सीएसके: आत्मविश्वास और स्थिरता से बनी चैंपियन टीम
चेन्नई सुपर किंग्स आईपीएल की सबसे सफल रेस में शामिल है। टीम ने 2010 और 2011 में कॉन्स्टेंटाइन के दो खिताब अपनी ताकत का परास्त किए। इसके बाद 2018 में तीसरी ट्रॉफी की शानदार वापसी हुई। फिर 2021 और 2023 में नामकरण कुल 5 ट्रॉफी अपना नाम कर लें। हालांकि 2012, 2013, 2015 और 2019 में टीम फाइनल तक पहुंची, लेकिन खिताब जीतने में असफल रही। यह टीम लंबे समय तक महेंद्र सिंह धोनी की वैज्ञानिक में अपनी पहचान बना चुकी है।
मुंबई: अभिलेख की मशीन
मुंबई इंडियंस ने भी 5 बार आईपीएल ट्रॉफी रॉकेट खुद को सबसे सफल रेस में शामिल किया है। टीम ने 2013 में पहली बार खिताब जीता और इसके बाद 2015, 2017, 2019 और 2020 में लगातार शानदार प्रदर्शन करते हुए ट्रॉफी अपने नाम की। खास बात यह है कि मुंबई ने कई बार फाइनल में सीएसके जैसी मजबूत टीम को हराया और बड़े मैचों में अपनी ताकत साबित की।
केकेआर: गंभीर युग से लेकर नई चमक तक
कोलकाता नाइट राइडर्स ने 3 बार खिताब जीता है। टीम ने गौतम गंभीर को 2012 और 2014 में ट्रॉफी में दिखाया। इसके बाद 2024 में टीम ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करते हुए तीसरा खिताब अपने नाम किया। इस दौरान गंभीर में टॉर की भूमिका में थे और टीम ने नई रणनीति के साथ सफलता हासिल की।
अन्य टीमों का प्रदर्शन भी यादगार बना हुआ है
जहाँ तीन रथों का वैगन चल रहा था, वहीं अन्य रथों ने भी अपने-अपने समय में चमचमाते हुए महल बनाए। राजस्थान रॉयल्स ने 2008 में पहला आईपीएल खिताब जीता। डेक्कन चार्जर्स ने 2009 में ट्रॉफी अपने नाम की। सनराइजर्स हैदराबाद ने 2016 में खिताब जीता, जबकि गुजरात टाइटंस ने 2022 के डेब्यू सीजन में ही ट्रॉफी नामांकन इतिहास रचा।
वहीं रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने लंबे इंतजार के बाद 2025 में अपना पहला खिताब जीता। इससे पहले टीम 2009, 2011 और 2016 में फाइनल तक पहुंची थी, लेकिन हर बार ट्रॉफी हार गई थी।
कुछ टीमों के लिए चुनौती, बाकी के लिए चुनौती
आईपीएल के इतिहास में यह साफ दिखता है कि कुछ चैंपियनशिप ने लगातार बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए खिताब पर कब्ज़ा जमाया है। आने वाले सीज़न में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या नए रिकॉर्ड हैं, इस दबबे को तोड़ते हुए दोस्त हैं या फिर यही रिकॉर्ड विक्टोरैल अपना पार्ट बनाते हैं।