कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट और इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने डॉ. मुखर्जी के व्यक्तित्व और कृतित्व को याद करते हुए कहा कि उनका संपूर्ण जीवन राष्ट्र सेवा, सांस्कृतिक गौरव, लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रीय एकता के लिए समर्पित रहा। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी के विचार आज भी देश को मजबूत और संगठित बनाने की प्रेरणा देते हैं।
इस अवसर पर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि एमआर-4 मास्टर प्लान के तहत शास्त्री ब्रिज के नीचे से बाणगंगा रेलवे क्रॉसिंग तक जाने वाली सड़क का नामकरण डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह निर्णय राष्ट्र के प्रति उनके योगदान और बलिदान को सम्मान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।
कार्यक्रम के दौरान मौजूद जनप्रतिनिधियों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी डॉ. मुखर्जी के राष्ट्रवादी विचारों को याद करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि उन्होंने देश की एकता और अखंडता की रक्षा के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया और उनका त्याग आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में विधायक रमेश मेंदोला, पूर्व महापौर कृष्ण मुरारी मोघे, भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा, स्वास्थ्य प्रभारी अश्विनी शुक्ल, पार्षद कमल वाघेला सहित कई जनप्रतिनिधि, पार्टी पदाधिकारी, पार्षद और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने पुष्प अर्पित कर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के राष्ट्र निर्माण में दिए गए योगदान को श्रद्धापूर्वक याद किया और उनके आदर्शों को समाज तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया।