CM MOHAN YADAV STATEMENT: किसानों को मुफ्त हेलमेट बाटेंगे CM, उड़द पर 600 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने का एलान

CM MOHAN YADAV STATEMENT: मध्यप्रदेश। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शाजापुर जिले के शुजालपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ का 134वां संस्करण सुनने के बाद किसानों और जनप्रतिनिधियों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने किसानों की सुरक्षा और आय बढ़ाने को लेकर कई जरुरी घोषणाएं भी कीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के हित में लगातार काम कर रही है और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए नई योजनाएं लागू की जा रही हैं। 1 जून से बदलेंगे कई नियम, यूपीआई-ATM और टैक्स सिस्टम में बड़ा बदलाव शहर आने वाले किसानों को मिलेंगे हेलमेट मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि गांवों से शहरों में दूध, फल, सब्जियां और अन्य कृषि उत्पाद बेचने आने वाले किसानों को मुफ्त हेलमेट उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में किसान मोटरसाइकिल के माध्यम से अपने उत्पाद बाजार तक पहुंचाते हैं, लेकिन हेलमेट का उपयोग नहीं करने से दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है, इसके चलते किसानों की सुरक्षा के लिए ये कदम उठाया गया है। उड़द पर मिले 600 रूपए बोनस मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए उड़द की फसल पर 600 रुपए प्रति क्विंटल बोनस देने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि इसके लिए किसानों का पंजीयन शुरू हो चुका है और जल्द ही खरीदी प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी जाएगी। भारत-ओमान ट्रेड डील से किसानों और व्यापारियों को बड़ा फायदा, गोयल का बयान गेहूं खरीदी में बना नया रिकॉर्ड मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष प्रदेश सरकार ने 2625 रुपए प्रति क्विंटल की दर से एक करोड़ मीट्रिक टन से अधिक गेहूं खरीदा है। लगभग 14 लाख किसानों से हुई यह खरीदी देश में सबसे बड़ा आंकड़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार किसानों से किए गए वादों को पूरा करने के लिए लगातार काम कर रही है। दाल और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने पर फोकस मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश में दाल उत्पादन पर ज़्यादा फोकस किया जा रहा है, मध्यप्रदेश दाल उत्पादन में देश में पहले स्थान पर है। साथ ही उन्होंने बताया कि सरकार दाल प्रसंस्करण उद्योगों को बढ़ावा देने के साथ-साथ दुग्ध उत्पादन और पशुपालन को भी प्रोत्साहित कर रही है।
नेचुरल पेय से पाएं ठंडक और पोषण, गर्मी में अपनाएं हेल्दी विकल्प

नई दिल्ली । देश के कई हिस्सों में इस समय गर्मी अपने चरम पर है और बढ़ते तापमान ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। ऐसे में सेहत को बनाए रखने के लिए खानपान में बदलाव बेहद जरूरी हो जाता है। इसी कड़ी में पारंपरिक और प्राकृतिक पेयों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है, जो न केवल शरीर को ठंडक पहुंचाते हैं बल्कि जरूरी पोषक तत्व भी प्रदान करते हैं। गर्मी के इस मौसम में बाजार में मिलने वाले कोल्ड ड्रिंक्स की बजाय अगर देसी और घरेलू पेयों को दिनचर्या में शामिल किया जाए तो यह शरीर के लिए अधिक लाभकारी साबित होते हैं। ये पेय बिना किसी केमिकल या प्रिजर्वेटिव के तैयार होते हैं और सीधे घर की रसोई से जुड़े होते हैं। यही वजह है कि इनका सेवन स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी लगातार करने की सलाह देते हैं। आम पन्ना गर्मियों का सबसे लोकप्रिय पेय माना जाता है, जो कच्चे आम से तैयार होता है। इसमें विटामिन सी, आयरन और इलेक्ट्रोलाइट्स की भरपूर मात्रा