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महिला आरक्षण पर सियासी घमासान: कंगना रनौत का विपक्ष पर हमला, ‘बेटियों के प्रति सोच’ पर उठाए सवाल

नई दिल्ली। महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े विधेयकों पर संसद में बहस के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा सांसद कंगना रनौत ने विपक्ष पर तीखा निशाना साधते हुए कहा कि उनके रुख से “बेटियों के प्रति उनकी सोच” उजागर हो रही है।

कंगना रनौत ने कहा कि विपक्ष परिसीमन को लेकर अनावश्यक बहाने बना रहा है, जबकि इस मुद्दे पर स्थिति पहले ही स्पष्ट की जा चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश देख रहा है कि विपक्ष की मंशा क्या है और वह महिला आरक्षण को लेकर गंभीर नहीं है।

परिसीमन पर ‘भ्रम फैलाने’ का आरोप

भाजपा के एक अन्य सांसद तेजस्वी सूर्या ने भी विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि महिला आरक्षण कानून को लेकर जनता को गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि परिसीमन के बाद दक्षिणी राज्यों को अधिक सीटों का लाभ मिल सकता है।
सूर्या ने याद दिलाया कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 में सर्वसम्मति से पारित हुआ था और तब सभी दल इस बात पर सहमत थे कि इसे जनगणना और परिसीमन के बाद लागू किया जाएगा। उनके मुताबिक अब विपक्ष इस मुद्दे पर यू-टर्न ले रहा है।

सत्ता और विपक्ष आमने-सामने

महिला आरक्षण में संशोधन और परिसीमन आयोग के गठन से जुड़े प्रस्तावों पर एनडीए और विपक्ष के बीच सीधी टक्कर देखने को मिल रही है।
जहां सत्तापक्ष का कहना है कि महिलाओं को आरक्षण के लिए लंबे समय से इंतजार करना पड़ा है, वहीं विपक्ष का आरोप है कि सरकार की कार्यप्रणाली देश के संघीय ढांचे को प्रभावित कर सकती है।

संसद में पेश हुए अहम विधेयक

लोकसभा में चर्चा के लिए

‘संविधान (131वां) संशोधन विधेयक, 2026’
‘परिसीमन विधेयक, 2026’
‘संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026’

पेश किए गए हैं। प्रस्ताव के मुताबिक, 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन के बाद 2029 के आम चुनाव से पहले महिला आरक्षण लागू करने की योजना है। इसके तहत लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर अधिकतम 850 तक की जा सकती है।

संख्याबल की चुनौती

वर्तमान में लोकसभा में एनडीए के पास 292 सांसद हैं, जबकि विपक्षी दलों के पास 233 सदस्य हैं। संविधान संशोधन विधेयक पारित करने के लिए उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता होती है।

ऐसे में यह मुद्दा न केवल नीतिगत बल्कि राजनीतिक रूप से भी बेहद अहम बन गया है, जिस पर आने वाले दिनों में और तीखी बहस देखने को मिल सकती है।

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