार्यस्थल का बढ़ता दबाव मानसिक तनाव का कारण बन सकता है। भूमि, भवन या वाहन से जुड़े मामलों में जल्दबाजी से बचें और कोई भी फैसला सोच-समझकर लें।
स्पेन से हार के साथ रोनाल्डो के वर्ल्ड कप सफर का अंत, 1-0 की जीत से क्वार्टर फाइनल में पहुंची स्पेन

नई दिल्ली। फुटबॉल के महान खिलाड़ी क्रिस्टियानो रोनाल्डो का वर्ल्ड कप सफर स्पेन के खिलाफ हार के साथ समाप्त हो गया। राउंड ऑफ 16 में खेले गए मुकाबले में स्पेन ने पुर्तगाल को 1-0 से हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। अर्लिंगटन में खेले गए इस मुकाबले के बाद 41 वर्षीय रोनाल्डो का छठा और अंतिम वर्ल्ड कप अभियान खत्म हो गया। मैच समाप्त होने के बाद रोनाल्डो भावुक नजर आए। उन्होंने मैदान से बाहर जाते समय दर्शकों की ओर हाथ हिलाकर उनका अभिवादन किया और समर्थन के लिए आभार जताया। उनकी नम आंखों ने प्रशंसकों को भी भावुक कर दिया। गोल करने के कई मौके, लेकिन सफल नहीं हुए रोनाल्डोमुकाबले में रोनाल्डो के पास गोल करने के कुछ अच्छे अवसर आए, लेकिन स्पेन के गोलकीपर उनाई सिमोन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए उन्हें सफल नहीं होने दिया। रोनाल्डो ने पूरे मैच में तीन शॉट लगाए, जिनमें दो सीधे गोलपोस्ट की ओर थे। एक अहम मौके पर जोआओ फेलिक्स के हेडर के बाद गेंद सिमोन के कंधे से टकराई। इसके बाद रोनाल्डो ने बैक-किक से गोल करने की कोशिश की, लेकिन हवा में रहते हुए भी सिमोन ने दोनों हाथों से गेंद को सुरक्षित पकड़ लिया। आखिरी मैच नहीं बनाना चाहते थेमैच से एक दिन पहले रोनाल्डो ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि वह उम्मीद करते हैं कि यह उनका आखिरी मुकाबला साबित न हो और वह अपने अंतिम वर्ल्ड कप के हर पल का आनंद लेना चाहते हैं। अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में रोनाल्डो के नाम सर्वाधिक 146 गोल दर्ज हैं। वर्ल्ड कप इतिहास में उन्होंने कुल 11 गोल किए हैं, जिससे वह सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ियों की सूची में नौवें स्थान पर हैं। वर्ष 2006 में अपने पहले वर्ल्ड कप में वह पुर्तगाल को सेमीफाइनल तक ले गए थे, जो इस टूर्नामेंट में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा। स्पेन ने बनाया नया रिकॉर्डस्पेन ने इस जीत के साथ एक नया वर्ल्ड कप रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। टीम ने लगातार छठे मैच में क्लीन शीट बरकरार रखी, जो टूर्नामेंट के इतिहास में पहली बार हुआ है। इससे पहले यह रिकॉर्ड इटली और स्विट्जरलैंड के नाम था। स्पेन के गोलकीपर उनाई सिमोन ने भी लगातार 609 मिनट तक गोल नहीं खाने का नया कीर्तिमान बनाया। उन्होंने इस मामले में इटली के दिग्गज गोलकीपर वाल्टर जेंगा का 1990 का रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया।
मंगलवार वास्तु टिप्स बजरंगबली को प्रसन्न करने और नकारात्मक ऊर्जा दूर करने के आसान उपाय

नई दिल्ली । मंगलवार का दिन भगवान हनुमान और मंगल ग्रह को समर्पित माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन किए गए पूजा पाठ और वास्तु उपाय जीवन में आने वाली बाधाओं को कम करने तथा सुख समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने में सहायक माने जाते हैं। यदि घर या कार्यस्थल पर लगातार तनाव आर्थिक परेशानी या नकारात्मकता महसूस हो रही है तो मंगलवार के दिन कुछ सरल वास्तु नियमों का पालन करना लाभकारी माना जाता है। इन उपायों को अपनाने से घर का वातावरण शांत और ऊर्जावान बना रहता है तथा आत्मविश्वास में भी वृद्धि होती है। वास्तु शास्त्र के अनुसार मंगलवार की सुबह घर की अच्छी तरह सफाई करनी चाहिए। मुख्य द्वार और आंगन को साफ रखने से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है। घर के