HIGHLIGHTS|:
- राष्ट्रीय अध्यक्ष को भेजा पद से कार्यमुक्ति का पत्र
- विधानसभा में गंभीर मुद्दों पर चर्चा न होने से नाराजगी
- इस्तीफा दबाव में नहीं, आवाज और बुलंद होगी
- केस री-ओपन पर बोले – FIR से नहीं डरते
- बीजेपी में जाने की अटकलों को किया खारिज

कटारे ने कहा कि सदन में गंभीर और जनहित के मुद्दों पर चर्चा नहीं हो पा रही। उन्होंने उदाहरण देते हुए भोपाल के गौमांस प्रकरण और भागीरथपुरा में हुई मौतों का जिक्र किया। उनका कहना है कि वे पूरी तैयारी के साथ मुद्दे उठाने जाते हैं, लेकिन सरकार चर्चा से बचती नजर आती है।
इस्तीफा प्रचार के लिए नहीं
कटारे ने स्पष्ट किया कि उनका पत्र न तो सार्वजनिक करने के लिए था और न ही किसी दबाव की रणनीति का हिस्सा, यह उनके मन की भावना थी। साथ ही उन्होंने कहा कि पार्टी जो भी निर्णय लेगी, वे उसका सम्मान करेंगे।
पुलिस एबीवीपी झड़प: छतरपुर की काया विधि महाविद्यालय में धांधली के आरोप पर विरोध प्रदर्शन भड़क उठा
मेरी आवाज पहले से ज्यादा गूंजेगी
उन्होंने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि इस्तीफा देने का मतलब चुप होना नहीं है। उनकी जुबान पहले की तरह धारदार रहेगी और भाजपा के खिलाफ भ्रष्टाचार के मुद्दे और मजबूती से उठाए जाएंगे।
केस री-ओपन पर दिया दो टूक जवाब
केस दोबारा खुलने और दबाव के सवाल पर कटारे ने कहा, “हम चंबल की मिट्टी से हैं, FIR से डरने वाले नहीं। जब FIR आती है, तो हम पार्टी करते हैं।” उन्होंने बीजेपी में जाने की अटकलों को भी सिरे से खारिज किया।
FAKE DAIRY PROTDUCTS: भिंड में अवैध डेयरी पर छापा: रिफाइंड ऑयल और ग्लूकोज से बन रहा था नकली मावा
लंबी राजनीति की बात
कटारे ने कहा कि उनकी राजनीतिक उम्र लंबी है और जो लोग उनके परिवार या कार्यकर्ताओं को निशाना बना रहे हैं, उन्हें भविष्य में जवाब मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष में रहते हुए वे सरकार का उतनी ही ताकत से विरोध करेंगे, जितनी ताकत सरकार में है।