होती है, जो शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ थकान को दूर करता है और पाचन तंत्र को भी मजबूत बनाता है। इसी तरह लस्सी, जो पंजाब और हरियाणा की पहचान मानी जाती है, दही से बनी एक पौष्टिक ड्रिंक है। यह प्रोटीन, कैल्शियम और प्रोबायोटिक्स से भरपूर होती है, जो शरीर को ऊर्जा देने के साथ पेट को भी स्वस्थ रखती है। छाछ भी एक हल्का और पाचन के लिए बेहद लाभकारी पेय है, जो राजस्थान, गुजरात और अन्य राज्यों में भोजन के साथ नियमित रूप से लिया जाता है। बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश में लोकप्रिय सत्तू शरबत भी गर्मी में शरीर के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। यह प्रोटीन और फाइबर से भरपूर होता है, जो लंबे समय तक पेट को भरा रखता है और थकान को दूर करता है। वहीं पश्चिम भारत का प्रसिद्ध कोकम शरबत विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है, जो पाचन सुधारने और शरीर को ठंडक देने में मदद करता है। महाराष्ट्र और कोंकण क्षेत्र की पारंपरिक सोल कढ़ी, जो कोकम और नारियल दूध से तैयार होती है, स्वाद और सेहत का बेहतरीन मेल है। यह पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने के साथ शरीर को ठंडक प्रदान करती है। दक्षिण भारत के पानकम, नीर मोर और सम्बारम जैसे पेय भी गर्मी में बेहद लोकप्रिय हैं। ये गुड़, दही, मसाले और जड़ी-बूटियों से तैयार होते हैं, जो शरीर को न केवल हाइड्रेट रखते हैं बल्कि ऊर्जा भी प्रदान करते हैं। ओडिशा का बेल पना भी गर्मियों में राहत देने वाला एक पारंपरिक पेय है, जो पेट की समस्याओं में भी लाभकारी माना जाता है। इन सभी पेयों की खासियत यह है कि ये प्राकृतिक हैं और शरीर को अंदर से स्वस्थ रखते हैं। बदलते मौसम में अगर इन्हें अपनी दिनचर्या में शामिल किया जाए तो गर्मी के प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है और स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखा जा सकता है।
ठेका व्यवस्था पर सवाल, खन्ना बंजारी साइडिंग में श्रमिकों की अनदेखी से बढ़ा संकट

कटनी । कटनी जिले के बरही क्षेत्र स्थित खन्ना बंजारी रेलवे साइडिंग पर मजदूरों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। यहां करीब 800 से अधिक श्रमिक बिना पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं के जोखिम भरे हालात में काम करने को मजबूर हैं। भीषण गर्मी के बीच हालात इतने खराब हैं कि कई मजदूरों को राहत पाने के लिए मालगाड़ी के नीचे बैठकर आराम करना पड़ रहा है, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका लगातार बनी हुई है। रेलवे साइडिंग पर गिट्टी लोडिंग का कार्य चौबीसों घंटे जारी रहता है। इस काम में बड़ी संख्या में महिला और पुरुष मजदूर शामिल हैं। एक रैक में मौजूद 59 डिब्बों को भरने के लिए लगभग 826 मजदूरों की जरूरत होती है, जो लगातार भारी श्रम करते हुए अपनी जीविका चलाते हैं। लेकिन इस कठिन कार्य के बावजूद उन्हें सुरक्षा के नाम पर लगभग कुछ भी उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। नियमानुसार इस तरह के उच्च जोखिम वाले कार्यों में मजदूरों को दस्ताने, जूते, मास्क और अन्य सुरक्षा उपकरण दिए जाने चाहिए, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। मजदूरों का आरोप है कि ठेकेदार और माइंस प्रबंधन सुरक्षा मानकों की पूरी तरह अनदेखी कर रहे हैं। न केवल सुरक्षा उपकरणों की कमी है, बल्कि पीने के लिए ठंडा पानी तक उपलब्ध नहीं कराया गया है, जिससे भीषण गर्मी में उनकी परेशानी और बढ़ गई है। मजदूरों का कहना है कि उन्हें केवल गर्मी ही नहीं, बल्कि कड़कड़ाती ठंड और बारिश में भी इसी तरह बिना सुरक्षा उपकरणों के काम करना पड़ता है। गिट्टी लोडिंग के दौरान उड़ने वाली बारीक धूल लगातार उनके शरीर और फेफड़ों में जा रही है, जिससे