Chhath Puja 2025 : भोपाल | सूर्य उपासना का महापर्व छठ पूजा मंगलवार सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ पूर्ण हुआ। कार्तिक शुक्ल सप्तमी पर भोपाल के 52 घाटों पर श्रद्धालुओं ने दूध, जल और प्रसाद अर्पित कर सूर्यदेव से आशीर्वाद मांगा। इसी के साथ 36 घंटे का निर्जला व्रत भी संपन्न हुआ।
गूंजे छठी मैया के गीत
कमला पार्क, वर्धमान पार्क (सनसेट पॉइंट), खटलापुरा घाट, प्रेमपुरा घाट, हथाईखेड़ा डैम, बरखेड़ा और घोड़ा पछाड़ डैम पर भोर से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में छठी मैया की पूजा की और लोकगीतों से वातावरण भक्तिमय बना दिया। परिवारों ने एक साथ घाटों पर अर्घ्य अर्पित किया और व्रत पूरा किया। शीतलदास की बगिया में भोपाल दक्षिण पश्चिम के विधायक भगवान दास सबनानी ने श्रद्धालुओं से मुलाकात की और छठ पर्व की शुभकामनाएं दीं।
नगर निगम और प्रशासन की चाक-चौबंद व्यवस्था
छठ पर्व के दौरान नगर निगम ने सभी घाटों पर विशेष इंतजाम किए। सुरक्षा, रोशनी, पेयजल और सफाई की व्यवस्था की गई थी। पुलिस और प्रशासनिक टीमें सुबह से ही घाटों पर तैनात रहीं। पूरे आयोजन के दौरान शांति और अनुशासन का माहौल बना रहा।
छठ पूजा की सामग्री और प्रसाद का महत्व
छठ पूजा के लिए 2-3 बांस की टोकरी, सूप, पानी वाला नारियल, गन्ना, सुथनी, शकरकंद, दूध, जल, हरा हल्दी-अदरक का पौधा, साड़ी, कुर्ता-पजामा, चावल, सिंदूर, धूप, दीपक, पान, सुपारी, कपूर, चंदन और मिठाई प्रमुख रूप से शामिल किए जाते हैं।
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