प्रवेश द्वार पर स्वच्छता बनाए रखना शुभ माना जाता है क्योंकि यहीं से सुख समृद्धि और शुभ ऊर्जा का आगमन होता है। मंगलवार के दिन भगवान हनुमान की पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है। सुबह या शाम हनुमान मंदिर जाकर सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित करना शुभ माना जाता है। घर में हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करने से मानसिक शांति मिलती है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होने की मान्यता है। वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार मंगलवार को घर के दक्षिण दिशा वाले भाग को साफ और व्यवस्थित रखना चाहिए। यह दिशा मंगल ग्रह से जुड़ी मानी जाती है। इस स्थान पर अनावश्यक कबाड़ या टूटी हुई वस्तुएं रखने से बचना चाहिए क्योंकि इससे सकारात्मक ऊर्जा प्रभावित हो सकती है। यदि घर में लंबे समय से आर्थिक परेशानियां बनी हुई हैं तो मंगलवार को लाल रंग का फूल या लाल वस्त्र भगवान हनुमान को अर्पित करना शुभ माना जाता है। जरूरतमंद लोगों को लाल मसूर की दाल गुड़ या लाल रंग के फल दान करना भी मंगलकारी माना जाता है। दान करने से जीवन में शुभ फल मिलने की मान्यता है। घर में तुलसी के पौधे और पूजा स्थल की नियमित सफाई भी मंगलवार के दिन विशेष महत्व रखती है। शाम के समय शुद्ध घी या तिल के तेल का दीपक जलाने से घर का वातावरण सकारात्मक बना रहता है। माना जाता है कि इससे नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव कम होता है और परिवार में सुख शांति बनी रहती है। मंगलवार को क्रोध और कटु वाणी से बचने की भी सलाह दी जाती है। परिवार के सदस्यों के साथ प्रेम और सम्मान का व्यवहार करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। इस दिन किसी जरूरतमंद की सहायता करना और पशु पक्षियों को भोजन कराना भी शुभ माना गया है। वास्तु के अनुसार यदि घर में बार बार विवाद या तनाव की स्थिति बनती है तो मंगलवार को कपूर जलाकर पूरे घर में उसकी सुगंध फैलाना लाभकारी माना जाता है। इससे वातावरण शुद्ध होता है और मानसिक तनाव कम होने की मान्यता है। साथ ही पूजा स्थान पर नियमित दीपक जलाने से आध्यात्मिक ऊर्जा बढ़ती है। धार्मिक और वास्तु मान्यताओं के अनुसार मंगलवार के दिन अपनाए गए ये छोटे छोटे उपाय जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में सहायक माने जाते हैं। हालांकि इन्हें आस्था और परंपरा से जुड़े उपायों के रूप में ही देखा जाना चाहिए। यदि व्यक्ति सकारात्मक सोच के साथ नियमित परिश्रम और सदाचार अपनाता है तो सफलता और सुख समृद्धि की राह और भी आसान हो सकती है।
MP में सरकारी व्यवस्था पर सवाल: 6 साल में नहीं बना अस्पताल, कागजों में चलती रहीं 87 कर्मचारियों की पोस्टिंग

इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर जिले से सरकारी कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने वाला एक मामला सामने आया है। खजराना क्षेत्र में छह वर्ष पहले 100 बिस्तरों वाले सिविल अस्पताल की स्वीकृति दी गई थी, लेकिन आज तक अस्पताल का भवन तैयार नहीं हो सका। इसके बावजूद अस्पताल के नाम पर 87 पद स्वीकृत हुए और वर्षों तक डॉक्टरों व अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की नियुक्तियां तथा तबादले होते रहे। जानकारी के अनुसार, 23 जून 2020 को खजराना में 100 बेड के सिविल अस्पताल की मंजूरी दी गई थी। इसके लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों, मेडिकल ऑफिसर, स्टाफ नर्स, लैब टेक्नीशियन, फार्मासिस्ट और अन्य कर्मचारियों सहित कुल 87 पद स्वीकृत किए गए थे। हालांकि छह साल बीतने के बाद भी अस्पताल के लिए भूमि आवंटित नहीं हो सकी और निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया। भवन नहीं