ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर और सांसद भारत सिंह कुशवाह की मौजूदगी में हुई बैठक में इस प्रस्ताव पर सहमति बनी। बस ऑपरेटर्स यूनियन ने भी इस नई व्यवस्था को स्वीकार कर लिया है, जिससे इसके लागू होने का रास्ता साफ हो गया है।
नई व्यवस्था के अनुसार, ग्वालियर से भिंड और मुरैना जाने वाली बसें पहले पुराने बस स्टैंड से संचालित होंगी, लेकिन यात्रियों को बोर्डिंग के लिए उन्हें नए ISBT तक जाना अनिवार्य होगा। इसके बाद सभी बसें नए टर्मिनल से यात्रियों को लेकर अपने गंतव्य की ओर रवाना होंगी। किसी भी बस को शहर के बीच से सीधे बायपास मार्ग का उपयोग करने की अनुमति नहीं होगी।
धीरे-धीरे इस व्यवस्था का विस्तार किया जाएगा और अन्य रूटों की बसों को भी नए ISBT से संचालित किया जाएगा। प्रशासन का उद्देश्य शहर के मध्य क्षेत्र में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करना है।
इसके साथ ही दिल्ली, जयपुर, इंदौर, भोपाल सहित अन्य बड़े शहरों के लिए चलने वाली सभी निजी स्लीपर और वीडियो कोच बसों को भी नए ISBT से शिफ्ट किया जाएगा। जिला प्रशासन इस संबंध में बस संचालकों के साथ अलग से बैठक कर विस्तृत योजना तैयार करेगा।
स्मार्ट सिटी योजना के तहत संचालित लोक परिवहन सेवा ‘द सूत्र’ का मुख्य संचालन केंद्र भी अब नए ISBT को बनाया जाएगा। इससे शहर के विभिन्न हिस्सों में बस सेवाओं का बेहतर विस्तार संभव होगा।
यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पुराने बस स्टैंड और नए ISBT के बीच ऑटो, ई-रिक्शा और अन्य सार्वजनिक वाहनों के किराए भी निर्धारित किए जाएंगे। साथ ही अवैध रूप से चल रहे डग्गामार वाहनों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि करोड़ों रुपये की लागत से बने आधुनिक ISBT का उद्देश्य शहर को बेहतर यातायात सुविधा देना है। उन्होंने कहा कि इस कदम से ग्वालियर को जाम की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी।
वहीं सांसद भारत सिंह कुशवाह ने इसे शहर की जरूरत बताते हुए कहा कि पुराने बस स्टैंड के कारण शहर के बीचों-बीच ट्रैफिक दबाव लगातार बढ़ रहा था। नए बस टर्मिनल से यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और यातायात व्यवस्था अधिक सुगम होगी।
कलेक्टर रुचिका चौहान ने स्पष्ट किया है कि 15 जून से यह व्यवस्था हर हाल में लागू कर दी जाएगी। इसके लिए प्रमुख मार्गों पर अस्थायी पिकअप और ड्रॉप पॉइंट भी बनाए जाएंगे, ताकि यात्रियों को किसी तरह की परेशानी न हो।
प्रशासन का दावा है कि यह बदलाव ग्वालियर की ट्रैफिक व्यवस्था को नए स्तर पर ले जाएगा और शहर को जाम की समस्या से काफी हद तक राहत मिलेगी।