प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के वक्त पिकअप की रफ्तार करीब 100 किलोमीटर प्रति घंटा थी और उसमें बड़ी संख्या में मजदूर सवार थे। टायर फटने के बाद वाहन बेकाबू होकर सीधे हादसे का शिकार हो गया, जिससे मौके पर ही कई लोगों की जान चली गई।
16 लोगों की मौत, बच्चों समेत कई परिवार उजड़े
इस दर्दनाक हादसे में अब तक 16 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जिनमें 6 मासूम बच्चे भी शामिल हैं। इसके अलावा 13 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं, जिनमें से 7 की हालत गंभीर बताई जा रही है और उन्हें बेहतर इलाज के लिए Indore रेफर किया गया है। अन्य घायलों का इलाज स्थानीय और निजी अस्पतालों में जारी है।
हादसे ने कई परिवारों को एक झटके में उजाड़ दिया है। मृतकों में महिलाएं, बच्चे और युवा शामिल हैं, जिससे गांवों में मातम का माहौल है। प्रशासन ने घायलों के इलाज के लिए अस्पतालों में विशेष इंतजाम किए हैं और डॉक्टरों की टीम तैनात की गई है।
प्रशासन अलर्ट, राहत और इलाज की व्यवस्था
इंदौर संभाग के अधिकारियों के मुताबिक, सभी घायलों को तुरंत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। अस्पतालों में फ्रैक्चर और गंभीर चोटों के इलाज के लिए जरूरी संसाधन जुटाए गए हैं। इंदौर में भी मेडिकल टीम को अलर्ट पर रखा गया है ताकि रेफर किए गए मरीजों का बेहतर इलाज हो सके।
सरकार का ऐलान: मृतकों के परिजनों को मुआवजा
इस हादसे पर प्रधानमंत्री Narendra Modi ने गहरा दुख व्यक्त किया है और मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2-2 लाख रुपए तथा घायलों को 50-50 हजार रुपए की सहायता राशि देने की घोषणा की है।
वहीं, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए, गंभीर घायलों को 1-1 लाख रुपए और अन्य घायलों को 50-50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सभी घायलों के मुफ्त इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
तेज रफ्तार और लापरवाही बनी जानलेवा
यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार के खतरों की गंभीरता को उजागर करता है। एक छोटी सी चूक या तकनीकी खराबी किस तरह बड़ी त्रासदी में बदल सकती है, यह घटना उसका दर्दनाक उदाहरण है।