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12 घंटे ड्यूटी फिर भी वेतन नहीं, ग्वालियर में 108 एम्बुलेंस कर्मचारियों का फूटा गुस्सा


ग्वालियर । ग्वालियर में लोगों की जान बचाने वाली 108 एम्बुलेंस सेवा खुद गंभीर बदहाली का शिकार होती नजर आ रही है। मेंटीनेंस की कमी, खराब वाहनों, डीजल संकट और कर्मचारियों को समय पर वेतन न मिलने जैसे आरोपों ने स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

मंगलवार को 108 एम्बुलेंस सेवा से जुड़े चालक और EMT कर्मचारी अपनी समस्याएं लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिला प्रशासन के सामने अपनी पीड़ा रखी। कर्मचारियों ने सेवा संचालन करने वाली JASS कंपनी पर लापरवाही और व्यवस्थाओं की अनदेखी के गंभीर आरोप लगाए।

कर्मचारियों के मुताबिक जिले में संचालित सात से आठ एम्बुलेंस लंबे समय से मेंटीनेंस के अभाव में बंद पड़ी हैं। कई वाहनों के एयर कंडीशनर खराब हैं, जिससे भीषण गर्मी में मरीजों और कर्मचारियों दोनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने बताया कि कई एम्बुलेंस की लाइटें खराब हैं और कुछ वाहन डीजल की कमी के कारण रास्ते में ही बंद हो जाते हैं। कर्मचारियों का कहना है कि ऐसी स्थिति में मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना मुश्किल हो रहा है, जिससे उनकी जान पर भी खतरा बन सकता है।

एम्बुलेंस कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें लगातार 12-12 घंटे की ड्यूटी करनी पड़ रही है, लेकिन इसके बावजूद समय पर वेतन नहीं दिया जा रहा। वेतन में देरी और खराब कार्य परिस्थितियों से कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ तो वे काम बंद करने को मजबूर हो सकते हैं। उनका कहना है कि कई बार शिकायतों के बावजूद कंपनी की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

इस पूरे मामले ने आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी स्थिति को उजागर कर दिया है। अब देखना होगा कि प्रशासन और संबंधित कंपनी 108 एम्बुलेंस सेवा को पटरी पर लाने के लिए क्या कदम उठाते हैं, क्योंकि इसका सीधा असर मरीजों की जिंदगी पर पड़ सकता है।

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