महामंडलेश्वर की नृत्य प्रस्तुति:
बैठक के दूसरे दिन भोजन प्रसादी के बाद ब्रज धाम से आई किन्नर अखाड़ा की महामंडलेश्वर डॉ. वैष्णवी जगदम्बा गिरी ने “ॐ नमः शिवाय” भजन पर नृत्य प्रस्तुति दी। इसके बाद अन्य किन्नर संतों ने भी अपनी धार्मिक प्रस्तुतियां साझा की।
सिंहस्थ 2028 की व्यवस्थाओं पर चर्चा:
कार्यक्रम में देश के अलग-अलग राज्यों से आए किन्नर संत, महंत और श्रद्धालु शामिल हुए। बैठक में किन्नर अखाड़ा की सिंहस्थ 2028 में भागीदारी, व्यवस्थाएं और धार्मिक आयोजनों को लेकर विशेष चर्चा हुई।
नए महामंडलेश्वर और श्री महंतों की घोषणा:
आचार्य महामंडलेश्वर डॉ. लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने
गुजरात के सूरत से दिलीपनंद गिरी,
तेलंगाना से महाकालीनंद गिरी,
राजस्थान से कामाख्यानंद गिरी सीतारमण,
उत्तर प्रदेश के गड़ी मानिकपुर प्रतापगढ़ से रेखनंद गिरी को महामंडलेश्वर नियुक्त किया।
श्री महंतों में शामिल हैं:
गुजरात की नंदिनीनंद गिरी,
महाराष्ट्र के अकोला की गणेशानंद गिरी,
इंदौर की सुनहरी नंद गिरी, आकांक्षा नंद गिरी, गुंजन नंद गिरी, खुशीनंद गिरी।
शिप्रा में पर्व स्नान:
समापन अवसर पर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने बताया कि सिंहस्थ 2028 में किन्नर अखाड़ा जूना अखाड़े के साथ शिप्रा नदी में पर्व स्नान करेगा।
सोशल मीडिया रील पर आपत्ति:
महामंडलेश्वर त्रिपाठी ने किन्नर संतों को सोशल मीडिया रील बनाने से बचने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि यदि रील बनानी है तो केवल भगवान के भजन पर बनाएं, फिल्मी गीतों पर नृत्य करना उचित नहीं है। सभी को मर्यादा का ध्यान रखना अनिवार्य होगा।
अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं:
इंटरनेशनल किन्नर अखाड़ा जल्द ही अपनी वेबसाइट लॉन्च करेगा।
महामंडलेश्वर, श्री महंत और महंतों के लिए पहचान पत्र बनाए जाएंगे।
सभी को एक समान तिलक लगाने की व्यवस्था की जाएगी।
बैठक के समापन के बाद देशभर से आए किन्नर संत अपने-अपने शहरों के लिए रवाना हो गए।