बना, फिर भी होती रहीं पोस्टिंगसबसे बड़ा सवाल यह है कि जब अस्पताल का अस्तित्व केवल कागजों तक सीमित था, तब उसके नाम पर कर्मचारियों की पदस्थापना और तबादले कैसे किए जाते रहे। जानकारी के मुताबिक, 15 जून 2026 को भी एक लैब टेक्नीशियन की पदस्थापना सिविल अस्पताल, खजराना के नाम पर की गई। स्वास्थ्य विभाग ने बताई वजहमुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. माधव हसानी ने कहा कि शहरी क्षेत्र में सरकारी जमीन उपलब्ध कराना आसान नहीं है। इसी कारण अस्पताल भवन का निर्माण शुरू नहीं हो पाया। उन्होंने बताया कि अस्पताल के लिए स्वीकृत नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ को फिलहाल शहर के संजीवनी क्लीनिकों और अन्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में सेवाएं देने के लिए तैनात किया गया है। स्वास्थ्य मंत्री बोले- पोर्टल बंद किया गयाउप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला ने कहा कि संबंधित स्थान पर पहले अर्बन प्राइमरी हेल्थ सेंटर (UPHC) था, जिसे बाद में सिविल अस्पताल के रूप में अपग्रेड किया गया। लेकिन जमीन उपलब्ध नहीं होने के कारण भवन का निर्माण नहीं हो सका। उन्होंने बताया कि अस्पताल का नाम विभागीय पोर्टल पर दर्ज रहने की वजह से नियुक्तियों और तबादलों की प्रक्रिया जारी रही। अब ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए संबंधित पोर्टल बंद कर दिया गया है और पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए गए हैं। कांग्रेस ने उठाए सवालइस मामले को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधा है। पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने इसे बड़ा प्रशासनिक घोटाला बताते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि अस्पताल का निर्माण हुए बिना कर्मचारियों की नियुक्तियां और तबादले होना गंभीर मामला है और कांग्रेस आगामी विधानसभा सत्र में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाएगी। तीन लाख से अधिक आबादी प्रभावितफिलहाल इस अस्पताल के लिए स्वीकृत स्टाफ पीसी सेठी अस्पताल, हुकुमचंद अस्पताल और अन्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में सेवाएं दे रहा है। वहीं खजराना, मुसाखेड़ी, तेजाजी नगर, बिचौली हप्सी और आसपास के तीन लाख से अधिक लोगों को आज भी इलाज के लिए एमवाय अस्पताल, एमटीएच और जिला अस्पताल पर निर्भर रहना पड़ रहा है। यदि समय पर सिविल अस्पताल का निर्माण पूरा हो जाता, तो इन अस्पतालों पर मरीजों का दबाव काफी हद तक कम हो सकता था।
7 जुलाई का राशिफल किस राशि पर होगी किस्मत मेहरबान और किसे बरतनी होगी सावधानी

नई दिल्ली । 7 जुलाई 2026 का राशिफल कई राशियों के लिए नए अवसर लेकर आ सकता है। मिथुन राशि वालों को शुभ समाचार मिल सकते हैं जबकि कुछ राशियों को सोच समझकर निर्णय लेने की सलाह दी गई है। मेषकार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। आर्थिक मामलों में जल्दबाजी से बचें। परिवार का सहयोग मिलेगा और स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। वृषभधन संबंधी मामलों में लाभ के संकेत हैं। नौकरी और कारोबार में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। किसी पुराने मित्र से मुलाकात संभव है। मिथुनदिन खुशियां लेकर आ सकता है। लंबे समय से रुके कार्य पूरे होने के योग हैं। करियर में नई संभावनाएं बनेंगी और परिवार में सुखद माहौल रहेगा। हालांकि महत्वपूर्ण निर्णय सोच समझकर लें क्योंकि बुध की स्थिति के कारण संवाद में सावधानी रखना लाभदायक रहेगा। कर्कआर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है। कार्यस्थल पर आपके प्रयासों की सराहना होगी। