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रिवॉर्ड रिडीम करने का मैसेज पड़ा भारी, युवती के मोबाइल पर साइबर ठगों ने किया बड़ा हाथ साफ


मध्य प्रदेश । इंदौर में साइबर अपराध का एक और मामला सामने आया है, जहां रिवॉर्ड प्वाइंट रिडीम करने के नाम पर एक युवती को लाखों रुपए की चपत लगा दी गई। साइबर ठगों ने बैंक के नाम से फर्जी मैसेज भेजकर पहले युवती को अपने झांसे में लिया और फिर उसके बैंक खाते से करीब 1.76 लाख रुपए निकाल लिए। मामले की शिकायत के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

एमआईजी थाना पुलिस के अनुसार खजराना मेन रोड क्षेत्र निवासी प्रियंका सोनी ने शिकायत दर्ज कराई है कि 24 मई को उनके मोबाइल पर एक्सिस बैंक के नाम से एक मैसेज आया था। मैसेज में बताया गया था कि उनके खाते में रिवॉर्ड प्वाइंट उपलब्ध हैं, जिन्हें रिडीम किया जा सकता है। इसके लिए एक लिंक भी भेजा गया था, जिसे बैंक की आधिकारिक वेबसाइट जैसा बताया गया।

विश्वास में आकर प्रियंका ने लिंक खोला और उसमें अपना मोबाइल नंबर दर्ज कर दिया। इसके कुछ ही देर बाद उनके मोबाइल पर एक ओटीपी आया। जैसे ही उन्होंने ओटीपी दर्ज किया, उनका मोबाइल फोन अचानक काम करना बंद कर गया। उस समय उन्हें किसी बड़े साइबर फ्रॉड का अंदेशा नहीं हुआ।

घटना के कुछ दिन बाद 30 मई को उनके मोबाइल पर तीन अलग-अलग ट्रांजेक्शन से जुड़े संदेश प्राप्त हुए। इन संदेशों में बताया गया कि उनके बैंक खाते से 24 मई को करीब 49 हजार रुपए, 26 मई को 99 हजार रुपए और 28 मई को लगभग 28 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए हैं। कुल मिलाकर उनके खाते से करीब 1 लाख 76 हजार रुपए निकाल लिए गए।

जब प्रियंका ने अपने बैंक खाते और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन की जानकारी जांची तो पता चला कि रकम अलग-अलग यूपीआई आईडी के माध्यम से ट्रांसफर की गई है। इसके बाद उन्होंने परिजनों को पूरी जानकारी दी और साइबर सेल से संपर्क किया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस अब उन बैंक खातों और यूपीआई आईडी की जानकारी जुटा रही है, जिनमें यह रकम ट्रांसफर की गई। साथ ही फर्जी वेबसाइट और साइबर गिरोह तक पहुंचने के लिए तकनीकी जांच भी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि साइबर अपराधी लगातार नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को ठगने का प्रयास कर रहे हैं, इसलिए किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने या ओटीपी साझा करने से पहले पूरी सावधानी बरतना जरूरी है।

विशेषज्ञों का कहना है कि बैंक कभी भी मैसेज या फोन के जरिए ओटीपी, पासवर्ड या संवेदनशील जानकारी नहीं मांगते। ऐसे किसी भी संदेश की सत्यता की पुष्टि किए बिना उस पर कार्रवाई करना भारी नुकसान का कारण बन सकता है।

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