जानकारी के अनुसार आरोपी पटवारी ने फरियादी भान सिंह धाकड़ से भूमि के नक्शे को दुरुस्त करने के एवज में दो हजार रुपये की मांग की थी। फरियादी ने इस मामले की शिकायत लोकायुक्त पुलिस ग्वालियर में दर्ज कराई जिसके बाद टीम ने पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई की योजना बनाई।
निर्धारित योजना के तहत लोकायुक्त टीम ने जाल बिछाया और जैसे ही पटवारी ने रिश्वत की राशि ली उसे मौके पर ही पकड़ लिया गया। इस कार्रवाई के दौरान आरोपी को रंगे हाथों पकड़ने के बाद उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
इस घटना ने एक बार फिर सरकारी तंत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर किया है जहां छोटे से छोटे काम के लिए भी आम नागरिकों से पैसे मांगे जाते हैं। हालांकि लोकायुक्त की इस कार्रवाई को एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है जो यह संदेश देता है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है।
फिलहाल आरोपी पटवारी से पूछताछ की जा रही है और मामले की आगे की जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में और तथ्य सामने आते हैं तो उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
यह कार्रवाई आम लोगों के लिए भी एक संदेश है कि यदि उनसे किसी भी प्रकार की रिश्वत मांगी जाती है तो वे बिना डर के इसकी शिकायत करें ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके।