HIGHLIGHTS:
- ग्वालियर में आवारा कुत्तों को कहीं भी खाना खिलाने पर प्रशासन की रोक
- नगर निगम शहर में 27 तय फीडिंग सेंटर बनाएगा
- फीडिंग सेंटर संचालन के लिए बीसी कमेटी बनेगी
- निगम की टीम रोजाना लगभग 40 आवारा कुत्तों को पकड़ रही है
- अस्पतालों में रोज 200–300 डॉग बाइट्स के मामले आ रहे सामने

GWALIOR DOG BITE: मध्यप्रदेश। ग्वालियर में बढ़ते डॉग बाइट्स के मामलों को देखते हुए जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। बता दें कि अब शहर में आवारा कुत्तों को सार्वजनिक स्थानों पर कहीं भी खाना खिलाने पर रोक लगा दी गई है। साथ ही सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद कलेक्टर रुचिका चौहान ने यह आदेश जारी किया है। प्रशासन का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य शहर में कुत्तों की बढ़ती समस्या को नियंत्रित करना और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
27 स्थानों पर बनेंगे फीडिंग सेंटर
नगर निगम आयुक्त संघप्रिय ने बताया कि शहर में 27 स्थानों की पहचान कर ली गई है, जहां आवारा कुत्तों के लिए विशेष फीडिंग सेंटर बनाए जाएंगे। साथ ही इन सेंटरों को कॉलोनियों से कुछ दूरी पर विकसित किया जाएगा, ताकि कुत्ते आबादी वाले क्षेत्रों में कम घूमें और लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
संचालन के लिए बनेगी बीसी कमेटी
इन फीडिंग सेंटरों के संचालन और निगरानी के लिए बीसी (बर्थ कंट्रोल) कमेटी बनाई जाएगी। नगर निगम इन स्थानों के बारे में लोगों को जानकारी देने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार भी करेगा, जिससे लोग निर्धारित स्थानों पर ही कुत्तों को भोजन करा सकें।
ईरान पर हमले के लिए नाटो देश ने नहीं दिए सैन्य ठिकाने
रोजाना 40 कुत्ते पकड़ रही निगम टीम
नगर निगम के एबीसी (एनिमल बर्थ कंट्रोल) विभाग के तहत आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए नोडल अधिकारी और एक विशेष टीम काम कर रही है। शिकायत मिलने पर यह टीम रोजाना औसतन 40 कुत्तों को पकड़कर एबीसी सेंटर ले जाती है, जहां उनकी नसबंदी और अन्य आवश्यक प्रक्रियाएं की जाती हैं।
डॉग बाइट्स के बढ़ते मामले चिंता का कारण
ग्वालियर के सरकारी अस्पतालों में रोजाना औसतन 200 से 300 डॉग बाइट्स के मामले सामने आ रहे हैं। हाल ही में एक महिला की आवारा कुत्ते के काटने से मौत भी हो चुकी है, जिसके बाद प्रशासन ने इस समस्या को लेकर सख्ती बढ़ा दी है।