HIGHLIGHTS:
- ग्वालियर में साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश
- होटल के कमरे से चल रहा था नेटवर्क
- पाकिस्तान के नंबरों से मिल रहे थे निर्देश
- चार आरोपी गिरफ्तार, कई दस्तावेज जब्त
- म्यूल अकाउंट के जरिए होती थी ठगी
Gwalior Pakistani Cyber Network: मध्यप्रदेश। ग्वालियर क्राइम ब्रांच ने एक अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए शहर के पॉश इलाके कैलाश विहार स्थित होटल एचजी से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी होटल के कमरे को कंट्रोल रूम बनाकर देशभर में साइबर ठगी का नेटवर्क चला रहे थे। मुखबिर से सूचना मिलने के बाद क्राइम ब्रांच ने दबिश दी और मौके से संदिग्ध गतिविधियों में इस्तेमाल हो रहे लैपटॉप, मोबाइल और अन्य दस्तावेज बरामद किए।
लखनऊ की सियासत में हलचल तेज, योगी सरकार में नए चेहरों की एंट्री लगभग तय..
पाकिस्तान से मिल रहे थे निर्देश
जांच में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि आरोपियों के मोबाइल पर पाकिस्तान के कंट्री कोड (+92) वाले नंबरों से कॉल और व्हाट्सएप मैसेज आ रहे थे। पुलिस के अनुसार पाकिस्तान में बैठा हैंडलर ही इन्हें निर्देश देता था कि किस खाते में ठगी की रकम मंगानी है और उसे आगे कहां ट्रांसफर करना है। गिरफ्तार आरोपियों में दो ग्वालियर, एक मुरैना और एक राजस्थान के धौलपुर का रहने वाला बताया गया है।
कोलकाता समारोह में भावनात्मक क्षण, पीएम मोदी ने बुजुर्ग कार्यकर्ता को मंच पर दिया विशेष सम्मान
म्यूल अकाउंट नेटवर्क से करते थे ठगी
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी म्यूल अकाउंट नेटवर्क ऑपरेट कर रहे थे। इस नेटवर्क में ठग सीधे अपने खाते में पैसे नहीं मंगाते, बल्कि कमीशन देकर दूसरे लोगों के बैंक खाते इस्तेमाल करते हैं। इन्हीं खातों में ठगी की रकम जमा कराई जाती थी और बाद में उसे क्रिप्टो या डार्क वेब के जरिए विदेश भेजा जाता था। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।
मोबाइल, सिम और बैंक दस्तावेज जब्त
क्राइम ब्रांच ने आरोपियों के पास से कई मोबाइल फोन, सिम कार्ड, पासबुक और चेकबुक बरामद किए हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह ने अब तक कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया और कितनी रकम का ट्रांजैक्शन किया गया। साथ ही ग्वालियर और आसपास के क्षेत्रों में इनके अन्य मददगारों की भी जांच की जा रही है।