पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर जिले के सभी थाना क्षेत्रों में एक साथ यह कार्रवाई की गई। त्योहारों के दौरान शांति, सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से सक्रिय असामाजिक तत्वों की काउंसलिंग की गई और उन्हें भविष्य में किसी भी आपराधिक गतिविधि से दूर रहने की हिदायत दी गई।
स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि कोई भी व्यक्ति होली या रंगपंचमी के दौरान मारपीट, जबरन रंग डालना, महिला उत्पीड़न, धार्मिक भावनाएं भड़काने, अवैध शराब या नशीले पदार्थों की बिक्री अथवा सेवन, या किसी भी प्रकार की शांति भंग की गतिविधि में शामिल पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
अभियान के तहत संबंधित आरोपियों से प्रतिबंधात्मक धाराओं में बांड भरवाए गए हैं। साथ ही उनके डोजियर अपडेट किए गए, जिनमें आपराधिक रिकॉर्ड, वर्तमान गतिविधियों और संभावित जोखिम का विवरण दर्ज किया गया। थानों में बुलाए गए लोगों को शांति और सौहार्द बनाए रखने की शपथ भी दिलाई गई।
पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने बताया कि होली को लेकर पिछले 15 दिनों से लगातार बैठकें की जा रही हैं। सभी आयोजनकर्ताओं से समन्वय स्थापित किया गया है और प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। होलिका दहन और अन्य आयोजनों में कोई अव्यवस्था न हो, इसके लिए आयोजकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि महिलाएं और बच्चे भी सुरक्षित माहौल में त्योहार मना सकें, यह पुलिस की प्राथमिकता है। हर थाने में उपद्रवी तत्वों को चिन्हित कर उनके खिलाफ बाउंडओवर की कार्रवाई की गई है। जिलेभर में व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं, ताकि होली और रंगपंचमी सौहार्द और भाईचारे के साथ संपन्न हो सकें।