स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ रहा है। कई मजदूरों ने आशंका जताई है कि वे सिलिकोसिस जैसी खतरनाक बीमारी की चपेट में आ सकते हैं, जो लंबे समय में जानलेवा साबित हो सकती है। श्रमिकों में अशोक कोल, प्रेम बाई और वंदना सहित कई मजदूरों ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए बताया कि यह स्थिति वर्षों से बनी हुई है, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। काम के दौरान लगातार दुर्घटना का खतरा बना रहता है, लेकिन मजबूरी में उन्हें इसी हालात में काम करना पड़ रहा है। इस पूरे मामले को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों ने प्रतिक्रिया दी है कि स्थिति को गंभीरता से लिया गया है। उन्होंने कहा है कि जल्द ही माइंस प्रबंधन और संबंधित ठेकेदारों को तलब किया जाएगा और पूरे मामले की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। साथ ही श्रमिकों की सुरक्षा, उन्हें मिलने वाली सुविधाओं और नियमों के पालन की जांच की जाएगी। यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी और समस्या का तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। फिलहाल खन्ना बंजारी साइडिंग पर काम कर रहे मजदूरों की स्थिति प्रशासनिक दावों और जमीनी हकीकत के बीच एक गंभीर सवाल बनकर खड़ी है, जिसका समाधान अब समय की मांग बन चुका है।
कमीशन और प्रताड़ना के खिलाफ व्यापारियों ने उठाई आवाज, जांच की मांग तेज

कटनी । कटनी में फुटकर फल व्यापारियों का गुस्सा सोमवार को खुलकर सामने आ गया जब दर्जनों व्यापारी कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए थोक आढ़तियों की कथित मनमानी तथा नगर निगम की कार्रवाई के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया। फुटकर फल व्यापारी संघ के जिला अध्यक्ष रामराज गुप्ता के नेतृत्व में पहुंचे व्यापारियों ने कलेक्टर आशीष तिवारी को अपनी समस्याओं से अवगत कराया और तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। व्यापारियों का कहना है कि थोक फल आढ़ती लंबे समय से निर्धारित नियमों को ताक पर रखकर अवैध रूप से अतिरिक्त कमीशन वसूल रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश शासन द्वारा कृषि उपज मंडियों में कमीशन प्रथा पर स्पष्ट प्रतिबंध होने के बावजूद आढ़ती ठेला चालकों और फुटकर व्यापारियों से 4 प्रतिशत तक अतिरिक्त राशि वसूल रहे हैं, जिससे छोटे व्यापारियों पर आर्थिक बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है। संघ ने यह भी आरोप लगाया कि हाल ही में 28 मई 2026 को केले के व्यापारियों की एक बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें 11 जून 2026 से 10 रुपये अतिरिक्त कमीशन वसूलने का निर्णय थोप दिया गया। व्यापारियों ने बताया कि इस निर्णय को लेकर दुकानों पर बोर्ड भी लगाए जा चुके हैं, जिससे स्पष्ट होता है कि यह व्यवस्था सुनियोजित तरीके से लागू की जा रही है। फुटकर व्यापारियों का आरोप है कि इस पूरी प्रक्रिया में मंडी सचिव की मिलीभगत से नियमों की अनदेखी की जा रही है। व्यापारियों ने यह भी गंभीर आरोप लगाया कि थोक आढ़ती बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी कर शासन को लाखों रुपये का नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने मांग की कि संबंधित आढ़तियों के बैंक खातों और बही-खातों की गहन जांच कराई जाए, ताकि वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा हो सके। इसके साथ ही संघ ने यह भी कहा कि कमीशन प्रथा को पूरी तरह समाप्त कर फलों की बिक्री केवल पारदर्शी नीलामी प्रक्रिया के माध्यम से की जानी चाहिए, जिससे सभी व्यापारियों को समान अवसर मिल सके। इसी बीच फुटकर व्यापारियों ने नगर निगम की कार्रवाई पर भी नाराजगी जताई। संघ के अध्यक्ष रामराज गुप्ता ने आरोप लगाया कि नगर निगम का अतिक्रमण अमला लगातार छोटे