Chambalkichugli.com

MP में तबादलों का रास्ता साफ मई जून में खुलेगा ट्रांसफर विंडो नई नीति तैयार

भोपाल । मध्यप्रदेश में सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादलों पर लगे प्रतिबंध के जल्द हटने की संभावना ने प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज कर दी है लंबे समय से ट्रांसफर का इंतजार कर रहे कर्मचारियों के लिए यह खबर राहत भरी मानी जा रही है जानकारी के अनुसार राज्य सरकार मई और जून के बीच एक महीने के लिए तबादलों पर लगा बैन हटाने की तैयारी कर रही है इसके लिए सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा नई तबादला नीति को अंतिम रूप देने का काम तेजी से किया जा रहा है

सूत्रों के मुताबिक प्रस्तावित तबादला नीति को लेकर जल्द ही कैबिनेट बैठक में प्रस्तुतीकरण किया जा सकता है इस नई नीति के तहत तबादलों की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की कोशिश की जा रही है खास बात यह है कि इस बार ट्रांसफर आदेश पूरी तरह ऑनलाइन जारी किए जाएंगे जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और अनावश्यक दबाव या हस्तक्षेप को कम किया जा सकेगा

नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक संवर्ग में अधिकतम 20 प्रतिशत तक ही तबादले किए जा सकेंगे जिससे बड़े पैमाने पर होने वाले बदलावों को नियंत्रित रखा जा सके वहीं जिलों में होने वाले तबादलों के लिए संबंधित प्रभारी मंत्री की मंजूरी अनिवार्य होगी इसके अलावा विधायकों की अनुशंसाओं को भी प्राथमिकता दिए जाने की संभावना जताई जा रही है जिससे राजनीतिक और प्रशासनिक समन्वय बनाए रखने की कोशिश की जाएगी

वरिष्ठ अधिकारियों के तबादलों को लेकर भी स्पष्ट दिशा निर्देश तय किए जा रहे हैं फर्स्ट क्लास अधिकारियों के तबादले केवल मुख्यमंत्री की मंजूरी से ही हो सकेंगे जबकि अन्य संवर्ग के कर्मचारियों और अधिकारियों के तबादले संबंधित विभागीय मंत्री की स्वीकृति से किए जाएंगे इस व्यवस्था से उच्च स्तर पर निगरानी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है

इस बार तबादला नीति में एक महत्वपूर्ण बिंदु यह भी शामिल किया गया है कि ऐसे अधिकारी और कर्मचारी जो लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ हैं उन्हें प्राथमिकता के आधार पर स्थानांतरित किया जाएगा विशेष रूप से वे अधिकारी जो तीन साल या उससे अधिक समय से एक ही जगह पर कार्यरत हैं उन्हें हटाने की प्रक्रिया पहले शुरू की जाएगी इससे प्रशासनिक व्यवस्था में नई ऊर्जा और निष्पक्षता लाने की उम्मीद जताई जा रही है

राज्य सरकार का मानना है कि समय समय पर तबादले होने से न केवल कार्यप्रणाली में सुधार आता है बल्कि जवाबदेही भी बढ़ती है इसी को ध्यान में रखते हुए इस बार की नीति को अधिक संतुलित और प्रभावी बनाने की कोशिश की जा रही है ताकि कर्मचारियों की अपेक्षाओं और प्रशासनिक आवश्यकताओं के बीच संतुलन स्थापित किया जा सके

फिलहाल सभी की नजरें आगामी कैबिनेट बैठक पर टिकी हैं जहां इस नई तबादला नीति को अंतिम मंजूरी मिल सकती है यदि सब कुछ तय योजना के अनुसार हुआ तो आने वाले महीनों में मध्यप्रदेश में एक बार फिर तबादलों का दौर शुरू हो जाएगा और लंबे समय से एक ही जगह पर जमे अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां मिलेंगी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *