MP News : भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर 2025 से शुरू होगा। यह सत्र पांच दिन चलेगा और 5 दिसंबर को समाप्त होगा। अधिकारियों के मुताबिक, सत्र के दौरान कुल चार बैठकें होंगी।
सरकारी अधिसूचना के अनुसार, सत्र की शुरुआत सोमवार 1 दिसंबर को होगी। इसके बाद 3 दिसंबर को भोपाल गैस त्रासदी की बरसी के चलते सदन की कार्यवाही स्थगित रहेगी। सत्र 4 दिसंबर से दोबारा शुरू होकर 5 दिसंबर तक चलेगा।
राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि इस सत्र में विपक्ष सरकार को घेरने की पूरी कोशिश करेगा। कांग्रेस किसानों की आत्महत्याओं, दलितों पर अत्याचार और अन्य सामाजिक मुद्दों को जोरदार तरीके से उठाने की तैयारी में है।
विपक्ष गुना जिले में किसान की थार नदी में कुचलकर हत्या और उसकी बेटियों के साथ मारपीट जैसे मामलों को भी सदन में उठा सकता है। वहीं, दमोह के विवादास्पद ‘पैर धोने’ प्रकरण पर भी बहस होने की संभावना है, जिसमें एक आदिवासी को कथित रूप से एक ब्राह्मण के पैर धोने और उसका पानी पीने के लिए मजबूर किया गया था।
इसके अलावा, पिछली बार मानसून सत्र में विपक्ष ने बेरोज़गारी, ओबीसी आरक्षण, नशीली दवाओं की तस्करी और उर्वरक की कमी जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरा था। अब शीतकालीन सत्र में भी विपक्ष सरकार से तीखे सवाल पूछने के मूड में है।
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