और गरीब ठेला व्यापारियों को अनावश्यक रूप से परेशान कर रहा है। बिना उचित कारण कार्रवाई करने से छोटे व्यापारियों की आजीविका पर संकट खड़ा हो रहा है, जिससे उनका व्यापार प्रभावित हो रहा है। ज्ञापन सौंपने के बाद कलेक्टर आशीष तिवारी ने व्यापारियों की बातों को गंभीरता से सुना और उन्हें आश्वासन दिया कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि मंडी प्रशासन और नगर निगम के अधिकारियों से चर्चा कर वैधानिक और उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। प्रशासन के आश्वासन के बाद भी व्यापारियों में संतोष पूरी तरह दिखाई नहीं दिया, लेकिन उन्होंने उम्मीद जताई कि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान होगा और उन्हें राहत मिलेगी। यह पूरा मामला अब प्रशासनिक जांच के दायरे में आ गया है, जिससे आने वाले दिनों में बड़े फैसले की संभावना जताई जा रही है।
BJP vs Congress MP: जीतू पटवारी पर बीजेपी का पलटवार, ‘मुंगेरीलाल’ कहकर साधा निशाना

HIGHLIGHTS: बीजेपी का पटवारी पर तीखा हमला ‘मुंगेरीलाल’ बयान से बढ़ा विवाद पुराने बयानों पर BJP का पलटवार CM टिप्पणी पर गरमाई सियासत बीजेपी-कांग्रेस में जुबानी जंग तेज BJP vs Congress MP: भोपाल। मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी को लेकर विवादों में आ गई है, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने तीखा हमला बोला है। बीजेपी के प्रदेश सोशल मीडिया संयोजक सुयश त्यागी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर पटवारी को घेरा। उन्होंने कांग्रेस नेता को ‘मुंगेरीलाल’ कहकर संबोधित किया और उनके पुराने बयानों और राजनीतिक टिप्पणियों पर सवाल उठाए हैं। 1 जून से बदलेंगे कई नियम, यूपीआई-ATM और टैक्स सिस्टम में बड़ा बदलाव सोशल मीडिया पोस्ट के बाद बढ़ी सियासी गर्मी सुयश त्यागी ने अपनी पोस्ट में लिखा कि जीतू पटवारी को अब राजनीतिक मर्यादा की याद आ रही है, जबकि पहले उन्होंने कई नेताओं और सार्वजनिक पदों पर बैठे लोगों के लिए विवादित टिप्पणियां की थीं। बीजेपी नेता ने लिखा – जब 2018 के किसान आंदोलन में किसानों को ‘अरे आई जाओ रे तमारी जीजी की तमारी’ कह कर बुलाया था तब गरिमा याद नहीं आई? बीजेपी नेता ने लिखा -पूर्व मंत्री इमरती देवी को जब कहा था कि ‘अब इमरती देवी में वो रस नही बचा ‘ तब ये आंसू कहाँ थे ? बीजेपी नेता ने लिखा -तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को जब कमलनाथ के पैरों की धूल कहा तब तो रोना नही आया न जीतू भैया ? बीजेपी नेता ने कई प्रशासनिक अधिकारियों को लेकर पटवारी के पुराने बयानों का जिक्र करते हुए उन पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। मई में ऑटो सेक्टर की रफ्तार तेज, हुंडई और महिंद्रा ने दर्ज की मजबूत बिक्री वृद्धि मुख्यमंत्री पर टिप्पणी के बाद शुरू हुआ विवाद दरअसल यह विवाद उस समय और बढ़ गया जब जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को लेकर टिपणी की थी। पटवारी ने आरोप लगाया था कि मुख्यमंत्री ने उनके लिए “रद्दी” और “दो कौड़ी का” जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया है। उन्होंने कहा कि यदि किसी विपक्षी नेता के लिए ऐसी भाषा का उपयोग किया जाता है तो यह मर्यादा नहीं है। जीतू पटवारी – मैं कभी CM के लिए अमर्यादित भाषा नहीं बोलूंगा विवाद के बीच जीतू पटवारी ने कहा कि वह मुख्यमंत्री के लिए कभी भी अमर्यादित भाषा का प्रयोग नहीं करेंगे। वहीं बीजेपी नेताओं का कहना है कि कांग्रेस को पहले अपने नेताओं के पुराने बयानों पर आत्मचिंतन करना चाहिए। फिलहाल दोनों दलों के बीच बढ़ती बयानबाजी ने प्रदेश की राजनीति को एक बार फिर गरमा दिया है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी टकराव और बढ़ सकता है। मुंगेरीलाल को रोना आ गया , आये भी क्यों ना,इस बार जवाब उसी भाषा मे मिला जिस भाषा में मुंगेरीलाल को जवाब चाहिए था। प्रदेश अध्यक्ष को गरिमा का तब याद नहीं आया जब उन्होंने ‘ ख़ुद की पार्टी को तेल लेने भेज दिया था ‘ तब गरिमा नही तार तार हुई थी क्या जब 2018 के किसान आंदोलन में… https://t.co/j7VVszlpAY — Suyash Tyagi (@SuyashTyagiBJP) June 1, 2026