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा। सिंहआत्मविश्वास बढ़ेगा और नए अवसर मिल सकते हैं। विद्यार्थियों और नौकरीपेशा लोगों के लिए दिन अनुकूल रहेगा। किसी वरिष्ठ का सहयोग प्राप्त होगा। कन्याकाम का दबाव रह सकता है लेकिन धैर्य बनाए रखने से सफलता मिलेगी। खर्चों पर नियंत्रण रखें और सेहत का ध्यान रखें। तुलासाझेदारी और व्यापार में लाभ मिलने की संभावना है। सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी और पुराने अटके काम पूरे हो सकते हैं।वृश्चिककरियर में प्रगति के अवसर मिलेंगे। किसी नए प्रोजेक्ट की शुरुआत हो सकती है। परिवार में सामंजस्य बनाए रखें। धनुयात्रा या नई योजना पर विचार कर सकते हैं। वित्तीय मामलों में दस्तावेजों की अच्छी तरह जांच करें। जल्दबाजी से बचना बेहतर रहेगा। मकरआर्थिक लाभ के योग हैं। नौकरी और व्यापार में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। महत्वपूर्ण फैसलों के लिए दिन शुभ माना जा सकता है। कुंभकार्यस्थल पर संयम और धैर्य से काम लें। परिवार के साथ समय बिताने से मानसिक शांति मिलेगी। अनावश्यक विवादों से दूर रहें। मीनरिश्तों में मधुरता बढ़ेगी। किसी पुराने कार्य में सफलता मिलने के संकेत हैं। स्वास्थ्य का ध्यान रखें और नियमित दिनचर्या बनाए रखें।
आज शेयर बाजार में कैसी रहेगी चाल निवेशकों की नजर वैश्विक संकेतों और विदेशी निवेश पर

नई दिल्ली । सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत कई अहम घरेलू और वैश्विक संकेतों के बीच होने जा रही है। निवेशकों की नजर सबसे ज्यादा विदेशी बाजारों के रुख विदेशी संस्थागत निवेशकों की खरीद बिक्री कच्चे तेल की कीमतों और रुपये की चाल पर रहेगी। इसके अलावा कंपनियों के पहली तिमाही के कारोबारी अपडेट और आगामी वित्तीय नतीजे भी बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि एशियाई बाजारों से सकारात्मक संकेत मिलते हैं और विदेशी निवेशकों की खरीदारी जारी रहती है तो सेंसेक्स और निफ्टी में शुरुआती बढ़त देखने को मिल सकती है। वहीं यदि वैश्विक स्तर पर किसी तरह की अनिश्चितता या मुनाफावसूली का दबाव बढ़ता है तो बाजार में उतार चढ़ाव भी देखने को मिल सकता है। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी में बड़े फैसले लेने से बचने की सलाह दी जा रही है। इस समय आईटी बैंकिंग ऑटो और एफएमसीजी सेक्टर के शेयरों पर निवेशकों की विशेष नजर बनी हुई है। सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों के तिमाही नतीजों का सीजन शुरू होने वाला है इसलिए इस सेक्टर में गतिविधियां बढ़ सकती हैं। बैंकिंग शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिल सकती है यदि आर्थिक संकेतक सकारात्मक बने रहते हैं। ऑटो सेक्टर में मासिक बिक्री के आंकड़ों के आधार पर चुनिंदा शेयरों में हलचल संभव है। विदेशी संस्थागत निवेशकों और घरेलू संस्थागत निवेशकों की गतिविधियां भी आज बाजार की दिशा तय करेंगी। यदि विदेशी निवेशकों की ओर से लगातार पूंजी निवेश जारी रहता है तो बाजार को मजबूती मिल सकती है। दूसरी ओर वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों या भू राजनीतिक घटनाक्रमों के कारण बिकवाली बढ़ने पर बाजार दबाव में आ सकता है। कच्चे तेल की कीमतों पर भी निवेशकों की पैनी नजर रहेगी। यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें नियंत्रित रहती हैं तो इसका सकारात्मक असर भारतीय अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार दोनों पर देखने को मिल सकता है। वहीं रुपये की मजबूती या कमजोरी भी आयात निर्यात से जुड़ी कंपनियों के शेयरों को प्रभावित कर सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा समय में बाजार में चुनिंदा शेयरों पर आधारित कारोबार देखने को मिल सकता है। मजबूत बुनियादी स्थिति वाली कंपनियों में निवेश की रणनीति बेहतर मानी जा रही है जबकि केवल अफवाहों या तेजी से बढ़ते शेयरों के पीछे भागने से बचना चाहिए। लंबी अवधि के निवेशकों के लिए अच्छी कंपनियों में चरणबद्ध निवेश अब भी बेहतर विकल्प माना जा रहा है। कुल मिलाकर आज शेयर बाजार में कारोबार के दौरान उतार चढ़ाव देखने को मिल सकता है लेकिन मजबूत आर्थिक संकेत और निवेशकों का भरोसा बाजार को सहारा दे सकते हैं। निवेशकों को सलाह है कि किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय अवश्य लें और बाजार की चाल को ध्यान में रखते हुए संतुलित रणनीति अपनाएं।
