HIGHGLIGHTS:
- महोदरा पंचायत स्थित केदारनाथ धाम 3 साल से बंद
- चट्टान खिसकने और दरार के चलते रोके गए दर्शन
- साधु-संतों व नागरिकों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
- वैकल्पिक रास्ता बनाकर दर्शन शुरू करने की मांग
- धाम को वन विभाग से मुक्त करने की भी उठी मांग

Guna Protest: गुना। जिले की महोदरा पंचायत स्थित प्रसिद्ध केदारनाथ धाम को श्रद्धालुओं के लिए दोबारा खोलने की मांग को लेकर मंगलवार को साधु-संतों, स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। बता दें कि प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए धाम में जल्द से जल्द दर्शन और पूजा प्रारंभ कराने की मांग की।
GUNA SUICIDE CASE: गुना के सकतपुर में मजदूर ने की आत्महत्या: पोर्च में फंदे से लटका मिला शव,
सूत्रों की माने तो प्रशासन ने करीब तीन साल पहले पहाड़ी की एक चट्टान खिसकने और उसमें दरार आने के कारण मंदिर परिसर में प्रवेश पर रोक लगा दी थी। तब से आम श्रद्धालुओं के दर्शन और पूजा बंद हैं।
शिवपुरी में बेखौफ गुंडागर्दी: सरकारी शौचालय बचाने गई नपा टीम पर हमला, FIR न होने से पुलिस पर सवाल
धार्मिक महत्व का हवाला
प्रदर्शनकारियों ने ज्ञापन में बताया कि यह स्थल प्राचीन धार्मिक आस्था का केंद्र है और इसे महाभारत कालीन देव स्थल माना जाता है। स्थानीय लोगों के अनुसार यहां प्रकृति स्वयं भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करती है।
धाम परिसर में स्थित पवित्र कुंड में अस्थि विसर्जन भी किया जाता था। लोगों का कहना है कि क्षेत्र के लिए यह स्थान प्रयागराज और सोरोजी की तरह ही धार्मिक महत्व रखता है।
जानिए प्रमुख मांगें?
ज्ञापन में मांग की गई है कि खिसकी हुई चट्टान को हटाकर मंदिर तक सुरक्षित मार्ग बनाया जाए। साथ ही महंत और पुजारी को पूजा के लिए नीचे जाने की अनुमति दी जाए। प्रदर्शनकारियों ने यह भी मांग की कि केदारनाथ धाम परिसर को वन विभाग के नियंत्रण से मुक्त किया जाए, ताकि धार्मिक गतिविधियां सुचारु रूप से संचालित हो सकें।