दिसंबर 2025 में रिलीज हुई धुरंधर में अक्षय खन्ना ने कराची के खतरनाक डॉन रहमान डकैत का किरदार निभाकर सबको चौंका दिया यह भूमिका पहले कई बड़े सितारों को ऑफर हुई थी लेकिन उन्होंने इसे ठुकरा दिया अक्षय ने इस चुनौती को स्वीकार किया और जब फिल्म रिलीज हुई तो उनके किरदार ने दर्शकों के रोंगटे खड़े कर दिए उनका अंदाज और स्क्रीन प्रेजेंस इतना दमदार था कि नई पीढ़ी के दर्शकों के बीच भी वह छा गए
इसी साल छावा में उनके द्वारा निभाया गया औरंगजेब का किरदार भी काफी सराहा गया क्रिटिक्स ने उनके अभिनय को बेहद प्रभावशाली बताया और एक बार फिर यह साबित हुआ कि अक्षय खन्ना किसी भी तरह के किरदार में खुद को ढाल सकते हैं
28 मार्च 1975 को मुंबई में जन्मे अक्षय खन्ना दिग्गज अभिनेता विनोद खन्ना के बेटे हैं लेकिन उन्होंने अपनी पहचान खुद के दम पर बनाई साल 1997 में फिल्म हिमालय पुत्र से डेब्यू करने वाले अक्षय को शुरुआत में असफलता का सामना करना पड़ा लेकिन उसी साल बॉर्डर में निभाए गए उनके किरदार ने उन्हें रातों रात पहचान दिला दी
उनके करियर का सबसे बड़ा मोड़ 2001 में दिल चाहता है के साथ आया इस फिल्म में उन्होंने सिद्धार्थ यानी सिड का किरदार निभाया जो हिंदी सिनेमा के सबसे संवेदनशील और यादगार किरदारों में गिना जाता है उनके शांत और गहरे अभिनय ने दर्शकों को एक अलग तरह का हीरो दिखाया
इसके बाद हमराज हंगामा और रेस जैसी फिल्मों में उन्होंने अपनी बहुमुखी प्रतिभा दिखाई कभी निगेटिव रोल तो कभी कॉमिक टाइमिंग हर अंदाज में वह फिट बैठे वहीं गांधी माई फादर में उनके अभिनय को बेहद सराहा गया
हालांकि एक समय ऐसा भी आया जब अक्षय खन्ना अचानक फिल्मों से दूर हो गए 2012 से 2016 तक वह पूरी तरह पर्दे से गायब रहे ऐसा लगा मानो इंडस्ट्री ने उन्हें भुला दिया हो लेकिन यह खामोशी ज्यादा लंबे समय तक नहीं रही
उन्होंने इत्तेफाक मॉम और दृश्यम 2 जैसी फिल्मों से जोरदार वापसी की खासतौर पर दृश्यम 2 में उनका तेज तर्रार पुलिस अधिकारी का किरदार दर्शकों को खूब पसंद आया
अक्षय खन्ना की कहानी यह बताती है कि सच्ची प्रतिभा कभी खत्म नहीं होती वह सिर्फ सही मौके का इंतजार करती है अपनी दूसरी पारी में उन्होंने यह साबित कर दिया कि वह आज भी हिंदी सिनेमा के सबसे सशक्त और भरोसेमंद अभिनेताओं में से एक हैं