ईरान-इराक युद्ध के 38 साल बाद बदले हालात: खामेनेई के अंतिम संस्कार की रस्में इराक के पवित्र शहरों में होंगी

नई दिल्ली। कभी आठ वर्षों तक भीषण युद्ध लड़ने वाले ईरान और इराक के रिश्तों में समय के साथ बड़ा बदलाव आया है। इसी बदले हुए परिदृश्य की झलक ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार कार्यक्रम में भी देखने को मिल रही है। कार्यक्रम के अनुसार, ईरान में प्रारंभिक रस्मों के बाद उनके पार्थिव शरीर को इराक के पवित्र शिया शहरों नजफ और कर्बला ले जाया जाएगा, जहां धार्मिक अनुष्ठान आयोजित होंगे। आठ साल के युद्ध से धार्मिक जुड़ाव तकईरान और इराक के बीच वर्ष 1980 से 1988 तक चला युद्ध पश्चिम एशिया के सबसे विनाशकारी संघर्षों में गिना जाता है। उस समय इराक के तत्कालीन राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन ने 1979 की ईरानी इस्लामी क्रांति के बाद ईरान पर हमला किया था। माना जाता है कि उन्हें आशंका थी कि क्रांति का प्रभाव इराक के शिया बहुल क्षेत्रों तक फैल सकता है। इसके अलावा शत्त-अल-अरब जलमार्ग और सीमा विवाद भी दोनों देशों के बीच तनाव का प्रमुख कारण था। आठ वर्षों तक चले इस युद्ध में दोनों देशों को भारी जन-धन का नुकसान उठाना पड़ा। लाखों लोगों की जान गई और रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल जैसे गंभीर आरोप भी लगे। युद्ध समाप्त होने के बाद भी दोनों देशों के संबंध लंबे समय तक तनावपूर्ण रहे। अंतिम संस्कार का कार्यक्रमजानकारी के अनुसार, 7 जुलाई को खामेनेई के पार्थिव शरीर को ईरान के धार्मिक शहर कोम ले जाया जाएगा, जहां अंतिम संस्कार से जुड़ी रस्में पूरी होंगी। इसके बाद 8 जुलाई को इराक के पवित्र शहर नजफ और कर्बला में धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें क्षेत्र के प्रमुख शिया धार्मिक और सामाजिक प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। अंतिम चरण में उन्हें ईरान के मशहद शहर स्थित इमाम रजा के मकबरे के निकट दफनाया जाएगा। नजफ और कर्बला का धार्मिक महत्वनजफ और कर्बला दुनिया भर के शिया मुसलमानों के सबसे पवित्र धार्मिक स्थलों में शामिल हैं। किसी प्रमुख शिया धर्मगुरु के पार्थिव शरीर को इन शहरों में ले जाना केवल अंतिम संस्कार की परंपरा नहीं माना जाता, बल्कि इसे शिया इतिहास, धार्मिक विरासत और इमामों की परंपरा से जोड़कर भी देखा जाता है। विश्लेषकों का मानना है कि यह कार्यक्रम ईरान और इराक के बीच बदले राजनीतिक एवं धार्मिक संबंधों का भी प्रतीक है। आज इराक में कई शिया राजनीतिक और धार्मिक समूहों का प्रभाव है, जिनके ईरान से करीबी संबंध माने जाते हैं। ऐसे में यह अंतिम यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि क्षेत्रीय राजनीति और शिया समुदाय के बीच ईरान की भूमिका का भी महत्वपूर्ण संदेश मानी जा रही है।
