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जनगणना 2027 को डिजिटल बनाने की दिशा में बैतूल आगे जिला स्तर पर ट्रेनिंग अभियान शुरू

बैतूल । बैतूल जिले में भारत सरकार द्वारा प्रस्तावित जनगणना 2027 को पूरी तरह डिजिटल स्वरूप में संपन्न कराने की दिशा में तैयारियां अब तेज रफ्तार पकड़ चुकी हैं इस महत्वाकांक्षी अभियान को सफल बनाने के लिए प्रशासन ने जमीनी स्तर पर प्रशिक्षण प्रक्रिया शुरू कर दी है जिसके तहत फील्ड ट्रेनर्स को तकनीकी और प्रक्रियात्मक रूप से सक्षम बनाया जा रहा है

इसी क्रम में जिले में 64 फील्ड ट्रेनर्स का जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है यह प्रशिक्षण न केवल जनगणना कार्य की मूलभूत समझ विकसित करने के लिए है बल्कि इसे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रभावी तरीके से लागू करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है प्रशिक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक ट्रेनर आगे प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को सटीक और स्पष्ट मार्गदर्शन दे सके

प्रशिक्षण कार्यक्रम को दो चरणों में आयोजित किया जा रहा है पहले चरण का आयोजन 24 मार्च से 26 मार्च तक किया जा रहा है जबकि दूसरा चरण 1 अप्रैल से 3 अप्रैल 2026 तक आयोजित होगा यह प्रशिक्षण प्रतिदिन सुबह 9 30 बजे से शाम 6 बजे तक पीएम श्री एम एल बी विद्यालय बैतूल में संचालित किया जा रहा है जहां प्रतिभागियों को गहन अभ्यास और व्यवहारिक जानकारी दी जा रही है

यह पूरा कार्यक्रम जनगणना कार्य निदेशालय मध्यप्रदेश भोपाल से प्राप्त दिशा निर्देशों के अनुसार संचालित किया जा रहा है जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि पूरे राज्य में एक समान गुणवत्ता और प्रक्रिया का पालन हो प्रशासन इस प्रशिक्षण को अत्यंत गंभीरता से ले रहा है क्योंकि यह आने वाली जनगणना की सफलता का आधार तैयार करेगा

प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन प्रमुख जिला जनगणना अधिकारी और कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी के मार्गदर्शन में किया जा रहा है वहीं अपर कलेक्टर और जिला जनगणना अधिकारी वंदना जाट भी इस पूरे अभियान की निगरानी कर रही हैं उनके निर्देशन में प्रशिक्षण को सुव्यवस्थित और परिणाममुखी बनाया गया है

राज्य स्तर से मास्टर ट्रेनर अनामिका जैन और जिले के मास्टर ट्रेनर विनोद कुमार अडलक प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रदान कर रहे हैं वे ट्रेनर्स को डिजिटल उपकरणों के उपयोग डेटा संग्रहण की आधुनिक तकनीकों कानूनी प्रावधानों और जनगणना से जुड़े विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी दे रहे हैं

प्रशिक्षण के दौरान विशेष रूप से जनगणना 2027 की रूपरेखा पर जोर दिया जा रहा है जिसमें डिजिटल डेटा एंट्री मोबाइल आधारित एप्लीकेशन का उपयोग और रियल टाइम मॉनिटरिंग जैसे विषय शामिल हैं इसके साथ ही प्रगणकों और पर्यवेक्षकों की जिम्मेदारियों को भी स्पष्ट रूप से समझाया जा रहा है ताकि जमीनी स्तर पर कार्य में किसी प्रकार की त्रुटि न हो

यह पहल न केवल प्रशासनिक दक्षता को बढ़ाएगी बल्कि जनगणना प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी तेज और सटीक बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी बैतूल में शुरू हुआ यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आने वाले समय में डिजिटल इंडिया के विजन को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम साबित होगा

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