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राजपाल यादव से लेकर शिल्पा शेट्टी तक पैसों के विवादों में घिरे बॉलीवुड के ये चर्चित सितारे

नई दिल्ली। बॉलीवुड की चमक दमक के पीछे कई बार ऐसे विवाद भी सामने आते हैं जो लंबे समय तक सुर्खियों में बने रहते हैं। अभिनेता राजपाल यादव को चेक बाउंस मामले में तीन महीने की जेल की सजा सुनाए जाने के बाद एक बार फिर फिल्म इंडस्ट्री में आर्थिक विवादों की चर्चा तेज हो गई है। हालांकि राजपाल यादव ऐसे पहले अभिनेता नहीं हैं जिनका नाम पैसों से जुड़े मामलों में सामने आया हो। पिछले कुछ वर्षों में कई चर्चित अभिनेता और अभिनेत्रियां भी अलग अलग वित्तीय विवादों और जांच का सामना कर चुके हैं। राजपाल यादव का मामला उनकी फिल्म अता पता लापता से जुड़ा है। फिल्म के निर्माण के लिए उन्होंने एक कंपनी से पांच करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं हो सकी और समय पर भुगतान नहीं होने के कारण ब्याज के साथ राशि काफी बढ़ गई। इसके बाद चेक बाउंस और कर्ज अदायगी से जुड़ा मामला अदालत तक पहुंचा और अब इस मामले में उन्हें सजा सुनाई गई है। अभिनेता सोनू सूद का नाम भी आर्थिक मामलों में चर्चा में रह चुका है। प्रवर्तन निदेशालय ने एक कथित सट्टेबाजी ऐप से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उनसे पूछताछ की थी। जांच के दौरान उनकी कुछ संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच भी किया गया था। हालांकि मामले की जांच आगे भी जारी रही। दिग्गज अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती का नाम भी शारदा चिट फंड मामले में सामने आया था। इस विवाद के बाद उन्होंने राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दिया था। हालांकि बाद में उन्होंने जांच एजेंसियों के साथ सहयोग किया और अपना पक्ष भी रखा। अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस का नाम कथित 200 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कई बार सुर्खियों में रहा। उन पर आरोप है कि उन्हें आरोपी सुकेश चंद्रशेखर से महंगे उपहार और आर्थिक लाभ मिले। इसी मामले में अभिनेत्री नोरा फतेही से भी पूछताछ की जा चुकी है और उनका नाम भी जांच के दौरान सामने आया था। अमीषा पटेल भी एक पुराने चेक बाउंस विवाद को लेकर चर्चा में रही हैं। उन पर एक कार्यक्रम में शामिल नहीं होने के बाद भुगतान से जुड़े विवाद का आरोप लगा था। इस मामले में अदालत की ओर से कार्रवाई भी हुई थी जबकि अभिनेत्री का कहना रहा कि यह मामला काफी पहले सुलझाया जा चुका है। अभिनेता डिनो मोरिया का नाम मीठी नदी सफाई परियोजना से जुड़े कथित वित्तीय घोटाले की जांच के दौरान सामने आया। जांच एजेंसी ने उनसे पूछताछ की और मामले की जांच अभी भी विभिन्न स्तरों पर जारी है। श्रेयस तलपड़े भी एक कथित निवेश योजना से जुड़े विवाद में कानूनी प्रक्रिया का सामना कर चुके हैं। निवेशकों की शिकायत के आधार पर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। वहीं फिल्म निर्माता और निर्देशक राजकुमार संतोषी का नाम भी अलग अलग चेक बाउंस मामलों में सामने आता रहा है। अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी और उनके पति राज कुंद्रा का नाम भी बिटकॉइन और कथित मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों में चर्चा में रहा। प्रवर्तन निदेशालय ने जांच के दौरान उनकी कुछ संपत्तियों पर कार्रवाई भी की थी। हालांकि इन मामलों में कानूनी प्रक्रिया अलग अलग चरणों में चलती रही है। गौर करने वाली बात यह है कि किसी भी आर्थिक या वित्तीय विवाद में नाम सामने आने का अर्थ दोष सिद्ध होना नहीं होता। कई मामलों की जांच अभी भी जारी है जबकि कुछ मामलों में अदालतों में सुनवाई चल रही है। अंतिम निर्णय संबंधित न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही माना जाता है।