एमपी में मानसून पूरी तरह सक्रिय, आज 31 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय है और जुलाई की शुरुआत से ही लगातार तेज बारिश का सिलसिला जारी है। पिछले छह दिनों से हो रही बारिश के चलते प्रदेश में औसत वर्षा का आंकड़ा करीब 7 इंच (179.6 मिमी) तक पहुंच गया है। यह सामान्य औसत 181.6 मिमी से केवल 1 प्रतिशत कम है, जबकि जून महीने में बारिश सामान्य से 33 प्रतिशत कम दर्ज की गई थी। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार प्रदेश के पश्चिमी हिस्से, विशेष रूप से भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में बारिश का असर सबसे अधिक देखने को मिल रहा है। इन क्षेत्रों के अधिकांश जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है। देवास जिले में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। 5 जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्टमंगलवार को भी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तेज बारिश की संभावना जताई गई है। गुना, अशोकनगर, विदिशा, सागर और छतरपुर जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, पन्ना, सतना, मैहर, दमोह, कटनी, जबलपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, सीहोर, हरदा, आगर-मालवा, राजगढ़, झाबुआ, अलीराजपुर, धार और बड़वानी जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावनाश्योपुर, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर, उमरिया, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, नरसिंहपुर, भोपाल, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, इंदौर, उज्जैन, नीमच, मंदसौर और रतलाम में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है। डिंडौरी में बढ़ा नदी-नालों का जलस्तर, कई गांवों का संपर्क टूटाडिंडौरी जिले में लगातार रुक-रुककर हो रही बारिश से नर्मदा और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। तुड़ार नदी की पुलिया पर पानी बहने से करंजिया ब्लॉक के कई गांवों का संपर्क कट गया है। वहीं, 11 मकानों में पानी घुसने से लोगों के घरेलू सामान को नुकसान पहुंचा है। इन जिलों में दर्ज हुई बारिशमौसम विभाग के अनुसार श्योपुर में सबसे अधिक सवा इंच वर्षा रिकॉर्ड की गई। खजुराहो और मंडला में 1 इंच, जबकि नौगांव और दमोह में पौन इंच बारिश हुई। छिंदवाड़ा, सिवनी, सीधी, टीकमगढ़, उमरिया और रीवा में करीब आधा इंच वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा जबलपुर, बैतूल, दतिया, नर्मदापुरम, खरगोन, सागर, सतना, सीहोर, छतरपुर और पांढुर्णा में भी अच्छी बारिश हुई। तापमान में आई गिरावटलगातार बारिश के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में दिन के तापमान में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई। मलाजखंड सबसे ठंडा रहा, जहां अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा सिवनी (28°), बैतूल (28.2°), पचमढ़ी (28.6°), खंडवा (29.1°), छिंदवाड़ा (29.3°) और खरगोन (29.6°) दर्ज किया गया। प्रदेश के प्रमुख शहरों में जबलपुर का अधिकतम तापमान 31.3 डिग्री, भोपाल में 33.4 डिग्री, इंदौर में 33.8 डिग्री, उज्जैन में 34 डिग्री और ग्वालियर में 36.7 डिग्री सेल्सियस रहा। पश्चिमी मध्य प्रदेश में सामान्य से 20 प्रतिशत अधिक बारिशइस वर्ष जून महीने से ही प्रदेश में आंधी और बारिश का सिलसिला बना हुआ है। 6 जुलाई तक प्रदेश में कुल 179.6 मिमी (करीब 7 इंच) बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है। यह सामान्य औसत 181.6 मिमी से सिर्फ 1 प्रतिशत कम है। हालांकि, प्रदेश के पूर्वी हिस्से में 22 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है, जबकि पश्चिमी हिस्से में सामान्य से 20 प्रतिशत अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है।
7 जुलाई से वक्री होंगे बुध, कई राशियों के खुलेंगे तरक्की के रास्ते; कुछ जातकों को निर्णय और सेहत में बरतनी होगी सतर्कता

