धमकी की जानकारी मिलते ही कोर्ट में मौजूद वकीलों, कर्मचारियों और आम लोगों के बीच हड़कंप मच गया। प्रशासन ने बिना देर किए पूरी बिल्डिंग को खाली कराया और वकीलों के चैंबर के साथ साथ आसपास की दुकानों को भी बंद करा दिया। सुरक्षा के मद्देनजर कोर्ट की ओर जाने वाले सभी रास्तों पर नाकाबंदी कर दी गई। गौरतलब है कि यह कोर्ट परिसर स्थानीय थाने से महज कुछ ही दूरी पर स्थित है, इसके बावजूद किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती गई।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए खरगोन से बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड को मौके पर बुलाया गया। पुलिस अधीक्षक, एडीएम और एडिशनल एसपी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी खुद मौके पर पहुंचकर हालात की निगरानी कर रहे हैं। कोतवाली थाना प्रभारी ने अपनी टीम के साथ कोर्ट परिसर को चारों ओर से घेर लिया है और सभी प्रवेश द्वारों को सील कर दिया गया है।
बम स्क्वॉड और स्वाट टीमों द्वारा कोर्ट परिसर के अंदर चप्पे चप्पे की बारीकी से जांच की जा रही है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस को भी मौके पर तैनात रखा गया है। पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीमों ने पूरी सावधानी के साथ लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला और पूरे क्षेत्र को अपने नियंत्रण में ले लिया है।
गौरतलब है कि हाल के दिनों में मध्य प्रदेश के अन्य शहरों में भी अदालतों को इस तरह की धमकियां मिल चुकी हैं। सतना और मैहर में भी इसी तरह के मामले सामने आए थे। ऐसे में जांच एजेंसियां इस एंगल से भी पड़ताल कर रही हैं कि क्या इन घटनाओं के पीछे किसी संगठित गिरोह का हाथ है या फिर यह महज किसी शरारती तत्व की हरकत है।
फिलहाल पुलिस कोई जोखिम लेने के मूड में नहीं है और हर पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है। एक्सपर्ट्स की रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि यह सिर्फ अफवाह थी या किसी बड़ी साजिश का हिस्सा। तब तक पूरे इलाके में हाई अलर्ट जारी है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।