HIGHLIGHTS:
- ग्राम तारौली की अवैध डेयरी पर खाद्य सुरक्षा विभाग का छापा
- रिफाइंड पामोलिन ऑयल और ग्लूकोज से बन रहा था नकली मावा
- करीब 50 किलो मावा और एक क्विंटल दूध जब्त
- डेयरी संचालक के पास नहीं मिला खाद्य लाइसेंस
- अन्य डेयरियों से भी लिए गए मावा के सैंपल जांच के लिए भेजे गए

FAKE DAIRY PROTDUCTS: ग्वालियर। भिंड जिले के मौ क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा विभाग ने अवैध रूप से संचालित एक डेयरी पर छापामार कार्रवाई कर मिलावटी मावा बनाने के गोरखधंधे का खुलासा किया है। जांच के दौरान सामने आया कि डेयरी में दूध से क्रीम निकालने के बाद उसमें रिफाइंड पामोलिन ऑयल और ड्रायड ग्लूकोज पाउडर मिलाकर कृत्रिम रूप से मावा तैयार किया जा रहा था।
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ग्राम तारौली में दी दबिश
खाद्य सुरक्षा अधिकारी रेखा सोनी और रीना बंसल की टीम ने मौ स्थित ग्राम तारौली निवासी लल्लू सिंह परिहार की डेयरी पर छापा मारा। निरीक्षण के दौरान डेयरी परिसर में बड़ी मात्रा में संदिग्ध सामग्री पाई गई, जिससे मिलावट की पुष्टि हुई।
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भारी मात्रा में जब्ती
कार्रवाई के दौरान तीन टीन रिफाइंड पामोलिन ऑयल, 10 किलोग्राम ड्रायड ग्लूकोज पाउडर, तीन टीन घी, लगभग 50 किलोग्राम तैयार मावा और करीब एक क्विंटल दूध जब्त किया गया। विभाग ने सभी सामग्री को कब्जे में लेकर सील कर दिया।
बिना लाइसेंस चल रही थी डेयरी
जांच में यह भी सामने आया कि डेयरी संचालक के पास खाद्य लाइसेंस उपलब्ध नहीं था। यह खाद्य सुरक्षा मानकों का गंभीर उल्लंघन है।

नमूने भेजे गए प्रयोगशाला
खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत दूध, मावा, रिफाइंड पामोलिन ऑयल और ग्लूकोज पाउडर के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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अन्य डेयरियों से भी सैंपल
इसी क्रम में मौ स्थित रघुराज डेयरी, ग्राम खेरियाचांद और सावित्री डेयरी से भी मावा के नमूने जांच के लिए लिए गए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मिलावटखोरों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।