HIGHLIGHTS:
- NH-719 को फोरलेन बनाने की मांग फिर उठाई
- सैकड़ों मौतों के बाद भी काम लंबित
- सिंधिया ने गडकरी से की मुलाकात
- तीन साल से चल रहा स्थानीय आंदोलन
- क्षेत्रवासी ‘मौत का हाईवे’ कह रहे मार्ग

GWALIOR BHIND HIGHWAY : भिंड। ग्वालियर-भिंड-इटावा नेशनल हाईवे-719 पर लगातार हो रहे घातक सड़क हादसों और सैकड़ों मौतों के बावजूद फोरलेन विस्तार का काम अभी तक शुरू नहीं हो पाया है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एक बार फिर इस लंबित मुद्दे को दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के समक्ष उठाया और तत्काल चौड़ीकरण की मांग दोहराई।
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लंबित परियोजना बनी मौत का कारण
NH-719 का चार लेन विस्तार वर्षों से लंबित पड़ा है। क्षेत्र के लोग इसे ‘मौत का हाईवे’ कहने लगे हैं। जर्जर सड़क, अपर्याप्त चौड़ाई और सुरक्षा की कमी के कारण यहां रोजाना हादसे हो रहे हैं। बढ़ते वाहनों के दबाव ने स्थिति को और खराब कर दिया है। हादसों के बाद स्थानीय स्तर पर चक्काजाम लगना आम बात हो गई है।
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तीन साल से चल रहा आंदोलन
भिंड जिले में पिछले तीन वर्षों से संतों, सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों द्वारा लगातार आंदोलन किया जा रहा है। 16 मार्च को बरैठा टोल प्लाजा पर हुए बड़े प्रदर्शन में भी शीघ्र चौड़ीकरण की मांग की गई थी। अधिकारियों ने आश्वासन दिए थे, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई प्रगति नहीं हुई।
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सिंधिया की सक्रिय पहल
हाल ही में सिंधिया ने नितिन गडकरी से मुलाकात कर NH-719 को फोरलेन बनाने की मांग दोहराई। सूत्रों के अनुसार गडकरी ने सकारात्मक रुख दिखाया और प्रक्रिया को तेज करने का भरोसा दिया। भिंड प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई इस बैठक में क्षेत्र की सुरक्षा और विकास पर जोर दिया गया।
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लोगों में बढ़ रही निराशा
बार-बार बैठकों और आश्वासनों के बावजूद निर्माण कार्य शुरू न होने से क्षेत्रवासियों में गहरी निराशा है। उनका कहना है कि जब तक चौड़ीकरण का काम वास्तव में शुरू नहीं होता, हादसों का सिलसिला जारी रहेगा। DPR अंतिम चरण में होने की खबरें हैं, लेकिन लोग अब ठोस कार्रवाई की प्रतीक्षा कर रहे हैं।