अन्नू कपूर ने इस पूरे मामले को याद करते हुए बताया कि फिल्म के रिलीज के दौरान मीडिया में इस विषय को काफी उछाला गया था। उनसे बार-बार यही सवाल पूछा जाता था कि क्या प्रियंका चोपड़ा उनके साथ ऑनस्क्रीन किस करने से हिचकिचा रही थीं। इस पर उन्होंने कहा कि किसी भी कलाकार के लिए यह पूरी तरह व्यक्तिगत निर्णय होता है और इसमें कुछ भी असामान्य नहीं है। उन्होंने यह भी माना कि उस समय उनकी कही गई बातों को बाद में बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया, जिससे विवाद और गहरा हो गया।
उन्होंने यह भी बताया कि फिल्म के निर्देशक ने उन्हें इस बात की जानकारी दी थी कि प्रियंका इस सीन को लेकर पूरी तरह सहज नहीं थीं। इस पर उन्होंने कोई आपत्ति नहीं जताई, बल्कि इसे एक सामान्य स्थिति के रूप में देखा। उनके अनुसार, दोनों के बीच उम्र का अंतर काफी ज्यादा था और सेट पर उनका रिश्ता भी बेहद सहज और सम्मानजनक था। वे अक्सर प्रियंका को स्नेह से ‘बेटा’ कहकर बुलाते थे, जिससे उनके बीच एक अलग तरह की समझ विकसित हो गई थी।
अन्नू कपूर ने साफ तौर पर कहा कि उन्हें इस पूरे मुद्दे से कभी कोई परेशानी नहीं हुई। उन्होंने यहां तक सुझाव दिया था कि यदि जरूरत हो तो उस सीन को हटाया भी जा सकता है, लेकिन फिल्म की कहानी के अनुसार उसे रखा गया। उन्होंने यह भी कहा कि एक पेशेवर अभिनेता के रूप में उनका कर्तव्य था कि वे अपने काम को पूरी ईमानदारी से निभाएं, और उन्होंने वही किया।
दूसरी ओर, इस मुद्दे पर प्रियंका चोपड़ा की प्रतिक्रिया भी उस समय सामने आई थी, जिसमें उन्होंने इस तरह की चर्चाओं पर नाराजगी जताई थी। उनका कहना था कि इस विषय को जिस तरह से प्रस्तुत किया गया, वह सही नहीं था और इससे उन्हें असहज महसूस हुआ। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि फिल्म में इस तरह के सीन पहले से तय नहीं थे और बाद में इस पर अनावश्यक विवाद खड़ा कर दिया गया।
फिल्म ‘7 खून माफ’ में अन्नू कपूर ने प्रियंका चोपड़ा के एक पति की भूमिका निभाई थी। यह कहानी एक महिला के जीवन और उसके रिश्तों के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसमें कई कलाकारों ने अलग-अलग किरदार निभाए थे। फिल्म अपने विषय और प्रस्तुति के कारण उस समय चर्चा में रही थी।
अब, कई वर्षों बाद जब यह मुद्दा फिर सामने आया है, तो अन्नू कपूर ने अपने पक्ष को स्पष्ट करते हुए यह बताया है कि उस समय की परिस्थितियों को समझना जरूरी है। उनके अनुसार, फिल्म इंडस्ट्री में काम करते समय कलाकारों की सहजता और सीमाओं का सम्मान करना सबसे महत्वपूर्ण होता है, और यही किसी भी पेशेवर माहौल की पहचान है।