नई दिल्ली । वैदिक ज्योतिष में बुद्धि, वाणी, तर्कशक्ति, व्यापार और संचार के कारक माने जाने वाले बुध ग्रह 7 जुलाई से वक्री अवस्था में मिथुन राशि में गोचर करने जा रहे हैं। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार बुध अपनी स्वराशि मिथुन में लगभग एक माह तक रहेंगे और इसके बाद कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। इस अवधि को व्यापार, शिक्षा, संवाद, निवेश और व्यक्तिगत निर्णयों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि इस गोचर का प्रभाव केवल व्यक्तिगत जीवन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आर्थिक गतिविधियों, मौसम और विभिन्न क्षेत्रों पर भी दिखाई दे सकता है। ज्योतिष शास्त्र में बुध ग्रह को विवेक, तार्किक क्षमता, सीखने की योग्यता, लेखन, गणित, व्यापारिक समझ और संवाद कौशल का प्रतिनिधि माना जाता है। बुध की शुभ स्थिति व्यक्ति को स्पष्ट सोच, प्रभावी अभिव्यक्ति और सही निर्णय लेने की क्षमता प्रदान करती है। वहीं यदि जन्मकुंडली में बुध कमजोर या पीड़ित हों तो भ्रम, संचार संबंधी गलतफहमियां, शिक्षा में बाधाएं, वाणी की कठोरता तथा त्वचा एवं तंत्रिका तंत्र से जुड़ी समस्याएं उत्पन्न होने की संभावना मानी जाती है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार बुध का यह वक्री गोचर देश-दुनिया की आर्थिक गतिविधियों को भी प्रभावित कर सकता है। व्यापारिक क्षेत्रों में नई संभावनाएं बनने और निवेश गतिविधियों में तेजी आने के संकेत माने जा रहे हैं। शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच कुछ क्षेत्रों में सकारात्मक रुझान देखने को मिल सकता है। वहीं मानसून के प्रभाव में सुधार और कृषि गतिविधियों को भी लाभ मिलने की संभावना व्यक्त की जाती है। हालांकि इन सभी संभावनाओं को ज्योतिषीय दृष्टिकोण पर आधारित माना जाता है। राशियों की बात करें तो मेष, वृषभ, मिथुन, सिंह, कन्या और कुंभ राशि के जातकों के लिए यह गोचर अपेक्षाकृत शुभ माना गया है। मेष राशि के लोगों का आत्मविश्वास बढ़ सकता है और कार्यक्षेत्र में संचार कौशल की सराहना मिल सकती है। वृषभ राशि के जातकों को आर्थिक मामलों में लाभ और रुका हुआ धन मिलने की संभावना मानी गई है। मिथुन राशि वालों के लिए निर्णय क्षमता और नेतृत्व कौशल मजबूत होने के संकेत हैं, जबकि सिंह राशि के लोगों के लिए आय के नए अवसर बन सकते हैं। कन्या राशि के जातकों को करियर में प्रगति तथा कुंभ राशि के विद्यार्थियों को शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिलने की संभावना व्यक्त की गई है। दूसरी ओर कुछ राशियों को इस अवधि में अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। कर्क राशि के लोगों को कानूनी मामलों और महत्वपूर्ण निर्णयों में सतर्क रहने की आवश्यकता मानी गई है। वृश्चिक राशि के जातकों को स्वास्थ्य, विशेषकर पेट और त्वचा से संबंधित समस्याओं पर ध्यान देने की सलाह दी जाती है। आर्थिक मामलों में जोखिम लेने से बचने और अनावश्यक उधार देने से भी परहेज करने की बात कही जाती है। धनु राशि के लोगों के लिए दांपत्य जीवन और साझेदारी के कार्यों में सकारात्मक बदलाव के संकेत हैं। मकर राशि वालों को मेहनत अधिक करनी पड़ सकती है, लेकिन प्रयासों का परिणाम अनुकूल मिलने की संभावना मानी जाती है। तुला राशि के जातकों के रुके हुए कार्य पूरे हो सकते हैं, जबकि मीन राशि वालों के लिए संपत्ति, वाहन अथवा पारिवारिक सुख से जुड़े मामलों में अनुकूल परिस्थितियां बनने के संकेत बताए गए हैं। ज्योतिषीय परंपराओं में बुध ग्रह को संतुलित रखने के लिए कुछ उपाय भी बताए जाते हैं। बुधवार के दिन भगवान गणेश और मां दुर्गा की उपासना, हरी वस्तुओं का दान, गाय को हरा चारा खिलाना तथा जरूरतमंदों की सहायता करना शुभ माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इन उपायों से बुध से जुड़े अशुभ प्रभावों में कमी आ सकती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। ज्योतिष विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी ग्रह गोचर का प्रभाव प्रत्येक व्यक्ति पर उसकी जन्मकुंडली, ग्रहों की स्थिति और दशा-अंतरदशा के अनुसार अलग-अलग हो सकता है। इसलिए व्यक्तिगत स्तर पर सटीक आकलन के लिए संपूर्ण कुंडली का अध्ययन आवश्यक माना जाता है। ज्योतिषीय भविष्यवाणियां पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित होती हैं और इन्हें व्यक्तिगत आस्था के अनुरूप ही देखा जाना चाहिए।
