एक इंटरव्यू के दौरान अन्नू कपूर ने बताया कि उन्होंने अपने करियर में ऐसे कई सीन किए हैं, जहां प्रोफेशनलिज्म सबसे महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने कहा कि शूटिंग के दौरान हमेशा यह ध्यान रखा जाता है कि सह-कलाकार, विशेषकर अभिनेत्रियां, किसी भी तरह से असहज महसूस न करें।
अन्नू कपूर ने एक पुरानी घटना को याद करते हुए बताया कि एक फिल्म के सेट पर इंटीमेट सीन के दौरान एक अभिनेता भावनाओं में इस कदर बह गया था कि डायरेक्टर के ‘कट’ बोलने के बाद भी वह सीन से बाहर नहीं आया। इस स्थिति ने वहां मौजूद एक्ट्रेस को बेहद असहज कर दिया था। उन्होंने आगे कहा कि वह अभिनेत्री इतनी परेशान हो गई थीं कि वह दो दिनों तक अपने कमरे से बाहर नहीं निकलीं।
इस अनुभव को साझा करते हुए अन्नू कपूर ने यह भी कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में कुछ लोग ऐसी परिस्थितियों का गलत फायदा उठाने की कोशिश करते हैं, जो बिल्कुल भी सही नहीं है। उनके अनुसार, शूटिंग सेट पर अनुशासन और सम्मान सबसे जरूरी है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अपने करियर में उन्होंने हमेशा प्रोफेशनल तरीके से ऐसे सीन किए हैं और सह-कलाकारों की सुविधा का पूरा ध्यान रखा है। अगर कोई अभिनेत्री नर्वस महसूस करती है, तो वह स्थिति को समझने की कोशिश करते हैं और अनावश्यक दबाव नहीं डालते।
इसी बातचीत में उन्होंने फिल्म 7 Khoon Maaf का भी जिक्र किया और बताया कि शूटिंग के दौरान कुछ सीन को लेकर असहजता की स्थिति बनी थी, लेकिन उन्होंने प्रोफेशनल तरीके से काम पूरा किया।
अन्नू कपूर के इस बयान के बाद एक बार फिर फिल्म इंडस्ट्री में शूटिंग सेट के माहौल, सहमति और पेशेवर व्यवहार को लेकर चर्चा तेज हो गई है। उनके मुताबिक, कलाकारों की सुरक्षा और सम्मान किसी भी सीन से ज्यादा महत्वपूर्ण है।
कुल मिलाकर, उनका यह बयान इंडस्ट्री में काम करने के तरीकों और जिम्मेदार व्यवहार पर एक गंभीर सवाल भी खड़ा करता है।