मैच की शुरुआत से ही भारतीय बल्लेबाजों ने आक्रामक रुख अपनाया और शुरुआती ओवरों में ही स्कोरबोर्ड को तेजी से आगे बढ़ाया। सबसे ज्यादा चर्चा में रहे युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी, जिन्होंने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से पूरी पारी का रुख बदल दिया। उन्होंने महज कुछ ही गेंदों में गेंदबाजों पर दबाव बना दिया और चौके-छक्कों की बरसात कर दी।
वैभव ने बेहद आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए ताबड़तोड़ फिफ्टी पूरी की और श्रीलंकाई गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया। उनकी पारी में लंबे-लंबे छक्के और क्लासिक चौके शामिल रहे, जिससे दांबुला का मैदान भारतीय समर्थकों की तालियों से गूंज उठा। हालांकि, अर्धशतक पूरा करने के बाद वह एक बड़े शॉट की कोशिश में आउट हो गए, लेकिन तब तक वह टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा चुके थे।
उनके आउट होने के बाद भी इंडिया-ए की रन गति पर ज्यादा असर नहीं पड़ा और टीम के अन्य बल्लेबाजों ने भी स्कोर को आगे बढ़ाने की कोशिश जारी रखी। प्रियांश आर्य ने भी उपयोगी पारी खेली, लेकिन वह ज्यादा देर टिक नहीं सके और पवेलियन लौट गए। इसके बावजूद भारत की शुरुआत इतनी मजबूत रही कि टीम बड़े स्कोर की ओर बढ़ती दिखी।
इससे पहले ट्राई सीरीज में दोनों टीमों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला था, जहां दोनों ने एक-एक मैच जीता था। फाइनल से पहले दोनों टीमों का प्रदर्शन लगभग बराबर रहा, जिससे यह खिताबी मुकाबला और भी रोमांचक बन गया है।
इंडिया-ए की संभावित प्लेइंग इलेवन में तिलक वर्मा, ऋतुराज गायकवाड़ और वैभव सूर्यवंशी जैसे युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का मिश्रण है, जबकि श्रीलंका-ए की टीम भी संतुलित नजर आ रही है।
अब देखना दिलचस्प होगा कि इंडिया-ए इस मजबूत शुरुआत को कितने बड़े स्कोर में बदल पाती है और क्या श्रीलंका-ए की टीम वापसी कर पाती है या नहीं। मैच का रोमांच लगातार बढ़ता जा रहा है और फैंस की नजरें हर गेंद पर टिकी हुई हैं।