देशभर में हो रही झमाझम बारिश….कई राज्यों में भूस्खलन और बाढ़ ने मचाई तबाही

नई दिल्ली। पूरे देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून (South-West Monsoon) के पहुंचने के बाद झमाझम बारिश (Heavy downpour) हो रही है। पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र, विशेषतौर पर हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) और उत्तराखंड (Uttarakhand) में तो बारिश प्रचंड चरण में है। शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश में वर्षा जनित घटनाओं में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि दो घायल हो गए। दोनों राज्यों में मूसलाधार बारिश से नदियां और पहाड़ी नाले उफान पर हैं, बाढ़ और भूस्खलन ने तबाही मचा रखी है। उत्तराखंड के यमुनोत्री हाईवे के साथ दोनों राज्यों में सैकड़ों सड़के बंद हैं, संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचा है। शुक्रवार को मूसलाधार बारिश से स्थिति इतनी भयावह हुई कि कई क्षेत्रों में स्कूलों को बंद करना पड़ा। मौसम विभाग ने इन दोनों राज्यों समेत उत्तर-पश्चिम भारत और देश के कई अन्य हिस्सों में तीन-चार दिन भार बारिश का अलर्ट जारी किया है। हिमाचल प्रदेश में खराब मौसम की सबसे भारी मार सिरमौर और सोलन जिलों में पड़ी है। कुल्लू जिले में पहाड़ी से गिरे बड़े पत्थर की चपेट में आने से 70 वर्ष के एक व्यक्ति की जान चली गई। कालका-शिमला नेशनल हाईवे पर भी कई जगह भूस्खलन में लोगों के घायल होने की खबर है। त्रिपुरा में पिछले कुछ दिनों से जारी भारी बारिश के बाद बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है। राज्य के उनकोटी, खोवाई और धलाई जिले सबसे अधिक प्रभावित हैं। बाढ़ और बारिश के कारण करीब 11 हजार लोग बेघर हो गए हैं, जबकि 4,027 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। देहरादून समेत सात जिलों में स्कूल बंदमूसलाधार बारिश के कारण अचानक बाढ़ और भूस्खलन से उत्तराखंड में भी जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग समेत 118 सड़कें बंद हैं। गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग को बारिश और बार-बार हो रहे भूस्खलन के चलते अभी तक खोला नहीं जा सका है। भारी बारिश के चलते देहरादून समेत सात जिलों में शुक्रवार को 12वीं तक के स्कूल बंद रहे। हरिद्वार जिले के भगवानपुर में उफनती नदी में डूबने से 18 साल के एक लड़के की मौत हो गई है। हरियाणा, पंजाब व यूपी में भारी बारिशभारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, बीते 24 घंटों के दौरान कई राज्यों में मूसलाधार बारिश हुई। हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, दिल्ली, पश्चिमी व पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, बिहार और पूर्वोत्तर के लगभग सभी राज्यों में भारी से बहुत बारिश (7-20 सेमी) दर्ज की गई। इन राज्यों के साथ ही अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, ओडिशा, राजस्थान, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, गुजरात क्षेत्र, कच्छ, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल, केरल, रायलसीमा, तेलंगाना और कर्नाटक के अंदरूनी इलाकों में कुछ जगहों पर 40-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं भी चलीं। वायनाड में मृतक संख्या सात हुईकेरल के वायनाड जिले में भूस्खलन वाली जगह से शुक्रवार को एक और शव मिला, जिससे इस आपदा में मरने वालों की संख्या 7 हो गई है। बरामद शव की पहचान पश्चिम बंगाल के पूर्वी मिदनापुर निवासी सर्वेयर राकेश गुचैत के रूप में हुई है। उनका शव यहां मीनाक्षी पुल के पास से निकाला गया। हिमाचल प्रदेश के कंस्ट्रक्शन मैनेजर विक्रम राणा अभी भी लापता हैं। गुरुवार तक, भूस्खलन वाली जगह से छह शव बरामद किए गए थे। बता दें कि सात जुलाई को अनाक्कोम्पोयिल-मेप्पाडी टनल प्रोजेक्ट वाली जगह पर भूस्खलन हुआ था। यह टनल वायनाड और कोझिकोड जिलों को जोड़ने के लिए बनाई जा रही है। पुणे में इमारत में अभी भी दबे हैं आठ लोग, 30 ट्रेनों को किया गया रद्दमुंबई में शुक्रवार को तो बारिश से राहत मिली, लेकिन पुणे में कूड़े के पहाड़ के नीचे गिरने से दबी इमारत में अभी भी 8 लोग फंसे हुए हैं। हादसे के तीन दिन बाद भी उन्हें बाहर नहीं निकाला जा सका है। अधिकारियों ने बताया कि लोगों को बाहर निकालने के लिए मलबा हटाने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। इमारत के सामने वाला हिस्सा पूरी तरह मलबे में दबा है, इसलिए लोगों को पीछे से रास्ता बनाकर निकालने की कोशिशें की जा रही हैं। भोर घाट खंड में भारी भूस्खलन के चलते मुंबई-पुणे कॉरिडोर पर रेल सेवा बाधित हुई, जिसके 17 जुलाई से पहले सुचारू होने की संभावना नहीं है। इसके चलते लंबी दूरी की 30 ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है।

New Drug Rules: अब डॉक्टर की पर्ची के बिना नहीं मिलेगी 12% से अधिक अल्कोहल वाली दवाएं…

