HIGHLIGHTS:
- सीएम हेल्पलाइन शिकायतों में भारी लापरवाही उजागर
- तीन अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी
- 108 दिन से ज्यादा लंबित मिली कई शिकायतें
- बैठक से गैरहाजिर और फील्ड में कमजोर निगरानी
- जवाब नहीं देने पर निलंबन की चेतावनी
Bhind Officials Get Notices : भिण्ड। जिले में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा बैठक में गंभीर लापरवाही सामने आने पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। बता दें कि सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के लंबित रहने और फील्ड में कमजोर निगरानी को देखते हुए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी वीर सिंह चौहान ने तीन अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और तीन दिन में जवाब मांगा है।
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इन अधिकारियों पर कार्रवाई
नोटिस पाने वालों में जनपद पंचायत गोहद के एडीईओ जितेन्द्र गुर्जर, उपयंत्री अरुण चकोटिया और जनपद पंचायत लहार के उपयंत्री उमेश तिवारी शामिल हैं। समीक्षा के दौरान पाया गया कि एडीईओ जितेन्द्र गुर्जर अपने क्षेत्र की पंचायतों में नियमित रूप से उपस्थित नहीं रहते, जिससे विकास कार्यों और योजनाओं का क्रियान्वयन प्रभावित हो रहा है।
बैठक से गायब और कामकाज में लापरवाही
उपयंत्री अरुण चकोटिया बिना पूर्व सूचना के समीक्षा बैठक से अनुपस्थित रहे, जिससे उनके क्षेत्र के कार्यों की जानकारी नहीं मिल सकी। वहीं उपयंत्री उमेश तिवारी के कार्यक्षेत्र में सीएम हेल्पलाइन की कई शिकायतें 108 दिन से अधिक समय से लंबित पाई गईं, जबकि अन्य मामलों में भी संतोषजनक निराकरण नहीं किया गया।
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तीन दिन में जवाब, नहीं तो निलंबन तय
सीईओ वीर सिंह चौहान ने निर्देश दिए हैं कि तीनों अधिकारी तीन दिवस के भीतर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर प्रगति रिपोर्ट के साथ स्पष्टीकरण दें। नोटिस में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर एकपक्षीय कार्रवाई करते हुए निलंबन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। प्रशासन ने यह भी साफ कर दिया है कि सीएम हेल्पलाइन जैसी व्यवस्था में लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।