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आजीविका मिशन में भ्रष्टाचार का खुलासा, मैनेजर ने मांगी 75% मानदेय की रकम


नर्मदापुरम  मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) से जुड़ा बड़ा घोटाला सामने आया है। यहां ब्लॉक मैनेजर पर महिला सखी से मानदेय के बदले 75% तक रिश्वत मांगने के गंभीर आरोप लगे हैं। प्रारंभिक जांच में शिकायत सही पाई गई है, जिससे विभाग में हड़कंप मच गया है।

75% तक कमीशन मांगने का आरोप

बनखेड़ी की एक महिला बैंक सखी ने आरोप लगाया कि ब्लॉक मैनेजर दुर्गेश अहिरवार ने उसके मानदेय भुगतान के बदले 75 फीसदी रकम मांगी। इतना ही नहीं, पैसे नहीं देने पर उसे काम से हटाने की धमकी भी दी गई।

 जांच में मिले सबूत

शिकायत के बाद मामले की जांच के लिए जिला पंचायत सीईओ हिमांशु जैन ने दो सदस्यीय टीम गठित की। जांच में प्राथमिक तौर पर रिश्वत मांगने के साक्ष्य मिले हैं। रिपोर्ट कलेक्टर को सौंप दी गई है और जल्द कार्रवाई की बात कही जा रही है।

एक हफ्ते में दूसरा मामला

यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले केसला में लोकायुक्त पुलिस ने 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते तीन लोगों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया था।

इस कार्रवाई में:

सहायक विकासखंड प्रबंधक धर्मेंद्र गुप्ता
क्लस्टर मैनेजर
चपरासी
को गिरफ्तार किया गया था।

ऐसे बिछाया गया जाल

ग्राम पाण्डुखेड़ी की महिला सुनैया बरकड़े से 25 हजार रुपए की मांग की गई थी, जो बाद में 20 हजार में तय हुई। महिला ने लोकायुक्त में शिकायत की, जिसके बाद टीम ने ट्रैप लगाकर तीनों को रिश्वत लेते पकड़ लिया।

पूरे सिस्टम पर उठे सवाल

लगातार सामने आ रहे मामलों से यह साफ है कि जिले में आजीविका मिशन के तहत मानदेय भुगतान प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं। शक जताया जा रहा है कि कहीं फर्जी बिल बनाकर भी भुगतान तो नहीं किया जा रहा।

प्रशासन सख्त

सीईओ हिमांशु जैन ने साफ कहा है कि अगर और अधिकारियों की संलिप्तता सामने आती है, तो नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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