20 मिनट की बरसात ने बढ़ाई मुश्किल, निचले इलाके पानी से लबालब

शुजालपुर । शुजालपुर में सोमवार दोपहर मौसम ने अचानक करवट ले ली। करीब 3 बजे के आसपास शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि हुई। पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से लोगों को राहत जरूर मिली, लेकिन कुछ ही मिनटों की इस बारिश ने कई जगहों पर परेशानी भी खड़ी कर दी। करीब 20 मिनट तक चली तेज बारिश के दौरान तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई, जिससे वातावरण में ठंडक फैल गई और लोग राहत महसूस करते दिखे। निचले इलाकों में जलभराव, सड़कें बनी तालाबतेज बारिश के कारण शहर के निचले इलाकों में पानी भर गया। कई जगहों पर सड़कें और गलियां जलमग्न हो गईं, जबकि नालियां उफनती नजर आईं। अचानक आई इस बारिश से सामान्य जनजीवन कुछ समय के लिए प्रभावित रहा और लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा। ओलावृष्टि और आंधी से बढ़ी किसानों की चिंताबारिश के साथ कई क्षेत्रों में ओले भी गिरे, जिससे कृषि क्षेत्रों में नुकसान की आशंका जताई जा रही है। विशेषकर संतरा उत्पादक किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसानों के अनुसार तेज हवाओं के कारण कई बागानों में छोटे फल गिर गए हैं और कुछ जगह पेड़ों की टहनियां टूटने की भी सूचना है। हालांकि नुकसान का सही आकलन मौसम साफ होने के बाद ही हो सकेगा, लेकिन शुरुआती संकेत किसानों के लिए चिंता बढ़ाने वाले हैं। 40 डिग्री की गर्मी के बाद मिली राहतपिछले कुछ दिनों से क्षेत्र में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ था। दोपहर के समय गर्म हवाओं के कारण जनजीवन प्रभावित था। ऐसे में अचानक हुई बारिश ने मौसम को सुहावना बना दिया और लोगों को बड़ी राहत मिली। मौसम विभाग का अनुमान: अगले दो दिन अस्थिर रहेगा मौसममौसम विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमी परिस्थितियों के कारण मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और ओलावृष्टि की संभावना बनी हुई है। अगले एक से दो दिनों तक क्षेत्र में बादल छाए रहने, गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है।
कालापीपल में सियासी तनाव: बयान पर सियासत गरम, प्रदर्शन के दौरान पुलिस-कार्यकर्ता भिड़ंत

कालापीपल । कालापीपल में सोमवार को उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के हालिया बयान के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। यह विरोध मुख्यमंत्री द्वारा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी को लेकर दिए गए बयान के बाद तेज हुआ। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए और मुख्यमंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के बयान को “अशोभनीय” बताते हुए माफी की मांग की और पुतला दहन का प्रयास किया। पुलिस ने रोका पुतला दहन, मौके पर बढ़ा तनावस्थिति तब बिगड़ गई जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से मुख्यमंत्री का पुतला छीन लिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच हल्की झड़प भी हुई। हालात काबू में लाने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया और भीड़ को हटाने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।