कंपनी का शुद्ध लाभ इस वित्त वर्ष में 16 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 12,782 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। वहीं, कुल आय में भी उल्लेखनीय उछाल देखा गया, जो 25 प्रतिशत बढ़कर 38,736 करोड़ रुपये से अधिक हो गई। यह बढ़ोतरी इस बात का संकेत है कि कंपनी ने अपने विभिन्न कारोबार क्षेत्रों में संतुलित और प्रभावी रणनीति अपनाई है।
इस दौरान परिचालन लाभ यानी एबिटा में भी 20 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो 22,851 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। यह आंकड़ा कंपनी की मजबूत कार्यप्रणाली और लागत नियंत्रण को दर्शाता है।
परिचालन उपलब्धियों की बात करें तो कंपनी ने इस वर्ष एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर हासिल किया। एक ही वर्ष में 50 करोड़ मीट्रिक टन से अधिक कार्गो को संभालना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है, जिसने कंपनी को देश के अग्रणी एकीकृत परिवहन ऑपरेटर के रूप में स्थापित किया है।
कंपनी के लॉजिस्टिक्स कारोबार ने इस वृद्धि में अहम भूमिका निभाई। इस सेगमेंट में 55 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो ट्रांसपोर्ट और माल ढुलाई सेवाओं के विस्तार के कारण संभव हो पाई। वहीं समुद्री कारोबार में 134 प्रतिशत की तेज वृद्धि ने कंपनी के कुल प्रदर्शन को और मजबूती दी। बेड़े में जहाजों की संख्या बढ़ने से इस क्षेत्र में तेजी आई है।
अंतरराष्ट्रीय संचालन से भी कंपनी को सकारात्मक परिणाम मिले हैं। विदेशी बंदरगाहों से प्राप्त राजस्व में 34 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो वैश्विक स्तर पर कंपनी के विस्तार को दर्शाता है।
वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही में भी कंपनी का प्रदर्शन संतोषजनक रहा। इस अवधि में आय में 26 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि मुनाफा 9 प्रतिशत बढ़कर 3,308 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इससे स्पष्ट है कि वर्ष के अंत तक भी कंपनी की विकास दर बनी रही।
भविष्य की योजनाओं को लेकर कंपनी ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि आने वाले वर्षों में वह अपनी क्षमता और दायरे को और बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करेगी। कार्गो हैंडलिंग क्षमता बढ़ाने, सेवाओं का विस्तार करने और निवेश को संतुलित बनाए रखने की रणनीति पर काम किया जा रहा है।