नई दिल्ली। अगर आप भी अब तक पास के मेडिकल स्टोर (Medical Store) से ऐसी सिरप (Syrup) या दूसरी पीने वाली दवाएं ले आते थे जिनमें अल्कोहल (Alcohol) होता है, तो यह खबर आपके लिए जरूरी है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने शुक्रवार (10 जुलाई 2026) को दवा नियमों (New Drug Rules) में दसवां संशोधन जारी किया है। यह नया नियम, सरकारी गजट में प्रकाशित होने के छह महीने बाद प्रभावी होगा। नए नियमों (New Drug Rules) के तहत 30 एमएल से बड़ी पैकिंग और 12% से ज्यादा एथिल अल्कोहल (Ethyl Alcohol) वाली सभी ओरल दवाओं को शेड्यूल H1 में शामिल कर दिया गया है। इसका मतलब है कि अब ये दवाएं केवल डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन पर ही बेची जा सकेंगी। मेडिकल स्टोर को इनकी बिक्री का रिकॉर्ड भी निर्धारित नियमों के अनुसार रखना होगा। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा ड्रग्स रूल्स, 1945 में किए गए इस बड़े बदलाव का उद्देश्य उन दवाओं के गलत इस्तेमाल को रोकना है जिनमें एथिल अल्कोहल (Ethyl Alcohol) की मात्रा अधिक होती है। इस कदम का मकसद उन प्रोडक्ट्स को रेगुलेट करना है जिनमें अल्कोहल का ज्यादा कंसंट्रेशन होता है और जिन्हें शायद नॉन-मेडिकल इस्तेमाल के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। अभी तक कुछ आयुर्वेदिक दवाओं जैसे इलायची, अदरक और अन्य सुगंधित टिंचर को शेड्यूल-के के तहत लाइसेंस की अनिवार्यता से छूट प्राप्त थीं। इन दवाओं में कई बार 80 से 90 प्रतिशत तक एथिल अल्कोहल होता है। सरकार को आशंका थी कि इनका इस्तेमाल इलाज की बजाय नशे के लिए किया जा सकता है। इस संबंध में कई राज्यों ने भी चिंता जताई थी। इसी को देखते हुए सरकार ने नियमों में संशोधन किया है। अब 12 प्रतिशत से अधिक एथिल अल्कोहल (v/v) वाली और 30 मिलीलीटर से अधिक पैकिंग में बिकने वाली ऐसी सभी दवाओं को शेड्यूल के की छूट नहीं मिलेगी। यानी इन दवाओं के निर्माण और बिक्री के लिए अब ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 के तहत लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। दवाओं की निगरानी होगी बेहतरसरकार का कहना है कि इस बदलाव से अधिक अल्कोहल वाली दवाओं की निगरानी बेहतर होगी। इनका वितरण केवल अधिकृत दवा चैनलों के माध्यम से होगा। इससे गलत इस्तेमाल या नशे के लिए दुरुपयोग की आशंका कम होगी। साथ ही, जिन मरीजों को वास्तव में इन दवाओं की जरूरत है, उन्हें ये पहले की तरह उपलब्ध होती रहेंगी। सरकार के अनुसार यह कदम देश में दवा नियमन को और मजबूत बनाने, दवाओं के सही उपयोग को बढ़ावा देने और लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है।

MP: मंदसौर के शामगढ़ GRP थाना प्रभारी गिरफ्तार…. तस्कर को अफीम सप्लाई करने का आरोप

नीमच। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के नीमच (Neemuch) में 1.50 किलोग्राम अफीम की खेप तस्कर (Opium consignment Smuggler) को सप्लाई करने के आरोप में मंदसौर जिले (Mandsaur district) के शामगढ़ जीआरपी थाना प्रभारी (GRP Station In-charge) को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने बताया कि 7 जुलाई को एक तस्कर 4.50 किलोग्राम अफीम के साथ एनडीपीएस एक्ट में पकड़ा गया था। पूछताछ में उसने बताया कि 1.50 किलो अफीम उसे आरोपी थाना प्रभारी से हासिल की थी। आरोपी थाना प्रभारी को गिरफ्तार कर स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। जीरन थाना प्रभारी उमेश यादव ने बताया कि 7 जुलाई को मंगल सिंह नामक तस्कर को 4.50 किलोग्राम अफीम के साथ एनडीपीएस अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया था। आरोपी के पास ड्रग्स रखने या उसके परिवहन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज नहीं मिला था। थाना प्रभारी से खरीदी थी अफीमजीरन थाना प्रभारी उमेश यादव ने बताया कि सिंह से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि वह अलग-अलग लोगों से कम कीमत पर अफीम खरीदकर उसे अधिक कीमत पर दूसरे तस्करों को बेचता था। आरोपी ने यह भी बताया कि उससे बरामद 4.50 किलोग्राम अफीम में से 1.50 किलोग्राम अफीम उसे मंदसौर जिले के शामगढ़ के जीआरपी थाना प्रभारी से हासिल की थी। थाना प्रभारी अरेस्टजीरन थाना प्रभारी उमेश यादव के अनुसार, आरोपी तस्कर मंगल सिंह के बयान और जांच में सामने आए अन्य तथ्यों के आधार पर जीआरपी थाना प्रभारी को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद कन्हैयालाल भाटी को एक स्थानीय अदालत में पेश किया गया जिसने अभियोजन की गुहार पर उन्हें दो दिन के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया। नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिसपुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी थाना प्रभारी से पूछताछ कर के पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि अफीम की आपूर्ति और तस्करी के नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं। मंगल सिंह से बरामद 4.50 किलोग्राम अफीम की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 22 से 23 लाख रुपये आंकी गई है। गौरतलब है कि नीमच भी अफीम उत्पादक क्षेत्र है। इस वजह से स्थानीय स्तर पर इस ड्रग्स की कीमत अपेक्षाकृत कम रहती है। घूस लेते हुए क्लर्क गिरफ्तारवहीं एक अन्य मामले में एमपी लोकायुक्त पुलिस ने आगर जिले में जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी कार्यालय के एक क्लर्क को रिटायर अधिकारी के बकाया भुगतान के एवज में 50 हजार रुपये की घूस लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी की पहचान जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी कार्यालय, आगर में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 एवं प्रभारी लेखपाल मनीष कुमार पंड्या के रूप में हुई है।