घटना के दौरान कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण बना रहा, हालांकि अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के बाद स्थिति पर नियंत्रण पा लिया गया। राजनीतिक बयान से भड़की सियासतयह पूरा विवाद मुख्यमंत्री के उस बयान के बाद शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने कहा था-“हम तो अभिनंदन लाल हैं, तुम टपोरी लाल हो।” मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर सरकार के विकास कार्यों का विरोध करने का आरोप लगाते हुए जीतू पटवारी पर भी तीखी टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि ऐसे प्रदेशाध्यक्ष पहले कभी नहीं देखे गए, जिनके कार्यकाल में चुनावी उम्मीदवार भी मैदान छोड़कर चले गए। कांग्रेस की प्रतिक्रिया और मांगकांग्रेस नेताओं ने इस बयान को अपमानजनक बताते हुए मुख्यमंत्री से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। पार्टी कार्यकर्ताओं का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में इस तरह की भाषा स्वीकार्य नहीं है। जमीनी हालात पर प्रशासन की नजरप्रशासन ने घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। पुलिस का कहना है कि किसी भी तरह की अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी और शांति बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
टोस्ट पैकेट में छिपकली मिलने से हड़कंप, खाद्य विभाग ने जांच के लिए भेजे सैंपल

शिवपुरी । शिवपुरी शहर में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक टोस्ट पैकेट के अंदर मरी हुई छिपकली मिलने से हड़कंप मच गया। मामला सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और पैकिंग व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता जताई जा रही है। प्रशासन ने तुरंत शुरू की कार्रवाईघटना की जानकारी मिलते ही खाद्य एवं औषधि प्रशासन (Food and Drug Administration) सक्रिय हो गया और संबंधित ब्रांड के टोस्ट के सैंपल एकत्र किए। इन नमूनों को जांच के लिए भोपाल स्थित खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है, जहां विस्तृत परीक्षण किया जाएगा। सैंपल जांच के लिए भेजे गएमुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और खाद्य विभाग के उप संचालक डॉ. संजय ऋषीश्वर के अनुसार, “शुद्ध बेकरर्स” के “शुद्ध स्पेशल सूजी टोस्ट” के पैकेट का नमूना जांच के लिए लिया गया है। यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत की जा रही है। शिकायत के बाद खुला मामलायह पूरा मामला तब सामने आया जब कृष्ण विहार कॉलोनी निवासी एक व्यक्ति ने शिकायत की कि उसने बच्चों के लिए टोस्ट खरीदा था, जिसमें खोलने पर मरी हुई छिपकली मिली। इसके बाद यह मामला सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया। जांच रिपोर्ट पर टिकी आगे की कार्रवाईअधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। यदि जांच में लापरवाही या गुणवत्ता में कमी पाई जाती है तो संबंधित निर्माता और विक्रेता पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। खाद्य सुरक्षा पर उठे सवालइस घटना के बाद शहर में पैकेज्ड फूड की गुणवत्ता और निरीक्षण व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। लोगों ने मांग की है कि बाजार में बिकने वाले सभी खाद्य उत्पादों की नियमित जांच सुनिश्चित की जाए ताकि इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।
शिवपुरी सीवर ट्रीटमेंट प्लांट में मिला अज्ञात युवक का शव, हत्या की आशंका से सनसनी