बारिश के मौसम में यूं रखें अपनी त्वचा का खास ख्याल इन आसान स्किन केयर टिप्स से मिलेगी प्राकृतिक चमक

नई दिल्ली । बारिश का मौसम जहां गर्मी से राहत देता है वहीं यह त्वचा के लिए कई नई चुनौतियां भी लेकर आता है। हवा में बढ़ी हुई नमी पसीना धूल मिट्टी और बैक्टीरिया त्वचा पर जमा होकर कई तरह की समस्याएं पैदा कर सकते हैं। इस मौसम में ऑयली स्किन वाले लोगों को मुंहासों की परेशानी बढ़ सकती है जबकि संवेदनशील त्वचा वालों को एलर्जी खुजली और फंगल संक्रमण का खतरा अधिक रहता है। ऐसे में मानसून के दौरान नियमित और सही स्किन केयर रूटीन अपनाना बेहद जरूरी हो जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार बारिश के मौसम में सबसे पहले चेहरे की सफाई पर ध्यान देना चाहिए। दिन में दो बार हल्के फेसवॉश से चेहरा साफ करने से त्वचा पर जमा गंदगी अतिरिक्त तेल और बैक्टीरिया हट जाते हैं। बार बार चेहरा धोने से बचना चाहिए क्योंकि इससे त्वचा की प्राकृतिक नमी भी कम हो सकती है। कई लोग मानसून में मॉइस्चराइजर लगाना छोड़ देते हैं लेकिन यह सबसे बड़ी गलती मानी जाती है। बारिश के मौसम में भी त्वचा को नमी की जरूरत होती है। इसलिए हल्का और नॉन ऑयली मॉइस्चराइजर इस्तेमाल करना चाहिए ताकि त्वचा हाइड्रेट रहे और चिपचिपाहट भी महसूस न हो। बारिश के दिनों में धूप कम दिखाई देती है लेकिन अल्ट्रावॉयलेट किरणें बादलों के बीच से भी त्वचा तक पहुंचती हैं। इसलिए घर से बाहर निकलने से पहले सनस्क्रीन लगाना नहीं भूलना चाहिए। कम से कम एसपीएफ तीस वाला सनस्क्रीन त्वचा को सूरज की हानिकारक किरणों से बचाने में मदद करता है। मानसून में पसीना अधिक आने से रोमछिद्र बंद हो सकते हैं जिससे मुंहासे और ब्लैकहेड्स की समस्या बढ़ जाती है। सप्ताह में एक या दो बार हल्के स्क्रब से त्वचा की सफाई करना लाभदायक माना जाता है। हालांकि अधिक स्क्रब करने से त्वचा को नुकसान भी पहुंच सकता है इसलिए संतुलन बनाए रखना जरूरी है। त्वचा को स्वस्थ रखने के लिए केवल बाहरी देखभाल ही नहीं बल्कि खानपान भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना मौसमी फल हरी सब्जियां और विटामिन सी से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन त्वचा को अंदर से पोषण देता है। तली भुनी और अत्यधिक मीठी चीजों का सेवन कम करने से मुंहासों की समस्या भी कम हो सकती है। यदि बारिश में भीग जाएं तो घर पहुंचते ही साफ पानी से चेहरा और हाथ पैर धो लें तथा सूखे तौलिए से अच्छी तरह पोंछ लें। लंबे समय तक गीले कपड़े पहनने से फंगल संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है इसलिए जल्द से जल्द सूखे और साफ कपड़े पहनना बेहतर होता है। मेकअप का इस्तेमाल करने वालों को मानसून में हल्के और वाटरप्रूफ उत्पाद चुनने चाहिए। रात को सोने से पहले मेकअप पूरी तरह हटाकर त्वचा की सफाई करना जरूरी है ताकि रोमछिद्र बंद न हों और त्वचा स्वस्थ बनी रहे। विशेषज्ञों का मानना है कि थोड़ी सी सावधानी और नियमित देखभाल से बारिश के मौसम में भी त्वचा को स्वस्थ चमकदार और संक्रमण मुक्त रखा जा सकता है। यदि लगातार खुजली लालपन दाने या फंगल संक्रमण जैसी समस्या बनी रहे तो घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय त्वचा रोग विशेषज्ञ से सलाह लेना सबसे सुरक्षित विकल्प है।