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उज्जैन में खौफनाक वारदात, युवक पर 26 सेकेंड में 60 लाठियां; वायरल वीडियो से मचा हड़कंप


मध्य प्रदेश । उज्जैन जिले में सामने आई एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है। सोशल मीडिया पर 21 मई को एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें एक युवक को खेत में गिराकर बेरहमी से पीटा जा रहा है। महज 26 सेकेंड के इस वीडियो में 5 से 6 हमलावरों को युवक पर लगातार लाठियां बरसाते देखा जा सकता है। बताया जा रहा है कि इस दौरान उस पर 60 से अधिक वार किए गए।

घटना के बाद सामने आए तथ्यों ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। पीड़ित युवक का नाम संदीप कुमावत है, जो पिपलियाहाना गांव का रहने वाला है और डीजे चलाने का काम करता है। संदीप के अनुसार यह हमला 11 मई को हुआ था, जब वह उज्जैन से अपने गांव लौट रहा था। रास्ते में कुछ लोगों ने उसकी बाइक रोककर उसे जबरन खेत में ले जाकर हमला किया।

पीड़ित का आरोप है कि हमलावरों ने उससे हर महीने 5 हजार रुपए की रंगदारी (हफ्ता) मांगी थी। जब उसने पैसे देने से इनकार किया तो उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई। संदीप का कहना है कि हमलावरों ने अपने चेहरे ढक रखे थे और पिटाई के दौरान उसका वीडियो भी रिकॉर्ड किया गया।

सबसे गंभीर बात यह है कि संदीप ने 11 मई को ही पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन उसका आरोप है कि पुलिस ने समय पर कोई कार्रवाई नहीं की। उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती होना पड़ा, जहां वह पांच दिनों तक भर्ती रहा। लगभग 10 दिन बाद मामला तब सामने आया जब वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

इस दौरान एक किसान को धमकी देने के लिए आरोपियों ने यही वीडियो भेजा था। आरोप है कि किसान से भी पैसे की मांग की गई और कहा गया कि अगर पैसा नहीं दिया गया तो उसका हाल भी संदीप जैसा होगा। डरने के बजाय किसान ने यह वीडियो आगे भेज दिया, जिसके बाद मामला वायरल हो गया और पुलिस हरकत में आई।

वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। हालांकि पुलिस का दावा है कि यह मामला रंगदारी का नहीं बल्कि डीजे बजाने को लेकर हुए विवाद का है। पुलिस के अनुसार कुछ समय पहले संदीप का आरोपियों से विवाद हुआ था, जिसके चलते यह हमला किया गया।

वहीं पीड़ित और स्थानीय लोग इसे ‘ढाबा गैंग’ की दहशत बता रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में यह गिरोह हफ्ता वसूली और सूदखोरी के लिए कुख्यात है। लोगों में इस गैंग का इतना डर है कि वे खुलकर बोलने से भी डरते हैं।

संदीप का कहना है कि हमले के बाद वह कई दिनों तक रिश्तेदारों के यहां छिपकर रहा क्योंकि उसे लगातार धमकियां मिल रही थीं। वह अब भी मानसिक रूप से इस घटना से उबर नहीं पाया है।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और अलग-अलग दावों की पुष्टि करने में जुटी है। यह घटना न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि ग्रामीण इलाकों में सक्रिय कथित गैंग के आतंक की गंभीर तस्वीर भी सामने लाती है।

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