अशोक पंडित के इस ‘एक्टर’ बनने की कहानी भी काफी दिलचस्प है। उन्होंने खुलासा किया कि इस भूमिका का बीज काफी समय पहले बोया गया था, जब उनके करीबी फिल्मकार मित्रों ने उन्हें एक विशेष किरदार के लिए तैयार किया। दरअसल, फिल्म की कास्टिंग टीम का मानना था कि एक विशिष्ट चरित्र के लिए अशोक पंडित से बेहतर कोई दूसरा विकल्प नहीं हो सकता। शुरुआत में अशोक पंडित ने इस प्रस्ताव को महज एक मजाक समझा और काफी समय तक वे इसे टालते रहे। लेकिन अपने दोस्तों के अटूट विश्वास और बार-बार किए गए आग्रह के सामने उन्होंने अंततः घुटने टेक दिए और पर्दे पर आने का फैसला कर लिया।
अपने अनुभव को साझा करते हुए अशोक पंडित ने बताया कि अभिनय करना उनके लिए किसी रोमांच से कम नहीं था। उन्होंने स्वीकार किया कि शुरुआत में झिझक के बावजूद, जैसे-जैसे शूटिंग आगे बढ़ी, उन्हें कैमरे के सामने किरदार को जीने में बहुत आनंद आने लगा। उन्होंने निर्देशक और अपनी टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके प्रोत्साहन की वजह से ही वे इस कठिन चुनौती को स्वीकार कर पाए। फिल्म जगत से जुड़े लोगों ने भी उनके इस नए अवतार की सराहना की है और इसे एक साहसी कदम बताया है। फिल्म के निर्देशक ने भी अशोक पंडित के साथ काम करने को एक सम्मान की बात बताते हुए उनकी ऊर्जा और समर्पण की प्रशंसा की है।
अशोक पंडित हमेशा से ही अपनी सक्रियता के लिए जाने जाते रहे हैं, फिर चाहे वह फिल्म उद्योग के हित की बात हो या व्यक्तिगत विचार। उनके इस नए रचनात्मक कदम ने सोशल मीडिया पर काफी हलचल पैदा कर दी है। उनके फॉलोअर्स इस बात से हैरान और उत्साहित हैं कि एक गंभीर फिल्म निर्माता के भीतर एक मंझा हुआ अभिनेता भी छिपा हुआ था। अब देखना यह होगा कि दर्शकों को पर्दे पर उनका यह नया अंदाज़ कितना पसंद आता है और क्या वे भविष्य में और भी बड़े प्रोजेक्ट्स में अभिनय करते नजर आएंगे।