HIGHLIGHTS:
- जांच से मचा हड़कंप
- 80% सेंटरों में खामियां
- 3-4 दिन का अल्टीमेटम
- बेसमेंट कोचिंग रडार पर
- सरकारी शिक्षकों पर सवाल
COACHING CENTRE BANNED: मध्यप्रदेश। मुरैना में शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने कोचिंग सेंटर पर कार्रवाई करते हुए कईं संस्थानों को बंद कर दिया है। विभागीय अधिकारियों के पहुंचते ही कई कोचिंग संचालक अपनी क्लास बंद कर भाग निकले।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि शहर के लगभग 80 प्रतिशत कोचिंग संस्थानों में आवश्यक सुविधाओं ही उपलब्ध नहीं है। जिसके चलते संबंधित संचालकों को 3 से 4 दिन का अल्टीमेटम दिया गया है।
इन सुविधाओं को फॉलो करना जरुरी
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी कोचिंग संस्थानों में सुरक्षित प्रवेश और निकास मार्ग, अग्निशमन यंत्र, सुरक्षित विद्युत व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल, शौचालय, पर्याप्त रोशनी, वेंटिलेशन और अन्य मूलभूत सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध करानी होंगी।
विभाग ने खासतौर पर बेसमेंट में संचालित कोचिंग संस्थानों को भी चेतावनी दी है कि तय समय के भीतर सभी मानकों का पालन नहीं किया गया तो उनपर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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पहले कोचिंग में पढ़ते हैं, फिर स्कूल जाते हैं शिक्षक
निरीक्षण के दौरान कुछ कोचिंग शिक्षकों ने एक और अहम मुद्दा उठाया। उनका कहना था कि कई सरकारी स्कूलों में पदस्थ शिक्षक सुबह 7 से 10 बजे तक निजी कोचिंग में पढ़ाने के बाद स्कूल पहुंचते हैं। उन्होंने मांग की कि यदि कोचिंग संस्थानों पर नियम लागू किए जा रहे हैं तो ऐसे सरकारी शिक्षकों की भी निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की जाए।
दोबारा होगा निरीक्षण
शिक्षा विभाग ने सभी कोचिंग संचालकों को चेतावनी दी है कि तय समय सीमा पूरी होने के बाद दोबारा निरीक्षण किया जाएगा। यदि किसी संस्थान में फिर भी नियमों का उल्लंघन पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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भोपाल में भी किया बैन
बता दें कि इससे पहले एमपी ककी राजधानी भोपाल में भी कई कोचिंग सेंटरों को बैन किया गया है। जिनमें एमपी नगर स्थित अनअकेडमी और दुर्रानी कोचिंग संस्थान का नाम शामिल है। दोनों संस्थानों में अग्नि सुरक्षा से जुड़ी गंभीर कमियां मिलने के बाद पहले नोटिस दिया गया था, लेकिन निर्धारित समय में सुधार नहीं होने पर यह कार्रवाई की गई।