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क्रिकेट इतिहास के खास खिलाड़ी Manoj Prabhakar: जानिए उनके विश्व रिकॉर्ड के बारे में


नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट इतिहास के बेहतरीन तेज गेंदबाजी ऑलराउंडरों में गिने जाने वाले मनोज प्रभाकर का जन्म 15 अप्रैल 1963 को गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश) में हुआ था। उन्होंने भारतीय टीम के लिए लंबे समय तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और गेंदबाजी के साथ-साथ निचले क्रम में उपयोगी बल्लेबाजी से भी टीम को कई बार संभाला।
शानदार इंटरनेशनल करियर
मनोज प्रभाकर ने 1984 में वनडे क्रिकेट से श्रीलंका के खिलाफ डेब्यू किया, जबकि उसी साल इंग्लैंड के खिलाफ उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में भी कदम रखा। वह 1996 तक भारतीय टीम का हिस्सा रहे और इस दौरान उन्होंने कई यादगार प्रदर्शन किए। टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने 39 मैचों में 96 विकेट लिए, जबकि बल्ले से 1600 से ज्यादा रन बनाए, जिसमें 1 शतक और 9 अर्धशतक शामिल रहे। वनडे में उन्होंने 157 विकेट झटके और 1858 रन बनाए, जिसमें 2 शतक और 11 अर्धशतक शामिल थे।
अनोखा विश्व रिकॉर्ड
मनोज प्रभाकर के नाम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का एक खास रिकॉर्ड दर्ज है उन्होंने सबसे ज्यादा बार ओपनिंग करने का कारनामा किया। उन्होंने 45 वनडे और 20 टेस्ट मैचों में पारी की शुरुआत की, यानी गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों ही भूमिकाओं में उन्होंने टीम की शुरुआत की। उनकी खासियत स्विंग गेंदबाजी, धीमी गेंद और सटीक लाइन-लेंथ मानी जाती थी, जिससे वे कई बड़े बल्लेबाजों के लिए चुनौती बन जाते थे।
बड़ी उपलब्धियां
मनोज प्रभाकर 1984 एशिया कप, 1985 वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ क्रिकेट, 1990-91 और 1995 एशिया कप जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रहे। उनके ऑलराउंड प्रदर्शन ने कई मौकों पर भारत को मजबूती दी।
घरेलू क्रिकेट में भी दमदार रिकॉर्ड
घरेलू क्रिकेट में उन्होंने दिल्ली के लिए खेलते हुए 154 प्रथम श्रेणी मैचों में 385 विकेट और 7,000 से ज्यादा रन बनाए। लिस्ट ए क्रिकेट में भी उनका प्रदर्शन शानदार रहा, जहां उन्होंने 200 से ज्यादा मैचों में 269 विकेट लिए।
 करियर और विवाद
मनोज प्रभाकर का करियर जितना शानदार रहा, उतना ही विवादों से भी जुड़ा रहा। उन पर मैच फिक्सिंग के आरोप लगे और बाद में वे कोचिंग भूमिकाओं में भी नजर आए—दिल्ली, राजस्थान, अफगानिस्तान और नेपाल टीम के साथ उन्होंने काम किया।

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