हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि बिना संबंधित पक्ष को नोटिस दिए FIR दर्ज करने का निर्देश देना न्यायसंगत नहीं है। अदालत ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई से पहले सभी पक्षों को सुनवाई का अवसर मिलना जरूरी है।
इससे पहले निचली अदालत ने राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने की याचिका को खारिज कर दिया था। मामला वहीं से अपील के जरिए हाईकोर्ट पहुंचा था।
शुक्रवार को हुई सुनवाई में अदालत ने प्रारंभिक तौर पर FIR दर्ज करने के संकेत दिए थे, जिसके बाद राज्य सरकार को या तो स्वयं जांच करने या मामले को किसी केंद्रीय एजेंसी को सौंपने पर विचार करने को कहा गया था। हालांकि अब उसी आदेश पर रोक लग गई है और अगली सुनवाई की तारीख तय की गई है।
मामला एक शिकायत से जुड़ा है जिसमें राहुल गांधी पर कथित दोहरी नागरिकता को लेकर जांच और FIR दर्ज करने की मांग की गई थी। याचिकाकर्ता ने इससे पहले विशेष अदालत में भी याचिका दाखिल की थी, जिसे खारिज कर दिया गया था। बाद में यह मामला उच्च न्यायालय में पहुंचा।
फिलहाल हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद राहुल गांधी के खिलाफ FIR की प्रक्रिया पर रोक लग गई है, और अब अगली सुनवाई में इस पूरे मामले की कानूनी स्थिति पर विस्तार से विचार किया जाएगा।