वन नेशन-वन इलेक्शन 2029 के आम चुनाव तक लागू करने की तैयारी….99% लोग प्रस्ताव के समर्थन में

नई दिल्ली। एक देश- एक चुनाव (One Nation, One Election) को लेकर हलचल तेज होती दिख रही है। संसद (Parliament) की संयुक्त समिति के अध्यक्ष पीपी चौधरी ने शुक्रवार को गोवा में इसको लेकर बड़ा बयान दिया है। वहीं, भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर (Anurag Thakur) ने इसे गेम चेंजर बताया है। आपको बता दें कि समिति एक साथ चुनाव कराने संबंधी विधेयकों की समीक्षा कर रही। इसका उद्देश्य ऐसी व्यवस्था बनाना है जिससे ‘एक देश, एक चुनाव’ सुधार को 2029 के आम चुनाव तक लागू किया जा सके। समिति के अध्यक्ष पीपी चौधरी ने दावा करते हुए कहा कि अबतक जिन नागरिक संस्थाओं से सुझाव लिया गया है उसमें से करीब 99 फीसदी ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया है। प्रस्ताव का उद्देश्य बार-बार होने वाले चुनाव से होने वाले अनुमानित सात लाख करोड़ रुपये के आर्थिक नुकसान को रोकना है। पीपी चौधरी ने कहा कि गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली समेत कई राज्यों का दौरा पूरा हो चुका है। यहां संविधान विशेषज्ञों, नागरिक संस्थाओं, शिक्षाविदों और अन्य संबंधित लोगों से बातचीत हुई है। जिन लोगों से सलाह ली गई उनमें से अधिकतर ने एक साथ चुनाव कराने के विचार का समर्थन किया है। अब कोशिश ऐसी व्यवस्था बनाने की है जिसे सभी राजनीतिक दल स्वीकार करें। इसे लागू करने की समय सीमा के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि समिति कई विकल्पों पर विचार कर रही है। गेंम चेंजर साबित होगी व्यवस्थावहीं, इस मुद्दे पर भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा है कि एक देश- एक चुनाव पूरे देश के लिए गेम चेंजर साबित होगा। नई व्यवस्था से शासन व्यवस्था अधिक प्रभावी होगी, निवेश बढ़ेगा और बार-बार चुनाव कराने में लगने वाले समय एवं संसाधनों की बचत से रोजगार के अधिक अवसर पैदा होंगे। उन्होंने जीएसटी का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि एक राष्ट्र, एक कर की व्यवस्था से देश को व्यापक लाभ मिला है। बार-बार होने वाले चुनावों का असर राज्यों के राजस्व, सरकारी कामकाज, न्याय व्यवस्था, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ता है। संविधान संसोधन विधेयक पर चर्चासमिति ने गोवा में संविधान (129वां संशोधन) विधेयक, 2024 पर चर्चा शुरू की। इसकी शुरुआत मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत और उनके मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ बातचीत से हुई जिसमें एकसाथ चुनाव कराने में आने वाली चुनौतियों और उनसे निपटने के तरीकों पर उनकी राय मांगी गई। चौधरी ने बताया कि मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ ‘एक देश, एक चुनाव’ को कैसे लागू किया जा सकता है, इसमें क्या चुनौतियां हैं और सभी को स्वीकार्य संतुलन बनाए रखते हुए उन चुनौतियों को कैसे कम किया जा सकता है।

तीसरी शादी के बाद आमिर खान का बड़ा फैसला, नवनिर्मित पारिवारिक आवास में नई पत्नी गौरी स्प्रैट और पूर्व पत्नी किरन राव समेत पूरे परिवार के साथ होंगे शिफ्ट

