पुलिस के अनुसार, यह मामला 2023 में शुरू हुआ जब पीड़िता की आरोपी से फेसबुक के जरिए दोस्ती हुई। धीरे-धीरे आरोपी ने महिला का विश्वास जीत लिया और खुद को दिव्य शक्तियों वाला बताते हुए उसे यह यकीन दिलाया कि वह महादेव का अवतार है। इतना ही नहीं वह पीड़िता को पार्वती कहकर संबोधित करता था और धार्मिक भावनाओं का सहारा लेकर उसे मानसिक रूप से प्रभावित करता रहा।
जांच में सामने आया कि दिसंबर 2023 में आरोपी पुणे पहुंचा जहां मांजरी इलाके के एक लॉज में उसने महिला को कथित रूप से नशीला पदार्थ देकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इतना ही नहीं उसने इस दौरान आपत्तिजनक तस्वीरें भी खींचीं और बाद में उन्हें वायरल करने की धमकी देकर महिला को ब्लैकमेल करता रहा।
इसके बाद मई 2024 में वसई के एक होटल में फिर से शोषण का प्रयास किया गया। पीड़िता जो कि 34 वर्षीय महिला है लंबे समय तक डर और ब्लैकमेल के कारण चुप रही लेकिन आखिरकार उसने हिम्मत जुटाकर शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक आरोपी ऋषिकेश वैद्य का तरीका बेहद सुनियोजित था और वह सोशल मीडिया के जरिए महिलाओं को निशाना बनाता था। शुरुआती जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि वह कई अन्य महिलाओं को भी इसी तरह फंसा चुका हो सकता है।
इस मामले का खुलासा तब हुआ जब अशोक खरात से जुड़े मामलों ने सुर्खियां बटोरीं और कई पीड़िताएं सामने आने लगीं। उसी से प्रेरित होकर इस पीड़िता ने भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराने का साहस दिखाया। माणिकपुर पुलिस स्टेशन में जीरो FIR दर्ज की गई जिसे आगे की जांच के लिए हडपसर पुलिस को सौंपा गया।
सीनियर इंस्पेक्टर हिरालाल जाधव के अनुसार आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और अब यह जांच की जा रही है कि उसने कितनी महिलाओं को अपना शिकार बनाया। पुलिस का कहना है कि इस तरह के मामलों में सतर्कता और जागरूकता बेहद जरूरी है क्योंकि आरोपी धार्मिक भावनाओं का फायदा उठाकर लोगों को धोखा देते हैं।
यह घटना एक बार फिर इस बात को उजागर करती है कि किस तरह स्वयंभू बाबा या फर्जी धार्मिक पहचान बनाकर कुछ लोग महिलाओं को निशाना बनाते हैं। ऐसे मामलों में पीड़ितों का आगे आकर शिकायत करना और पुलिस की तत्परता ही सच को सामने लाने का सबसे बड़ा जरिया बनती है।