Cough Syrup Scandal: ग्वालियर | 16 अक्टूबर 2025, छिंदवाड़ा में कफ सिरप से जुड़े गंभीर मामले के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। अब ग्वालियर में छह प्रमुख दवाओं के उपयोग पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। इस संबंध में सिविल सर्जन कार्यालय की ओर से सभी सरकारी अस्पतालों को लिखित निर्देश जारी किए गए हैं।
MPPHCL के निर्देश पर हुई कार्रवाई
यह कार्रवाई मध्यप्रदेश पब्लिक हेल्थ सर्विसेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (MPPHCL) के निर्देश पर की गई है। सिविल सर्जन डॉ. आर.के. शर्मा को ईमेल के माध्यम से यह सूचना प्राप्त हुई, जिसके बाद उन्होंने ग्वालियर जिले के सभी सरकारी अस्पतालों, वार्ड प्रभारी, दवा वितरण केंद्र और प्रसूति गृहों को आदेश जारी किए हैं।
आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि अगर इन दवाओं का कोई स्टॉक अस्पताल में मौजूद है, तो उसे तत्काल सिविल सर्जन के स्टोर में जमा कर दिया जाए।
इन 6 दवाओं के उपयोग पर लगी रोक
1. मेरोपेनम (Meropenem)
2. सिप्रोफ्लोक्सेसिन 250mg टैबलेट
3. लैक्टुलोज सिरप (10ml और 15ml)
4. एल्बेंडाजोल 400mg
5. रेबीप्राजोल 20mg टैबलेट
6. इलेक्ट्रोलाइट पी
क्यों बढ़ी सतर्कता?
छिंदवाड़ा में कथित तौर पर कफ सिरप के सेवन से बच्चों की मौत के बाद राज्यभर में दवाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर सवाल उठे हैं। इसी के चलते अब स्वास्थ्य विभाग कोई भी लापरवाही बरतने के मूड में नहीं है।
क्या कहता है स्वास्थ्य विभाग?
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि यह प्रतिबंध सावधानी के तौर पर लगाया गया है। जब तक इन दवाओं की गुणवत्ता की जांच पूरी नहीं होती, तब तक इनका उपयोग नहीं किया जाएगा। आगे की कार्रवाई रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।
READ MORE: MP में 24 किन्नरों का सामूहिक आत्महत्या का प्रयास, दो की हालत गंभीर