नेहरू जी को बच्चों से बेहद लगाव था, इसलिए उन्हें “चाचा नेहरू” के नाम से भी जाना जाता है। उनकी पुण्यतिथि के अवसर पर स्कूलों, संस्थानों और राजनीतिक संगठनों में उन्हें श्रद्धांजलि दी जाती है। लोग उन्हें फूल अर्पित कर उनके योगदान को याद करते हैं और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लेते हैं।
नेहरू जी का मानना था कि भारत का भविष्य शिक्षा, विज्ञान और तकनीक पर आधारित होना चाहिए। उन्होंने देश में बड़े-बड़े उद्योगों, आईआईटी और वैज्ञानिक संस्थानों की स्थापना की दिशा में काम किया। उनके नेतृत्व में भारत ने लोकतंत्र को मजबूत किया और एक आधुनिक राष्ट्र बनने की ओर कदम बढ़ाए।
आज भी नेहरू जी की नीतियों और सोच का असर भारतीय राजनीति और विकास मॉडल में देखा जा सकता है। उनके द्वारा दिया गया धर्मनिरपेक्षता और लोकतांत्रिक मूल्यों का संदेश भारत की सबसे बड़ी ताकत माना जाता है।
पुण्यतिथि के इस अवसर पर देश उन्हें केवल याद ही नहीं करता, बल्कि उनके दिखाए रास्ते पर चलने का संकल्प भी लेता है। उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा स्रोत रहेगा।
नेहरू जी ने कहा था कि “भविष्य उन्हीं का है जो अपने सपनों की सुंदरता पर विश्वास करते हैं।” यही विचार आज भी हर भारतीय को आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।