MP Common Civil Code Bill: भोपाल। समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर मध्यप्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार बड़ा फैसला लिया है। आगामी मानसून सत्र में इस प्रस्ताव को लाने की पूरी तैयारी कर ली गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस बात की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार कई महत्वपूर्ण और समसामयिक विषयों के साथ सत्र में उतर रही है।
उन्होंने भरोसा जताया कि बाबा महाकाल की कृपा से UCC विधेयक इसी सत्र में पारित किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने इसे ‘एक देश, एक कानून’ की राष्ट्रीय भावना से जोड़ा और कहा कि प्रदेश तेजी से इस दिशा में कदम बढ़ा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने नीट परीक्षा की तैयारी और परीक्षार्थियों को सही सुविधा देने के निर्देश भी दिए हैं।
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विधानसभा सत्र में UCC विधेयक होगा पेश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट किया कि सरकार समान नागरिक संहिता को लेकर गंभीर रूप से सोच रही है और इसे मानसून सत्र में पेश भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि देश में एक समान कानून लागू करने की भावना में कुछ भी गलत नहीं है और यह समाज में समानता लाने का महत्वपूर्ण प्रयास है।
UCC कमेटी का किया गठन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की संभावनाओं का अध्ययन करने और इसका मसौदा तैयार करने के लिए राज्य सरकार ने 6 सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति गठित की है।
अप्रैल में गठित इस समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं। समिति में प्रशासन, कानून, शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों को भी शामिल किया गया है।
गठित कमेटी ने राज्यभर से लिए सुझाव
समान नागरिक संहिता को लेकर गठित समिति ने प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में जाकर आम लगों से उनकी राय ली यही नहीं, बल्कि इसके लिए एक ऑनलाइन पोर्टल भी शुरु किया गया था जिसके जरिये लोगों ने अपने विचार साझा किए।
60 दिनों के भीतर ड्राफ्ट बिल सौंपने की जिम्मेदारी
समिति को गठन के 60 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट और ड्राफ्ट बिल सरकार को सौंपने की जिम्मेदारी दी गई थी। विभिन्न वर्गों से मिले सुझावों और चर्चाओं के आधार पर अब मसौदे को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
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पहले ही तीन राज्यों में लागू
सीएम ने बताया कि उत्तराखंड, गुजरात और असम जैसे राज्यों में पहले से ही UCC लागू किया जा चुका है, और अब मध्यप्रदेश भी इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि एमपी जल्द ही इस कानून को लागू करने वाला अगला राज्य बन सकता है।
नीट परीक्षा को लेकर भी दिए निर्देश
नीट परीक्षा को लेकर भी मुख्यमंत्री ने प्रशासन को कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में परीक्षार्थी को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए और यातायात व्यवस्था सुचारू रूप से सही किया जाए।
NEET परीक्षा के सफल आयोजन के लिए मध्यप्रदेश सरकार पूरी तत्परता कार्य कर रही है। सभी परीक्षा केंद्रों पर विद्यार्थियों के लिए आवश्यक सुविधाएं और बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।
परीक्षा में शामिल होने जा रहे सभी विद्यार्थियों को अग्रिम शुभकामनाएं : CM@DrMohanYadav51… pic.twitter.com/c7i3OuKPqu
— Chief Minister, MP (@CMMadhyaPradesh) June 17, 2026