मुख्यमंत्री ने इस दौरान कहा कि वे सुरभि के निधन पर अपनी संवेदना व्यक्त करने आए हैं। उन्होंने कहा कि हेमंत खंडेलवाल ने अपनी पुत्री की पूरे समर्पण के साथ सेवा की। मुख्यमंत्री ने बताया कि सुरभि बचपन से ही गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही थीं लेकिन परिवार ने हमेशा उनकी पूरी देखभाल की। उन्होंने कहा कि परिवार के किसी सदस्य के बिछड़ने का दुख अत्यंत पीड़ादायक होता है और इस कठिन समय में वे परिवार के साथ खड़े हैं। मुख्यमंत्री ने भगवान से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को शांति और मोक्ष प्रदान करें।
मुख्यमंत्री ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि इस दुखद घड़ी में पूरा प्रदेश खंडेलवाल परिवार के साथ खड़ा है। उन्होंने बाबा महाकाल से प्रार्थना करते हुए कहा कि वे शोक संतप्त परिवार को इस गहरे दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
इससे पहले प्रदेश के उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और मंत्री कृष्णा गौर भी बैतूल पहुंचे। दोनों नेताओं ने गंज स्थित खंडेलवाल निवास पहुंचकर परिवार के सदस्यों से मुलाकात की और दिवंगत सुरभि खंडेलवाल को श्रद्धांजलि अर्पित की। उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा सड़क मार्ग से बैतूल पहुंचे थे। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी और इस कठिन समय में उनके साथ खड़े रहने का आश्वासन दिया।
सुरभि खंडेलवाल के निधन के बाद से बैतूल में प्रदेशभर के राजनीतिक और सामाजिक नेताओं का आना-जाना लगातार जारी है। शनिवार को भी खंडेलवाल निवास पर प्रदेश सरकार के कई मंत्री जनप्रतिनिधि भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता पहुंचे और दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की। सभी ने शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाते हुए अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
खंडेलवाल निवास पर श्रद्धांजलि देने के लिए पहुंचे लोगों की भीड़ को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात की विशेष व्यवस्था की थी। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर हेलीपैड और सुरक्षा इंतजाम भी प्रशासन द्वारा किए गए थे।
प्रदेशभर से भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा शोक संदेश भेजे जा रहे हैं और सुरभि खंडेलवाल को श्रद्धांजलि दी जा रही है। इस दुखद घटना के बाद खंडेलवाल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करने का सिलसिला लगातार जारी है।