नई दिल्ली । भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता आमिर खान इन दिनों अपनी निजी जिंदगी में आए एक बड़े बदलाव को लेकर चर्चा में हैं। हाल ही में 5 जुलाई को गौरी स्प्रैट के साथ सादगी से शादी के बंधन में बंधने के बाद, अभिनेता अब अपने जीवन के एक नए अध्याय की शुरुआत करने जा रहे हैं। अपनी इस नई शुरुआत के साथ ही वह अपने पुराने और बेहद खास पारिवारिक आवास में वापस लौटने की तैयारी कर रहे हैं, जो पिछले काफी समय से पुनर्निर्माण के दौर से गुजर रहा था। आमिर खान का प्रतिष्ठित पारिवारिक निवास ‘मरीना अपार्टमेंट्स’ अब पूरी तरह से सज-धज कर तैयार हो चुका है। इस बहुमंजिला इमारत के पुनर्निर्माण कार्य के चलते अभिनेता पिछले कुछ समय से मुंबई के पाली हिल इलाके में एक किराए के अपार्टमेंट में रह रहे थे। इसी अस्थाई आवास में उन्होंने बेहद निजी और घरेलू माहौल के बीच गौरी स्प्रैट के साथ अपनी तीसरी शादी की कानूनी रस्में पूरी की थीं। अब इस विवाह के संपन्न होने के बाद, न्यूली वेड्स कपल अपने इस ऐतिहासिक फैमिली हाउस में शिफ्ट होने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस आलीशान और आधुनिक बहुमंजिला इमारत की सबसे अनूठी बात यह है कि यहां केवल आमिर खान और उनकी नई पत्नी ही नहीं, बल्कि उनका पूरा विस्तृत परिवार एक साथ एक ही छत के नीचे निवास करेगा। प्राप्त जानकारियों के अनुसार, अभिनेता ने इस पूरी बिल्डिंग में अपने परिवार के विभिन्न सदस्यों के लिए अलग-अलग फ्लोर्स और अपार्टमेंट्स आवंटित किए हैं, जिससे पारिवारिक जुड़ाव भी बना रहे और हर सदस्य की निजता का भी सम्मान हो सके। सामने आई विवरणों के मुताबिक, आमिर खान ने इस नवनिर्मित मरीना अपार्टमेंट्स में अपने लिए कुल तीन फ्लोर्स आरक्षित किए हैं। इन तीन मंजिलों में से दो फ्लोर पर आमिर खान अपनी तीसरी पत्नी गौरी स्प्रैट और उनकी पहली शादी से हुए सौतेले बेटे के साथ रहेंगे। वहीं, अभिनेता ने एक पूरा फ्लोर विशेष रूप से पारिवारिक आयोजनों, उत्सवों, पार्टियों और गेट-टुगेदर के लिए समर्पित किया है, जहां पूरा परिवार एक साथ समय बिता सकेगा। इस पुनर्विकसित इमारत की सबसे ज्यादा ध्यान खींचने वाली व्यवस्था यह है कि इसी बिल्डिंग में एक अपार्टमेंट आमिर खान की दूसरी पूर्व पत्नी किरन राव और उनके बेटे आज़ाद राव खान के नाम भी आवंटित किया गया है। किरन राव और आज़ाद भी इसी इमारत के एक हिस्से में स्वतंत्र रूप से रहेंगे, जो आधुनिक पारिवारिक ताने-बाने की एक बेहद परिपक्व और अनूठी मिसाल पेश करता है। इसके साथ ही, आमिर के बड़े बेटे जुनैद खान के लिए भी इमारत में एक पूरा फ्लोर विशेष रूप से तैयार किया गया है। अपने बच्चों और जीवनसाथी के अलावा, आमिर खान ने अपनी मां और बहनों के रहने की व्यवस्था भी इसी परिसर में की है। अभिनेता की मां जीनत हुसैन, और उनकी बहनें निखत खान व फरहत दत्ता भी इसी नवनिर्मित बहुमंजिला आवास के अलग-अलग अपार्टमेंट्स में निवास करेंगी। इस प्रकार, आमिर खान का यह नया आशियाना उनके पूरे कुनबे को एक साथ लाने का माध्यम बनने जा रहा है। इस विशाल आवासीय परियोजना के निर्माण से जुड़ी वित्तीय जानकारियों के अनुसार, आमिर खान ने अपने इस पारिवारिक घर को आधुनिक सुख-सुविधाओं से लैस करने और इसे नए सिरे से आलीशान रूप देने के लिए पहले ही लगभग 100 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि एडवांस के रूप में भुगतान की थी। लंबे इंतजार और भारी निवेश के बाद तैयार हुआ यह आशियाना अब पूरी तरह से रहने योग्य हो चुका है, और अभिनेता बहुत जल्द अपने पूरे परिवार के साथ इस नए ठिकाने पर गृह प्रवेश करने वाले हैं। 5 जुलाई को हुई एक संक्षिप्त और पारिवारिक रजिस्टर्ड मैरिज के बाद, सोशल मीडिया पर इस नवविवाहित जोड़े की तस्वीरें और वीडियो लगातार सुर्खियां बटोर रहे हैं। अब इस भव्य पारिवारिक पुनर्मिलन और नए घर में शिफ्ट होने की खबर ने प्रशंसकों और सिनेमा जगत का ध्यान एक बार फिर अपनी ओर खींचा है। आमिर खान का यह कदम उनके पारिवारिक मूल्यों और सभी को साथ लेकर चलने की उनकी व्यक्तिगत शैली को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।

शनि देव को प्रसन्न करने के लिए अपनाएं ये आसान नियम शनिवार की पूजा में भूलकर भी न करें ये गलतियां

