घटना 21 मई की रात करीब 10:30 बजे की बताई जा रही है। पुलिस के मुताबिक पुरानी रंजिश के चलते फरियादी ओम साहू और उसके भाई मयंक साहू का आरोपियों से विवाद हो गया था। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। इसी दौरान एक आरोपी ने अवैध हथियार निकालकर मयंक साहू पर फायर कर दिया। गोली लगते ही मयंक गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
वारदात के दौरान मयंक को बचाने दौड़े उसके भाई ओम साहू पर भी आरोपियों ने चाकू से हमला कर दिया। इस हमले में ओम गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और हमलावर मौके से फरार हो गए। सूचना मिलते ही मोतीनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित कीं। साइबर सेल और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की गई। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में आर्यन आठिया, एक 16 वर्षीय नाबालिग और एक 60 वर्षीय महिला शामिल हैं। पुलिस सभी से पूछताछ कर रही है और फरार अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
जांच में यह बात भी सामने आई है कि मृतक मयंक साहू और मुख्य आरोपी यश पहले बेहद करीबी दोस्त थे। दोनों का साथ उठना-बैठना था, लेकिन कुछ साल पहले दोनों के बीच विवाद हो गया था। इसके बाद दोनों के रिश्तों में दुश्मनी बढ़ती चली गई। पुलिस को शक है कि इसी पुरानी रंजिश ने इस खूनी वारदात का रूप लिया।
प्रत्यक्षदर्शी शिवम तिवारी ने बताया कि घटना के वक्त मयंक और उसके दोस्त घर के बाहर खड़े थे। तभी अचानक यश वहां पहुंचा और जेब से कट्टा निकालकर सीधे मयंक पर फायर कर दिया। गोली लगते ही मयंक जमीन पर गिर पड़ा। शिवम के मुताबिक ओम साहू जब बीच-बचाव करने पहुंचा तो उस पर चाकू से हमला किया गया।
एडिशनल एसपी लोकेश सिंहा ने बताया कि अब तक इस मामले में छह आरोपियों के नाम सामने आए हैं। पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है और पुलिस लगातार निगरानी बनाए हुए है।