नई दिल्ली । मध्य पूर्व में चल रहे तनाव को कम करने और अमेरिका-ईरान के बीच जारी कूटनीतिक वार्ता को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से स्विट्जरलैंड में एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय डिप्लोमैटिक घटनाक्रम देखने को मिला है। इस बातचीत के अगले चरण के लिए ईरान और अमेरिका के प्रतिनिधिमंडल पहले ही स्विट्जरलैंड पहुंच चुके हैं, और अब इस प्रक्रिया में पाकिस्तान की भी एंट्री ने वैश्विक ध्यान खींच लिया है।
जानकारी के अनुसार, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल असीम मुनीर का प्रतिनिधिमंडल भी स्विट्जरलैंड पहुंच चुका है। स्विस विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि वह अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते को लागू कराने की प्रक्रिया में एक मध्यस्थ की भूमिका निभाने जा रहा है।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में बताया गया है कि शहबाज शरीफ अपने उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ ज्यूरिख पहुंचे हैं और वे बर्गेनस्टॉक में होने वाली अहम वार्ता में हिस्सा लेंगे। इस बैठक का उद्देश्य अमेरिका और ईरान के बीच हुए ज्ञापन समझौते को आगे लागू करने पर चर्चा करना बताया गया है।
इस बीच, अमेरिका की ओर से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भी इस वार्ता के लिए स्विट्जरलैंड पहुंच चुके हैं, जबकि ईरानी प्रतिनिधिमंडल पहले ही वहां मौजूद है। ईरान की तरफ से इस बातचीत को “मिनाब 168” कोडनेम के तहत संचालित किया जा रहा है।
स्विस विदेश मंत्रालय ने पहले ही इस वार्ता को लेकर कहा था कि वह दोनों पक्षों के बीच एक सुरक्षित और भरोसेमंद माहौल उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि बातचीत बिना किसी बाधा के आगे बढ़ सके।
हालांकि यह वार्ता पहले निर्धारित समय पर शुरू नहीं हो सकी थी, लेकिन अब सभी प्रमुख पक्षों की मौजूदगी के साथ इसके आगे बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
फिलहाल पूरी दुनिया की नजर इस हाई-लेवल डिप्लोमैटिक मीटिंग पर टिकी हुई है, क्योंकि इसमें न केवल अमेरिका-ईरान संबंधों का भविष्य तय हो सकता है, बल्कि मध्य पूर्व की क्षेत्रीय स्थिरता पर भी इसका बड़ा असर पड़ने की संभावना है।