इस मुकाबले में पुर्तगाल के स्टार फॉरवर्ड क्रिस्टियानो रोनाल्डो और युवा सनसनी गोंसालो रामोस ने अपनी टीम के लिए सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मैच की शुरुआत से ही क्रोएशिया के मजबूत डिफेंस ने पुर्तगाली आक्रमण को रोकने की हरसंभव कोशिश की और ल्यूका मॉड्रिच के नेतृत्व में कुछ बेहतरीन काउंटर-अटैक भी किए। खेल के अधिकांश समय दोनों टीमें एक-दूसरे पर बढ़त बनाने के लिए संघर्ष करती रहीं और मुकाबला बराबरी पर चलता रहा। मैदान पर मौजूद दर्शकों को एक बेहद कड़ा और रक्षात्मक खेल देखने को मिल रहा था, जहां कोई भी टीम गलती करने को तैयार नहीं थी।
मैच के अंतिम मिनटों में पुर्तगाल ने अपने आक्रमण को और तेज किया, जिसका नेतृत्व स्वयं क्रिस्टियानो रोनाल्डो कर रहे थे। रोनाल्डो के बेहतरीन पासिंग गेम और मैदान पर उनकी जादुई उपस्थिति ने क्रोएशियाई रक्षकों पर भारी दबाव बना दिया। इसी दबाव का फायदा उठाते हुए गोंसालो रामोस ने विपक्षी टीम के खेमे में तहलका मचा दिया और अंतिम सीटी बजने से ठीक पहले एक शानदार मैदानी गोल दागकर अपनी टीम को निर्णायक बढ़त दिला दी। क्रोएशिया की टीम इस अप्रत्याशित गोल के बाद संभलने का मौका भी नहीं पा सकी और निर्धारित समय समाप्त होने के साथ ही मुकाबला पुर्तगाल के पक्ष में चला गया।
क्रोएशियाई टीम के लिए यह हार बेहद निराशाजनक रही, क्योंकि उनके अनुभवी खिलाड़ियों ने मैच को अतिरिक्त समय में खींचने और पेनल्टी शूटआउट तक ले जाने की पूरी रणनीति बना ली थी। अंतिम पलों में रक्षापंक्ति की एक छोटी सी चूक ने उनकी पूरी मेहनत पर पानी फेर दिया। इस जीत के साथ ही पुर्तगाल ने टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में अपनी जगह सुरक्षित कर ली है। अब फुटबॉल प्रशंसकों की निगाहें पुर्तगाल और स्पेन के बीच होने वाले महामुकाबले पर टिक गई हैं, जिसे इस विश्व कप का सबसे बड़ा और कड़ा मुकाबला माना जा रहा है।