नई दिल्ली । सनातन धर्म में शनिवार का दिन न्याय के देवता और कर्मफलदाता भगवान शनि को समर्पित माना जाता है। मान्यता है कि शनि देव व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल प्रदान करते हैं। इसलिए उनकी पूजा केवल भय के कारण नहीं बल्कि आत्मअनुशासन सच्चे आचरण और सकारात्मक जीवनशैली का प्रतीक भी मानी जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यदि शनिवार के दिन विधिपूर्वक शनि पूजा की जाए और कुछ विशेष नियमों का पालन किया जाए तो जीवन में आने वाली अनेक परेशानियां धीरे धीरे कम होने लगती हैं तथा सुख समृद्धि और मानसिक शांति की प्राप्ति होती है। शनिवार की सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद स्वच्छ और गहरे रंग के वस्त्र धारण करना शुभ माना जाता है। इसके बाद शनि देव के मंदिर में जाकर या घर के पूजा स्थल पर उनकी प्रतिमा अथवा चित्र के सामने श्रद्धापूर्वक पूजा करनी चाहिए। पूजा के दौरान तिल के तेल का दीपक जलाना अत्यंत शुभ माना जाता है। काले तिल उड़द की दाल नीले या काले पुष्प और शमी के पत्ते अर्पित करने की परंपरा भी प्रचलित है। श्रद्धा और विश्वास के साथ शनि मंत्र तथा शनि चालीसा का पाठ करने से मन को शांति मिलती है और आध्यात्मिक ऊर्जा बढ़ती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शनिवार के दिन पीपल के वृक्ष के नीचे तिल के तेल का दीपक जलाना भी शुभ माना जाता है। इस दौरान भगवान शनि के साथ भगवान हनुमान का स्मरण करना विशेष फलदायी माना जाता है। मान्यता है कि हनुमान जी की आराधना करने से शनि दोष का प्रभाव कम होता है और व्यक्ति को साहस तथा आत्मबल प्राप्त होता है। शनिवार की पूजा केवल पूजा सामग्री तक सीमित नहीं होती बल्कि व्यवहार और आचरण का भी विशेष महत्व माना गया है। इस दिन किसी गरीब जरूरतमंद वृद्ध या दिव्यांग व्यक्ति की सहायता करना पुण्यदायी माना जाता है। काले तिल काला वस्त्र उड़द की दाल या लोहे से बनी उपयोगी वस्तुओं का दान अपनी क्षमता के अनुसार किया जा सकता है। इसके साथ ही पशु पक्षियों विशेषकर कौओं और काले कुत्तों को भोजन कराना भी शुभ माना जाता है। धार्मिक परंपराओं में यह भी बताया गया है कि शनिवार के दिन झूठ बोलने क्रोध करने किसी का अपमान करने या अनावश्यक विवाद से बचना चाहिए। किसी कमजोर व्यक्ति को कष्ट पहुंचाना या छल करना शनि देव की कृपा में बाधा माना जाता है। इसलिए इस दिन संयम विनम्रता और सेवा का भाव अपनाना अधिक महत्वपूर्ण माना गया है। जो लोग शनि की साढ़ेसाती ढैया या अन्य ज्योतिषीय प्रभावों से जुड़े उपाय करते हैं उन्हें किसी योग्य और अनुभवी ज्योतिषाचार्य की सलाह के बाद ही विशेष अनुष्ठान या रत्न धारण करना चाहिए। केवल सुनी सुनाई बातों के आधार पर कोई उपाय अपनाने से बचना चाहिए। शनिवार की पूजा का सबसे बड़ा संदेश यही है कि अच्छे कर्म ईमानदारी अनुशासन और सेवा भाव ही शनि देव को प्रसन्न करने का वास्तविक मार्ग हैं। यदि व्यक्ति अपने जीवन में सत्य परिश्रम और नैतिकता को अपनाता है तो वह न केवल आध्यात्मिक रूप से मजबूत बनता है बल्कि जीवन की कठिन परिस्थितियों का सामना भी अधिक आत्मविश्वास के साथ कर पाता है।

मर्डर मिस्ट्री से लेकर कोर्टरूम के रोमांच तक इस शानदार वेब सीरीज का हर एपिसोड करेगा हैरान

