16 गेंदों में 44 रन, मैच का रुख बदला
बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने महज 16 गेंदों में नाबाद 44 रन ठोक दिए, जिसमें 4 छक्के और 3 चौके शामिल रहे। उनकी इस ताबड़तोड़ पारी ने भारत के स्कोर को 256 रन तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। तेज फिनिशिंग ने न सिर्फ टीम का मनोबल बढ़ाया, बल्कि यह भी दिखा दिया कि तिलक परिस्थिति के मुताबिक खुद को ढालने में माहिर हैं।
“हर गेंद पर हिट के लिए तैयार”
मैच के बाद तिलक ने कहा कि जब ओपनर मजबूत शुरुआत देते हैं तो उसका आत्मविश्वास मध्यक्रम तक पहुंचता है। उन्होंने माना कि टीम की रणनीति साफ थी-पावरप्ले में विकेट गिरने के बावजूद आक्रामक रवैया बनाए रखना। उनका कहना था कि विरोधी गेंदबाजों में यह डर बैठाना जरूरी है कि भारतीय बल्लेबाज हर गेंद पर बड़ा शॉट खेलने को तैयार हैं।
रोल बदला, इरादा नहीं
तिलक ने अपने बदले बल्लेबाजी क्रम पर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि टीम को जहां जरूरत हो, वह वहां खेलने के लिए तैयार हैं। आईपीएल में मुंबई इंडियंस के लिए भी वह इसी तरह की भूमिका निभा चुके हैं और भारतीय टीम में भी अलग-अलग स्थानों पर खेल चुके हैं। उनका मानना है कि विकेट गिरने के तुरंत बाद दबाव तोड़ने के लिए आक्रामक शॉट जरूरी होते हैं।
250 के पार जाने का लक्ष्य
तिलक ने साफ किया कि टीम का इरादा सिर्फ बड़ा स्कोर बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि 250 के आंकड़े को लगातार पार करने का है। उन्होंने बताया कि मैच से पहले टीम ने पिछले साल की अपनी टी20 बल्लेबाजी के वीडियो देखे, जिससे आत्मविश्वास बढ़ा। अब यही आक्रामक सोच आगे के मुकाबलों में भी जारी रखने की तैयारी है।
युवा बल्लेबाज का यह आत्मविश्वास साफ संकेत देता है कि भारतीय टीम सिर्फ जीतने नहीं, बल्कि दबदबा बनाने के इरादे से मैदान में उतर रही है।