Chambalkichugli.com

MORENA VIRAL NURSE VIDEO: नर्स ने भाजपा नेता को फेंककर मारी बोतल, बोला-नौकरी से निकलवा दूंगा

MORENA NURSE VIDEO VIRAL

MORENA VIRAL NURSE VIDEO: मुरैना। जिला अस्पताल में ड्रिप लगाने को लेकर ड्यूटी पर तैनात नर्स और दो युवकों के बीच विवाद हो गया। नर्स का आरोप है कि युवकों ने खुद को भाजपा से जुड़ा बताते हुए कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना के साथ अपनी तस्वीर दिखाई। साथ ही अभद्र टिप्पणियां कीं और नौकरी से हटवाने की धमकी भी दी।

दूसरी ओर युवकों का आरोप है कि नर्स इलाज में लापरवाही बरत रही थी। उनका कहना है कि शिकायत करने पर नर्स ने उनसे अभद्र व्यवहार किया और गुस्से में ड्रिप की बोतल उनकी ओर फेंक दी। घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

शुजालपुर-पचोर मार्ग पर भीषण सड़क हादसा: स्कॉर्पियो-बाइक की टक्कर में चार गंभीर घायल, एंबुलेंस न मिलने से बढ़ी परेशानी

पहले ड्रिप लगाने पर शुरू हुआ विवाद

मामला गुरुवार का बताया जा रहा है जहां दोपहर ड्यूटी नर्स एक गंभीर मरीज का इलाज कर रही थी। इसी दौरान पहले से भर्ती एक मरीज का भतीजा राहुल दंडोतिया वहां पहुंचा और अपने चाचा को पहले ड्रिप लगाने की मांग करने लगा।

नर्स ने जवाब दिया – पहले गंभीर मरीज को देखना ज्यादा जरुरी है, इनको ड्रिप लगाने के बाद में लगा दूंगी।

लेकिन युवक नहीं मन और बार-बार अपने मरीज को ड्रिप लगाने की बात करता रहा। कुछ देर बाद राहुल का एक और साथी भी वहां पहुंच गया। दोनों युवकों ने नर्स पर दबाव बनाना शुरू कर दिया।

इस पर नर्स ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि उन्हें इतनी जल्दी है तो वे मरीज को निजी अस्पताल ले जा सकते हैं। सरकारी अस्पताल में गंभीर मरीजों को प्राथमिकता देना जरूरी होता है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का प्रेरक जीवन सफर: आदिवासी गांव से देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचने की अद्भुत कहानी

वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई

नर्स का आरोप है कि युवक ने पहले अपने आप को नेता बताया और फिर नौकरी से निकलवाने की धमकी देने लगा। इस दौरान दूसरे युवक ने मोबाइल निकलकर वीडियो बनाना शुरू कर दिया। नर्स का कहना है कि रिकॉर्डिंग होने और बहस बढ़ने के बीच वह आपा खो बैठी और उसने ड्रिप की बोतल युवक की ओर फेंक दी।

उत्कर्ष आत्महत्या केस में नया मोड़: पत्नी रिया समेत पांच लोगों पर FIR, जमानत के लिए फर्जी दस्तावेज पेश करने का आरोप

मामले की जांच के आदेश

सिविल सर्जन डॉ. गजेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि उस समय वार्ड में एक गंभीर मरीज लाया गया था, इसलिए उसे प्राथमिकता देना जरूरी था। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय टीम गठित कर दी गई है, जो तीन दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विवाद के लिए किस पक्ष की कितनी जिम्मेदारी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Popular News