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Datia Farmers Distress : दतिया में ओलावृष्टि का कहर, 42 गांवों में जलभराव से गेहूं की फसल सड़कर नष्ट

Datia Farmers Distress

HIGHLIGHTS:

  • दतिया के 42 गांवों में गेहूं फसल बर्बाद
  • ओलावृष्टि और बारिश से भारी नुकसान
  • खेतों में जलभराव से फसल सड़ी
  • किसानों को मुआवजे का इंतजार
  • प्रशासन ने सर्वे जारी होने का दावा किया

 

Datia Farmers Distress
Datia Farmers Distress

Datia Farmers Distress : दतिया। जिले की सेवढ़ा तहसील क्षेत्र में पिछले सप्ताह हुई ओलावृष्टि और लगातार बारिश ने किसानों के लिए भारी संकट खड़ा कर दिया है। बता दें कि इस प्राकृतिक आपदा से क्षेत्र के 42 गांवों में गेहूं की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। खेतों में अभी भी पानी भरा हुआ है, जिससे हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं और किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है।

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खेतों में सड़ती फसल और बढ़ता नुकसान

कई गांवों में स्थिति बेहद गंभीर हो गई है। खड़ी फसल पानी में डूबकर सड़ चुकी है और अब उसमें किसी प्रकार की उपज बचने की उम्मीद भी नहीं है। आलमपुर बुजुर्ग, जरौली, दिगुवा सहित कई गांवों में किसानों को सबसे अधिक नुकसान हुआ है। किसान अब खेतों की सफाई तक करने की स्थिति में नहीं हैं, क्योंकि पानी और कीचड़ के कारण काम पूरी तरह बाधित हो गया है।

किसानों के सामने आर्थिक संकट

फसल पूरी तरह नष्ट होने से किसानों के सामने आर्थिक संकट गहरा गया है। कई परिवारों के लिए पशुओं के चारे का संकट पैदा हो गया है और उन्हें अपने पशु बेचने तक की नौबत आ रही है। इसके अलावा घरेलू खर्च, बच्चों की पढ़ाई और बेटियों की शादी जैसी जिम्मेदारियां भी किसानों के लिए भारी चुनौती बन गई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस नुकसान ने उनकी पूरी साल की मेहनत पर पानी फेर दिया है।

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सर्वे में देरी से बढ़ी चिंता

ग्रामीणों ने प्रशासन पर आरोप लगाया है कि कई प्रभावित गांवों में अब तक सर्वे टीम नहीं पहुंची है, जिससे मुआवजे की प्रक्रिया में देरी हो रही है। किसान मुआवजे की उम्मीद लगाए बैठे हैं, लेकिन देरी के कारण अनिश्चितता बढ़ती जा रही है। वहीं प्रशासन का कहना है कि प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे कार्य जारी है और रिपोर्ट तैयार कर जल्द ही शासन को भेजी जाएगी, ताकि राहत राशि दी जा सके।

 

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