नई दिल्ली। अगर आप इस वीकेंड ऐसी वेब सीरीज की तलाश में हैं जो पहले एपिसोड से ही आपको अपनी कहानी में बांध ले और आखिर तक सस्पेंस बरकरार रखे तो जियो हॉटस्टार पर मौजूद कोर्टरूम थ्रिलर सीरीज अनटचेबल्स आपके लिए शानदार विकल्प साबित हो सकती है। वर्ष 2018 में रिलीज हुई इस सीरीज ने अपनी दमदार कहानी और कोर्टरूम ड्रामा के दम पर दर्शकों का खूब ध्यान खींचा था। यही वजह है कि इसे IMDb पर 7.8 की मजबूत रेटिंग भी मिली है। महज 15 एपिसोड में पूरी होने वाली यह सीरीज हर एपिसोड के साथ नए रहस्य और चौंकाने वाले मोड़ लेकर आती है। कहानी इतनी तेज गति से आगे बढ़ती है कि दर्शक एक एपिसोड खत्म होते ही अगले एपिसोड को देखने के लिए मजबूर हो जाते हैं। यदि आपको मर्डर मिस्ट्री और कोर्टरूम ड्रामा का मेल पसंद है तो यह सीरीज आपकी वॉचलिस्ट में जरूर होनी चाहिए। सीरीज की कहानी एक मेडिकल इंटर्न युवती के इर्दगिर्द घूमती है जो अपने परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों को निभाने के लिए एस्कॉर्ट का काम भी करती है। उसकी जिंदगी तब पूरी तरह बदल जाती है जब वह अपने एक क्लाइंट से मिलने जाती है और अगली सुबह जागने पर उसे पता चलता है कि क्लाइंट की हत्या हो चुकी है। परिस्थितियां ऐसी बनती हैं कि हत्या का आरोप उसी पर लग जाता है और देखते ही देखते पूरा समाज उसे अपराधी मान लेता है। सबसे बड़ी मुश्किल तब सामने आती है जब कोई भी वकील उसका केस लड़ने के लिए तैयार नहीं होता। ऐसे समय में उसकी जिंदगी में एक ऐसे वकील की एंट्री होती है जिसने अपनी बेटी की मौत के बाद वकालत छोड़ दी थी। वह न सिर्फ युवती का केस स्वीकार करता है बल्कि सच सामने लाने की ठान लेता है। यहीं से कोर्टरूम में शुरू होती है ऐसी कानूनी लड़ाई जिसमें हर सुनवाई के साथ नए राज खुलते हैं और कहानी लगातार रोमांचक होती चली जाती है। इस मुकदमे की सबसे दिलचस्प बात यह है कि अदालत में वकील का सामना उसकी अपनी अलग रह रही पत्नी से होता है जो विपक्ष की ओर से केस लड़ रही होती है। अदालत की बहस के साथ साथ वकील के निजी जीवन की पुरानी दर्दनाक यादें भी सामने आती हैं जिससे कहानी भावनात्मक और रहस्यमयी दोनों बन जाती है। यही पहलू इस सीरीज को साधारण कोर्टरूम ड्रामा से अलग पहचान देता है। सीरीज में विक्रम भट्ट ने आकाश आर्य नाम के वकील का दमदार किरदार निभाया है। उन्होंने अभिनय के साथ इसकी कहानी भी लिखी है। वहीं श्रीजिता डे ने नताशा नारंग की भूमिका में प्रभावशाली अभिनय किया है। इसके अलावा फाजिल खान सोहराब खंडेलवाल अमल शेरावत जयेश राज अनुपम बी गहोई और अरबाज अली मुगल जैसे कलाकारों ने भी अपने किरदारों को मजबूती से निभाया है। निर्देशन कृष्णा भट्ट का है जिन्होंने कहानी की गति और सस्पेंस को अंत तक बनाए रखा है। अगर आप ऐसी वेब सीरीज देखना चाहते हैं जिसमें कोर्टरूम की तीखी बहस मर्डर मिस्ट्री भावनात्मक संघर्ष और लगातार आने वाले ट्विस्ट एक साथ देखने को मिलें तो अनटचेबल्स आपके वीकेंड को पूरी तरह मनोरंजक बना सकती है। कम एपिसोड और दमदार कहानी इसे बिंज वॉच के लिए बेहतरीन विकल्प बनाती है।

बारिश के मौसम में ये फल जरूर करें अपनी डाइट में शामिल संक्रमण से बचेंगे और शरीर रहेगा ऊर्जा से भरपूर

नई दिल्ली । बरसात का मौसम जहां गर्मी से राहत देता है वहीं अपने साथ कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां भी लेकर आता है। इस दौरान नमी बढ़ने से बैक्टीरिया और वायरस तेजी से पनपते हैं जिससे सर्दी जुकाम वायरल बुखार और पेट से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे समय संतुलित आहार और सही फलों का सेवन शरीर को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पोषण विशेषज्ञ भी सलाह देते हैं कि मानसून के दौरान ऐसे फल खाएं जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाएं और पाचन तंत्र को मजबूत बनाए रखें। सेब बरसात के मौसम में सबसे सुरक्षित और लाभकारी फलों में गिना जाता है। इसमें फाइबर एंटीऑक्सीडेंट और कई जरूरी विटामिन पाए जाते हैं जो पाचन को बेहतर बनाने के साथ शरीर को ऊर्जा भी देते हैं। रोज एक सेब का सेवन शरीर को लंबे समय तक सक्रिय रखने में मदद कर सकता है। अनार भी मानसून के लिए बेहतरीन फल माना जाता है। इसमें आयरन विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में होते हैं जो खून की कमी दूर करने के साथ इम्युनिटी मजबूत करने में सहायक होते हैं। अनार का नियमित सेवन शरीर को संक्रमण से लड़ने की ताकत देता है। नाशपाती भी इस मौसम में अच्छा विकल्प है। इसमें पानी और फाइबर की मात्रा अधिक होती है जिससे शरीर हाइड्रेट रहता है और पाचन तंत्र बेहतर तरीके से काम करता है। यह कब्ज जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में भी मददगार मानी जाती है। पपीता भी मानसून के दौरान खाने योग्य फलों में शामिल है। इसमें मौजूद पपेन एंजाइम भोजन को आसानी से पचाने में मदद करता है। इसके अलावा यह विटामिन ए और विटामिन सी का अच्छा स्रोत है जो त्वचा और आंखों के साथ इम्युनिटी के लिए भी लाभकारी माना जाता है। केला भी इस मौसम में ऊर्जा देने वाला फल है। इसमें पोटैशियम और कार्बोहाइड्रेट पर्याप्त मात्रा में होते हैं जो शरीर को तुरंत ऊर्जा प्रदान करते हैं। यदि बरसात के दिनों में कमजोरी महसूस हो रही हो तो केला एक अच्छा विकल्प साबित हो सकता है। जामुन और आलूबुखारा जैसे मौसमी फल भी सीमित मात्रा में खाए जा सकते हैं। इनमें एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन भरपूर होते हैं जो शरीर को संक्रमण से बचाने में मदद करते हैं। हालांकि इन फलों को खाने से पहले अच्छी तरह साफ पानी से धोना बेहद जरूरी है। बरसात के मौसम में कटे हुए फल लंबे समय तक खुले में नहीं रखने चाहिए। सड़क किनारे बिकने वाले पहले से कटे फल खाने से बचना चाहिए क्योंकि उनमें संक्रमण का खतरा अधिक हो सकता है। फल हमेशा ताजे खरीदें और घर लाकर अच्छी तरह धोकर ही सेवन करें। विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि इस मौसम में अत्यधिक खट्टे या बहुत ज्यादा पके हुए फलों का सेवन सीमित मात्रा में करें यदि आपको पेट की कोई समस्या रहती है। जिन लोगों को मधुमेह या अन्य गंभीर बीमारी है उन्हें अपनी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह लेकर ही फलों का चुनाव करना चाहिए। बरसात के दिनों में सही फल सही मात्रा में और स्वच्छ तरीके से खाने की आदत न केवल शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाती है बल्कि मौसम बदलने के कारण होने वाली कई बीमारियों से भी बचाव करने में मदद करती है। यदि संतुलित आहार के साथ पर्याप्त पानी और स्वच्छता का ध्यान रखा जाए तो मानसून का मौसम पूरी तरह स्वस्थ और आनंददायक बनाया जा सकता है।