शिवपुरी । शिवपुरी जिले के देहात थाना क्षेत्र में स्थित सीवर ट्रीटमेंट प्लांट में सोमवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया जब एक अज्ञात युवक का निर्वस्त्र शव पानी में तैरता हुआ मिला। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को बाहर निकालकर जांच शुरू कर दी। शव की हालत से बढ़ी जांच की चुनौतीपुलिस के अनुसार मृतक पुरुष की उम्र लगभग 30 से 40 वर्ष के बीच आंकी जा रही है। शव पर केवल अंडरवियर मौजूद था, जबकि बाकी शरीर पूरी तरह नग्न अवस्था में मिला। शुरुआती जांच में सामने आया है कि शव लगभग 10 से 15 दिन पुराना हो सकता है, जिसके चलते उसकी पहचान करना बेहद मुश्किल हो गया है। सीवर लाइन से बहकर आने की आशंकासीवर ट्रीटमेंट प्लांट के कर्मचारियों ने पुलिस को बताया कि शव संभवतः किसी सीवर पाइपलाइन के माध्यम से बहकर प्लांट तक पहुंचा है। इसी आधार पर पुलिस सभी संभावित कड़ियों को जोड़कर मामले की जांच कर रही है। हालांकि, पुलिस इस घटना को सिर्फ दुर्घटना नहीं मान रही है। प्रारंभिक आशंका के तहत हत्या की संभावना भी जताई जा रही है। पुलिस का मानना है कि युवक की हत्या कर शव को सीवर लाइन में फेंका गया हो सकता है, जिससे वह बहते हुए ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंच गया। पहचान के लिए पुलिस की कवायद तेजदेहात थाना पुलिस ने शव को जिला अस्पताल की मोर्चरी में सुरक्षित रखवा दिया है। मृतक की पहचान के लिए आसपास के थानों को फोटो और विवरण भेजे गए हैं। पुलिस आसपास के लापता व्यक्तियों की सूची भी खंगाल रही है। अधिकारियों का कहना है कि शव की पहचान होते ही मामले की जांच और तेज की जाएगी। इसके बाद ही मौत के वास्तविक कारण और घटना के पीछे की सच्चाई सामने आ सकेगी। जांच के सभी पहलुओं पर नजरफिलहाल पुलिस इस मामले को संदिग्ध मानकर हर एंगल से जांच कर रही है। फॉरेंसिक टीम की मदद भी ली जा सकती है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि मौत प्राकृतिक है, दुर्घटना है या फिर किसी सुनियोजित हत्या का मामला।
1 जून से बदलेंगे कई नियम, यूपीआई-ATM और टैक्स सिस्टम में बड़ा बदलाव

नई दिल्ली। नए महीने की शुरुआत के साथ ही देश की वित्तीय व्यवस्था में कई अहम बदलाव लागू हो गए हैं, जिनका असर आम लोगों की रोजमर्रा की बैंकिंग, डिजिटल भुगतान और टैक्स से जुड़ी गतिविधियों पर पड़ेगा। इन बदलावों का उद्देश्य डिजिटल लेनदेन को अधिक सुरक्षित बनाना और वित्तीय प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाना बताया जा रहा है। डिजिटल पेमेंट सिस्टम में सुरक्षा सख्Unified Payments Interface (UPI) के तहत अब लेनदेन सुरक्षा को और मजबूत किया जा रहा है। बड़े ट्रांजैक्शन के लिए अतिरिक्त वेरिफिकेशन जैसे बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट/फेस रिकग्निशन) और डिवाइस-बेस्ड ऑथेंटिकेशन लागू किए जा सकते हैं।इसके साथ ही अब पेमेंट करने से पहले लाभार्थी का सत्यापित नाम दिखेगा, जिससे गलत खाते में पैसे जाने की आशंका कम होगी। ATM निकासी नियमों में बदलावअब यूपीआई आधारित कार्डलेस ATM निकासी को बैंक की मासिक फ्री लिमिट में शामिल किया जाएगा। लिमिट पार करने पर अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है, ठीक वैसे ही जैसे डेबिट कार्ड निकासी पर लागू होता है। टैक्स और पैन से जुड़े नए नियम15 जून तक वित्त वर्ष 2026-27 के लिए एडवांस टैक्स की पहली किस्त जमा करनी होगी। जिनकी टैक्स देनदारी 10,000 रुपये से अधिक है, उन्हें अनुमानित टैक्स का 15% भुगतान करना अनिवार्य होगा। इसके अलावा नकद लेनदेन और पैन कार्ड नियमों में भी बदलाव किया गया है अब बड़े नकद जमा और संपत्ति लेनदेन के लिए रिपोर्टिंग सीमा को संशोधित किया गया है। LPG और ईंधन कीमतों में बदलाव1 जून से कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली में 19 किलो सिलेंडर की कीमत बढ़कर 3,113.50 रुपये हो गई है। अन्य शहरों में भी 40–50 रुपये तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। RBI की बैठक पर नजरइस महीने होने वाली Reserve Bank of India की मौद्रिक नीति समिति (MPC) बैठक भी महत्वपूर्ण होगी। रेपो रेट और महंगाई पर फैसले का असर होम लोन EMI, FD रिटर्न और बाजार पर पड़ सकता है। अन्य संभावित बदलावरिपोर्ट्स के अनुसार EPFO सिस्टम में भी बदलाव की तैयारी है, जिससे भविष्य में PF निकासी UPI के जरिए संभव हो सकती है।