HIGHLIGHTS:
- 77 करोड़ की लागत से बना ग्वालियर का आईएसबीटी अभी तक पूरी तरह चालू नहीं
- उद्घाटन के बाद कुछ दिनों में ही निजी बस ऑपरेटरों ने संचालन बंद किया
- बस टर्मिनल शहर से करीब 9 किलोमीटर दूर होने से यात्रियों को परेशानी
- आईएसबीटी तक पहुंचने में 100–200 रुपये अतिरिक्त खर्च की आशंका
- प्रशासन ने ई-बस सेवा शुरू कर समस्या हल करने का दिया आश्वासन

GWALIOR BUS TEREMINAL: मध्यप्रदेश। ग्वालियर में 77 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया इंटर स्टेट बस टर्मिनल (आईएसबीटी) उद्घाटन के कई महीनों बाद भी पूरी तरह चालू नहीं किया गया है। बता दें कि आधुनिक सुविधाओं से लैस इस बस टर्मिनल को शहर की बस सेवाओं को व्यवस्थित करने और यात्रियों को एक ही स्थान से विभिन्न राज्यों के लिए बस सुविधा देने के उद्देश्य से तैयार किया गया था। हालांकि वर्तमान में यह टर्मिनल लगभग खाली पड़ा हुआ है और यात्रियों को अभी भी पुराने बस स्टैंड से ही सफर करना पड़ रहा है।
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शुरुआत हुई, लेकिन कुछ ही दिनों में बंद हुआ संचालन
आईएसबीटी का उद्घाटन प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किया था और शुरुआत में ग्वालियर, मुरैना और भिंड रूट की बसों का संचालन यहां से शुरू भी हुआ था। लेकिन कुछ ही दिनों में निजी बस ऑपरेटरों ने यहां से बसें चलाना बंद कर दिया और फिर से पुराने बस अड्डे से संचालन शुरू कर दिया।
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शहर से दूरी बनी बड़ी समस्या
बस ऑपरेटरों का कहना है कि नया बस टर्मिनल शहर से लगभग 9 किलोमीटर दूर स्थित है, जिससे यात्रियों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। खासकर रात के समय महिलाओं और परिवार के साथ यात्रा करने वालों के लिए यह असुविधाजनक हो सकता है। इसके अलावा आईएसबीटी तक पहुंचने के लिए यात्रियों को ऑटो या अन्य निजी साधनों पर 100 से 200 रुपये तक खर्च करने पड़ सकते हैं, जिससे यात्रा का कुल खर्च बढ़ जाता है।
बस ऑपरेटरों ने बताई योजना की खामियां
ऑपरेटरों का यह भी आरोप है कि बस स्टैंड बनाने से पहले प्रशासन ने उनसे पर्याप्त चर्चा नहीं की। उनका मानना है कि यदि पहले से शहर के अंदर से आईएसबीटी तक बेहतर सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था बनाई जाती, तो शायद स्थिति अलग होती।
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प्रशासन ने ई-बस सेवा का दिया आश्वासन
वहीं जिला प्रशासन का कहना है कि बस ऑपरेटरों के साथ इस मुद्दे पर बैठक हो चुकी है और जल्द ही कलेक्टर की अध्यक्षता में एक और बैठक आयोजित की जाएगी। प्रशासन का दावा है कि शहर में जल्द ही ई-बस सेवा शुरू की जाएगी, जिससे आईएसबीटी तक सस्ती और सुगम परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी। इसके बाद उम्मीद है कि निजी बस ऑपरेटर भी नए बस टर्मिनल से संचालन शुरू कर देंगे।