देश में एक बार फिर लॉकडाउन को लेकर फैल रही अफवाहों के बीच केंद्र सरकार ने स्थिति स्पष्ट करते हुए इन खबरों को पूरी तरह गलत और भ्रामक बताया है। हाल ही में वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव विशेषकर ईरान और इजराइल से जुड़े घटनाक्रमों के कारण तेल संकट की आशंका ने लोगों के बीच चिंता बढ़ा दी थी। इसी के चलते सोशल मीडिया पर यह चर्चा तेज हो गई कि भारत में फिर से कोविड जैसी पाबंदियां लागू की जा सकती हैं। हालांकि सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है और देश में हालात पूरी तरह सामान्य हैं।
केंद्रीय मंत्रियों किरण रिजिजू और हरदीप सिंह पुरी ने सामने आकर इन अफवाहों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन को लेकर जो भी खबरें फैलाई जा रही हैं वे पूरी तरह निराधार हैं और सरकार का ऐसा कोई इरादा नहीं है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और शांत एवं जिम्मेदार व्यवहार बनाए रखें।
किरण रिजिजू ने संसद के बाहर बातचीत में साफ कहा कि देश में लॉकडाउन नहीं लगेगा और हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं। उन्होंने यह भी बताया कि नरेंद्र मोदी स्वयं स्थिति की लगातार निगरानी कर रहे हैं ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा आम जनता को न हो। उन्होंने जमाखोरी करने वालों को चेतावनी देते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर यह सुनिश्चित कर रही हैं कि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बनी रहे और कृत्रिम संकट पैदा न हो।
वहीं पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने तेल की कीमतों को लेकर सरकार की रणनीति पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वैश्विक अस्थिरता के बावजूद सरकार ने ऐसा रास्ता चुना है जिससे आम जनता पर अतिरिक्त बोझ न पड़े। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार के पास विकल्प था कि अन्य देशों की तरह कीमतें बढ़ाई जाएं या फिर खुद वित्तीय भार उठाया जाए और सरकार ने नागरिकों के हित में दूसरा विकल्प चुना।
पुरी ने यह भी कहा कि भारत ने पहले भी वैश्विक संकटों के दौरान अपनी मजबूती दिखाई है और इस बार भी समय पर और संतुलित निर्णय लिए जा रहे हैं। उन्होंने दोहराया कि लॉकडाउन को लेकर फैल रही बातें पूरी तरह गलत हैं और इस तरह की अफवाहें फैलाना गैर जिम्मेदाराना है।दरअसल यह भ्रम उस समय बढ़ा जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में वैश्विक हालात को देखते हुए सतर्क रहने और तैयार रहने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि दुनिया में बने कठिन हालात का असर लंबे समय तक रह सकता है और हमें मिलकर इसका सामना करना होगा। इस बयान को कुछ लोगों ने गलत तरीके से समझ लिया और सोशल मीडिया पर लॉकडाउन को लेकर अटकलें शुरू हो गईं।
सरकार ने अब साफ कर दिया है कि देश में किसी भी प्रकार के लॉकडाउन की योजना नहीं है। ऐसे समय में जरूरी है कि लोग अफवाहों से दूर रहें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें। सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और यह सुनिश्चित कर रही है कि देश में सामान्य जीवन प्रभावित न हो।