यह पूरा मामला बेंगलुरु की एक मजिस्ट्रेट अदालत के समक्ष चल रहा है। शुक्रवार को अभिनेता प्रकाश राज खुद जज के सामने व्यक्तिगत रूप से पेश हुए। उनके वकील के माध्यम से अदालत में एक विशेष याचिका दायर की गई, जिसमें पूर्व में जारी किए गए गैर-जमानती वारंट को वापस लेने और जमानत देने का अनुरोध किया गया था। अदालत ने बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद प्रकाश राज को 4000 रुपये की नकद सिक्योरिटी जमा करने के निर्देश के साथ सशर्त जमानत मंजूर कर ली।
अदालती कार्यवाही के दौरान प्रकाश राज के कानूनी सलाहकार ने स्पष्ट किया कि उनके मुवक्किल को पूर्व में जारी किया गया कोई भी आधिकारिक वारंट प्राप्त नहीं हुआ था। अभिनेता किसी कानूनी अवहेलना के इरादे से नहीं, बल्कि मीडिया में इस संबंध में प्रकाशित खबरों को देखने के बाद स्वतः ही जिम्मेदारी लेते हुए अदालत के समक्ष उपस्थित हुए हैं। इससे पहले, बेंगलुरु के एक स्थानीय वकील के. दिलीप कुमार द्वारा दायर की गई निजी शिकायत के आधार पर अदालत ने गत 12 जून को अभिनेता के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया था।
अभिनेता पर लगाए गए आरोपों के अनुसार, उन पर कर्नाटक समेत देश के तीन अलग-अलग राज्यों की चार विभिन्न मतदाता सूचियों में नाम दर्ज कराने का गंभीर आरोप है। शिकायतकर्ता ने अपनी 2023 की याचिका में विस्तार से बताया था कि प्रकाश राज का नाम बेंगलुरु के शांतिनगर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में शामिल होने के साथ-साथ तमिलनाडु के चेन्नई स्थित वेलाचेरी विधानसभा क्षेत्र और तेलंगाना के सेरिलिंगमपल्ली विधानसभा क्षेत्र की वोटर लिस्ट में भी दर्ज पाया गया था।
इस मामले के इतिहास पर नजर डालें तो शिकायतकर्ता ने सबसे पहले अप्रैल 2019 में इस विसंगति को लेकर संबंधित पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी। हालांकि, पुलिस स्तर पर कोई ठोस दंडात्मक कार्रवाई न होने के कारण उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया। मजिस्ट्रेट अदालत ने साल 2023 में इस शिकायत पर संज्ञान लेते हुए मामले की नियमित सुनवाई शुरू की और अभिनेता को समन जारी करने के आदेश दिए। समन तामील होने के बावजूद जब प्रकाश राज अदालत में उपस्थित नहीं हुए, तब न्यायालय को उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करने का कड़ा कदम उठाना पड़ा था। फिलहाल जमानत मिलने से उन्हें इस मामले में फौरी तौर पर राहत मिल गई है।