Morena Navneet Tomar Protest: अनशन पर बैठे नवनीत तोमर को पुलिस ले गई, साथियों का आरोप- रास्ते में डंडे मारकर उतारा

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Morena Navneet Tomar Protest: मुरैना। जोंहा-श्यामपुर सड़क बनाने की मांग को लेकर नवनीत तोमर तीन दिनों से खाना-पति त्याग कर अनशन पर बैठे हैं। लेकिन इसी बिच उन्हें शुक्रवार शाम पुलिस एम्बुलेंस में बैठकर अपने साथ ले गयी। ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने उनके साथ मारपीट की बिच रस्ते में ही उतार दिया। Weather Update 11 July बारिश का डबल अलर्ट कई राज्यों में गरज चमक के साथ झमाझम बारिश की संभावना दोस्तों ने लगाए मारपीट के आरोप नवनीत तोमर के साथी पवन माहुने का आरोप है कि पुलिस अधिकारी एम्बुलेंस लेकर अनशन स्थल पर पहुंचे और कहा कि उनकी मांग मान ली गई है। इसके बाद नवनीत तोमर और उनके साथ मौजूद करीब आधा दर्जन लोगों को एम्बुलेंस में बैठा लिया गया। पवन का दावा है कि रास्ते में पुलिस ने नवनीत के साथियों को डंडे मारकर एम्बुलेंस से नीचे उतार दिया, जबकि नवनीत तोमर को अपने साथ मुरैना ले गए। E20 पेट्रोल विवाद को लेकर संजय राउत का दावा, बोले- गडकरी की छवि को खुद BJP पहुंचा रही नुकसान इलाके में बढ़ा तनाव घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया है। समर्थकों और ग्रामीणों में नाराजगी देखी जा रही है। नवनीत तोमर जोंहा-श्यामपुर खुर्द सड़क के पक्कीकरण की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे थे। उनका कहना था कि खराब सड़क की वजह से ग्रामीणों, छात्रों और मरीजों को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ रही है। Datiya bypoll election: BJP से नरोत्तम मिश्रा का टिकट केंसल, कौन हैं आशुतोष तिवारी? जो होंगे अगले उम्मीदवार पहले दंडवत होकर सांसद के पहुंचे थे इससे पहले नवनीत तोमर ने गांव से सांसद के निवास तक करीब 25 किलोमीटर की दंडवत यात्रा शुरू की थी। करीब 10 किलोमीटर चलने के बाद सांसद के बेटे गौरव तोमर ने सड़क निर्माण जल्द शुरू कराने का भरोसा दिया था। आश्वासन मिलने पर उन्होंने यात्रा रोक दी, लेकिन तय समय पर काम शुरू नहीं होने के बाद उन्होंने दोबारा आमरण अनशन शुरू कर दिया। सांसद ने बताया ‘स्टंट’ उधर, सांसद मंगल सिंह तोमर ने इस पूरे आंदोलन को सस्ती लोकप्रियता हासिल करने की कोशिश बताते हुए इसे पब्लिसिटी ‘स्टंट’ करार दिया है। फिलहाल सड़क निर्माण और पुलिस कार्रवाई को लेकर क्षेत्र में सियासत भी तेज हो गई है।